भाजपा सांसदों ने पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक का किया समर्थन

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भाजपा सांसदों ने पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक का किया समर्थन

सारांश

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर आयोजित सर्वदलीय बैठक में भाजपा सांसदों ने सरकार की पहल की सराहना की। शशांक मणि त्रिपाठी ने इसे राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। जानें इस बैठक की मुख्य बातें और राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

सर्वदलीय बैठक का आयोजन पश्चिम एशिया के संकट पर किया गया।
भाजपा सांसदों ने सरकार की पहल का समर्थन किया।
शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया।
गुजरात में यूसीसी बिल का पारित होना अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है।
सभी दलों के सुझावों को शामिल किया जाएगा।

नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक को लेकर सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने सरकार की पहल का समर्थन किया है। इसे राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है। भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इस विषय पर संसद में जानकारी दे चुके हैं।

भाजपा के शशांक मणि त्रिपाठी ने संसद के बाहर राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि दो दिन पहले लोकसभा में प्रधानमंत्री ने अपने बयान के माध्यम से पूरे देश को पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात से अवगत कराया था। इस संकट की घड़ी में सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जिस तरह देश ने एकता दिखाई थी, उसी प्रकार इस वैश्विक संकट में भी सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। सर्वदलीय बैठक का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है, जिसमें सभी दलों के सुझाव लिए जाएंगे।

गुजरात विधानसभा द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल के पारित होने पर शशांक त्रिपाठी ने इसे सकारात्मक कदम बताया। उनका कहना है कि यदि गुजरात ने यह पहल की है, तो अन्य राज्यों को भी इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे कानून से देश में समानता और न्याय की भावना को मजबूती मिलेगी।

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर भाजपा सांसद त्रिपाठी ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से युद्ध में विराम की आशा जगी है।

शशांक त्रिपाठी के अनुसार, प्रधानमंत्री पहले ही मध्य-पूर्व के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से संवाद कर चुके हैं और शांति स्थापित करने के लिए भारत की भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और अन्य देशों के बीच चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।

उन्होंने कहा कि मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत से यह संकेत मिलता है कि युद्ध पर विराम संभव है। सर्वदलीय बैठक में सभी विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है ताकि भारत की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की जा सके।

इस बीच भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति का पर्याप्त ज्ञान नहीं है और उनके बयान वास्तविकता से परे हैं। शर्मा का दावा है कि आज पूरी दुनिया भारत की ताकत को स्वीकार कर रही है, जबकि विपक्ष देश की प्रगति को कमतर दिखाने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विभिन्न दलों को एकजुट होकर वैश्विक संकट पर चर्चा करने का मौका मिलता है। यह बैठक न केवल राजनीतिक सहमति को दर्शाती है, बल्कि राष्ट्रीय एकता की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य क्या है?
सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक दलों के सुझाव लेना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
भाजपा सांसदों ने बैठक का समर्थन क्यों किया?
भाजपा सांसदों ने इसे राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर जानकारी दी थी।
राष्ट्र प्रेस