केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने में की देरी: तारिक अनवर
सारांश
Key Takeaways
- सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता पर जोर
- केंद्र सरकार द्वारा की गई देरी पर सवाल
- मिडिल ईस्ट में युद्ध का वैश्विक प्रभाव
- भारत की संसद की भूमिका
- शांति और संवाद की आवश्यकता
नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने में की गई देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बैठक को बुलाने में अत्यधिक समय बर्बाद किया है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमारी सरकार के अधिकांश कामों में देरी होती है। यह सरकार सोचने में बहुत समय लगाती है, जिससे उसकी प्रासंगिकता कम होती जा रही है।
सर्वदलीय बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह कदम पहले उठाना चाहिए था, जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू हुआ था।
तारिक अनवर ने कहा कि जो युद्ध चल रहा है, उसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। सभी को उम्मीद थी कि हमारी सरकार इस संकट के समय में युद्ध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि जब युद्ध के इतने दिन बीत चुके हैं, तो अब सरकार को यह समझ में आया है कि सभी राजनीतिक दलों को एक साथ लाना चाहिए। लेकिन, मैं यह कहना चाहता हूं कि सर्वदलीय बैठक बुलाने में बहुत देर हो चुकी है, और इसका भविष्य में कितना लाभ होगा, यह तो समय ही बताएगा। वर्तमान समय काफी कठिन है और देश संकट के दौर से गुजर रहा है।
राज्यसभा में पीएम मोदी के संबोधन पर तारिक अनवर ने कहा कि उनका संबोधन निष्पक्ष नहीं था।
गौरतलब है कि राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के अधिकांश देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत की है। हम गल्फ के सभी देशों के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य क्षेत्र में शांति स्थापित करना है।
हॉर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हैं, जिनमें एक बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स हैं। यह भारत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे समय में आवश्यक है कि भारत की संसद से शांति और संवाद की एकजुट आवाज उठे।