रामदास आठवले ने राहुल गांधी की सर्वदलीय बैठक से दूरी को बताया अनुकूल नहीं
सारांश
Key Takeaways
- रामदास आठवले ने मिडिल ईस्ट में तनाव पर चिंता जताई।
- राहुल गांधी की सर्वदलीय बैठक में अनुपस्थिति को आलोचना का विषय माना गया।
- भारत की भूमिका युद्ध समाप्त करने में महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव, सर्वदलीय बैठक, और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन वार्ता पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा, "मेरी राय में, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें वर्तमान युद्ध स्थिति पर चर्चा हुई। ऐसा लगता है कि युद्ध को रोकना संभव है और यह जल्द समाप्त हो सकता है। भारत और प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता शांति स्थापित करना है, न कि युद्ध। युद्ध के कारण गैस और डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर बड़ा नुकसान हो रहा है। इसलिए भारत की भूमिका यही होनी चाहिए कि युद्ध जल्द खत्म हो और कोई समाधान निकले।"
सर्वदलीय बैठक पर उन्होंने कहा, "सभी दलों के नेताओं की मांग थी कि सर्वदलीय बैठक आयोजित की जानी चाहिए। हम अभी सत्र में व्यस्त थे, इसलिए आज शाम को बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी लोग शामिल होंगे। विपक्ष को अपने विचार व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। लेकिन मुझे जानकारी मिली है कि राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस बैठक में शामिल नहीं होगी। यह उचित नहीं है। शिकायत करने वाले राहुल गांधी स्वयं इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। लोकतंत्र में संकट की स्थिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर चर्चा करनी चाहिए।"
इसके पूर्व, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर देश में सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। भेंट के दौरान, उन्होंने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति में वृद्धि का विषय भी उठाया, ताकि इन वर्गों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।