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कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट के दावों को किया खारिज, कहा कोई कमी नहीं

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कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट के दावों को किया खारिज, कहा कोई कमी नहीं

सारांश

कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में एलपीजी की कमी के दावों को खारिज कर दिया। उनका यह बयान कांग्रेस की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

मुख्य बातें

कमलनाथ ने एलपीजी संकट के दावों को खारिज किया।
राज्य में कोई कमी नहीं है, केवल अफवाहें हैं।
यह बयान कांग्रेस की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं।
राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

छिंदवाड़ा, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के लिए एक शर्मिंदगी की स्थिति उत्पन्न करते हुए, वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में एलपीजी की कमी के दावों को खारिज कर दिया। इस प्रकार उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ अपनी ही पार्टी के आक्रामक अभियान के विपरीत रुख अपनाया।

जहां कांग्रेस लगातार केंद्र और मध्य प्रदेश सरकारों पर एलपीजी सप्लाई में कथित देरी और लोगों को हो रही मुश्किलों को लेकर निशाना साध रही है, वहीं कमलनाथ ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया।

छिंदवाड़ा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कमलनाथ ने कहा, "ऐसी कोई कमी नहीं है। बस एक ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि कमी है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कुकिंग गैस की कोई कमी नहीं है और कुछ लोगों पर राजनीतिक लाभ के लिए जान-बूझकर घबराहट फैलाने का आरोप लगाया।

उनका यह बयान केंद्र सरकार के उस रुख से मिलता-जुलता है, जिसमें कहा गया है कि असल में कोई संकट नहीं है, बल्कि सिर्फ अफवाहों को हवा दी जा रही है।

कमलनाथ, जो मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के प्रमुख भी हैं, ने सत्ताधारी भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी बातें इसलिए फैलाई जा रही हैं ताकि जनता का ध्यान शासन-प्रशासन से जुड़े मुद्दों से भटकाया जा सके।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कई जिलों से एलपीजी डिलीवरी में देरी और वितरण केंद्रों पर लंबी कतारों की शिकायतें मिल रही हैं।

हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति काफी हद तक सामान्य है और लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से गुमराह न हों।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कमलनाथ का यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति के लिए एक झटका है, जिसके तहत वह कथित एलपीजी संकट को चुनावी मुद्दा बनाकर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती थी, खासकर पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे चुनावी राज्यों में।

छिंदवाड़ा और आस-पास के इलाकों के स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। जहां कुछ परिवारों ने हाल के सप्ताहों में सिलेंडर रिफिल होने में थोड़ी देरी की शिकायत की, वहीं कई अन्य लोगों ने कहा कि आमतौर पर नियमित माध्यमों से सप्लाई उपलब्ध है।

इस घटनाक्रम से मध्य प्रदेश में जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, और इससे कांग्रेस भी एक अजीब स्थिति में फंस सकती है, क्योंकि देश के अन्य हिस्सों में वह इसी मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब अन्य राज्यों में वे इसी मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वास्तव में मध्य प्रदेश में एलपीजी की कमी है?
कमलनाथ ने कहा कि राज्य में कोई एलपीजी की कमी नहीं है, केवल अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
कमलनाथ का यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बयान कांग्रेस की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है और उनकी स्थिति को चुनौती दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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