क्या बिहार में कानून का राज है? अपराध मुक्त राज्य की ओर कदम : दिलीप जायसवाल
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में कानून का राज स्थापित है।
- अपराध मुक्त बिहार के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं।
- जनता का सहयोग आवश्यक है।
- नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना युवा नेतृत्व को आगे लाना है।
- बैंकिंग व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
पटना, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण करने और बिहार की कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए दिलीप जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस अपराध मुक्त बिहार बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपराध करते हैं और समाज की छवि को धूमिल करने का प्रयास करते हैं, वे वास्तव में बिहार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने जनता से निवेदन किया कि वे कानून के दायरे में रहकर प्रशासन के साथ मिलकर एक सुरक्षित और अपराध मुक्त बिहार के निर्माण में सहयोग करें।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की अपनी एक मज़बूत संस्कृति और संगठनात्मक ढांचा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम ने यह संदेश दिया कि अध्यक्ष की उम्र का कोई महत्व नहीं, बल्कि नेतृत्व और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री जायसवाल ने बताया कि 45 वर्ष के एक युवा को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पीढ़ियों के बीच की दूरी को कम करने और नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया गया है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की प्रशंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी या कोच अपने काम में उत्कृष्टता प्राप्त करता है, तो राजनीति को बीच में नहीं लाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौतम गंभीर किस पार्टी से जुड़े हैं या किसका समर्थन करते हैं, यह इस संदर्भ में मायने नहीं रखता।
बैंकिंग व्यवस्था पर चिंता जताते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में एक बड़ी समस्या यह है कि बैंक लोगों को आर्थिक सहायता या कर्ज देने में हिचकिचाते हैं। इसी कारण सभी वरिष्ठ और शीर्ष बैंक अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया है ताकि इस स्थिति में सुधार किया जा सके और आम लोगों को आसानी से वित्तीय सहायता मिल सके।