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क्या घरेलू निवेशकों की बढ़ोतरी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है?

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क्या घरेलू निवेशकों की बढ़ोतरी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है?

सारांश

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने घरेलू निवेशकों की बढ़ोतरी को भारत की आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण संकेत बताया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश का आर्थिक ढांचा मजबूत बना हुआ है। जानें इस पर और क्या कहते हैं विशेषज्ञ।

मुख्य बातें

घरेलू निवेशकों की संख्या में वृद्धि आर्थिक स्थिरता का संकेत आईपीओ की उच्च संख्या डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मानक निवेशकों को शिक्षित करना

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को कहा कि घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी भारत के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व में व्यापारिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद, देश में आर्थिक स्थिरता बनी हुई है।

पांडे ने कहा कि कंपनियाँ बड़ी मात्रा में पूंजी जुटाने में सफल हो रही हैं। वर्ष 2025 में भारत आईपीओ की संख्या में दुनिया में पहले स्थान पर और पूंजी जुटाने में तीसरे स्थान पर था।

सेबी चेयरमैन के अनुसार, महंगाई में कमी, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर एक्सटर्नल अकाउंट्स भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

जापान के ओसाका में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीसीआई) की बैठक में निवेशकों को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर नए वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है और जीएसटी 2.0, नए श्रम कोड और आयकर में कटौती जैसे सुधार देश में खपत और निवेश में वृद्धि कर रहे हैं।

पांडे ने घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी को भारत के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बताया।

वर्तमान में, बाजार पूंजीकरण के हिस्से के अनुसार भारत विश्व का पांचवां सबसे बड़ा इक्विटी बाजार है। अमेरिका 48.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है, उसके बाद चीन, जापान और हांगकांग का स्थान आता है।

म्यूचुअल फंडों की बाजार में गहरी पैठ है और इनमें मासिक इक्विटी निवेश बढ़ रहा है, वहीं एआईएफ उद्योग निजी पूंजी निर्माण के लिए एक प्रमुख चालक बनकर उभरा है।

उन्हें ने आगे बताया कि ऋण बाजार लगातार विस्तार कर रहा है, निजी इक्विटी और एआईएफ निवेश बढ़ रहे हैं, और आरईआईटी और इनविट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में दीर्घकालिक पूंजी आकर्षित कर रहे हैं। नगरपालिका बॉंड बाजार भी गति पकड़ रहा है।

पांडे ने कहा कि निवेशकों को शिक्षित करना सेबी के एजेंडे का मुख्य केंद्र बना हुआ है, और डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए, सेबी ने नियामक सुधारों, आसान पंजीकरण और बेहतर निपटान तंत्र के माध्यम से बाजार तक पहुंच को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, साथ ही वैश्विक निवेशकों के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताता है कि हमारे देश में निवेश का माहौल कितना अनुकूल है। यह समय है जब हम निवेशकों को और अधिक जानकारी और संसाधन प्रदान करें ताकि वे सही निर्णय ले सकें।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी का क्या अर्थ है?
घरेलू निवेशकों में बढ़ोतरी का अर्थ है कि अधिक लोग अपने धन को भारतीय बाजारों में निवेश कर रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
सेबी की भूमिका क्या है?
सेबी का मुख्य कार्य भारतीय प्रतिभूति बाजार को विनियमित करना और निवेशकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
भारत का आर्थिक स्थिरता में क्या योगदान है?
भारत की आर्थिक स्थिरता का योगदान महंगाई में कमी, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर वित्तीय खाता है।
राष्ट्र प्रेस
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