नवरात्रि के पहले दिन ललिता घाट पर गंगा आरती का भव्य आयोजन
सारांश
Key Takeaways
- ललिता घाट पर गंगा आरती 19 मार्च से शुरू होगी।
- यह नवरात्रि का पहला दिन है।
- आरती का समय शाम 6 बजे है।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- सुझाव और शिकायतों के लिए ट्रस्ट की ईमेल आईडी उपलब्ध है।
वाराणसी, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अब वाराणसी के ललिता घाट पर भी गंगा आरती का आयोजन शुरू होने जा रहा है। यह भव्य आरती श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा 19 मार्च से की जाएगी। पहले से ही नमो घाट पर गंगा आरती का आयोजन होता रहा है, लेकिन अब श्रद्धालुओं के लिए ललिता घाट पर भी यह आरती आरंभ की जाएगी।
विशेष बात यह है कि विक्रम संवत 2083 का आरंभ ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 19 मार्च को हो रहा है, और यह नवरात्रि का भी पहला दिन है। ऐसे दुर्लभ संयोग बहुत कम देखने को मिलते हैं। इस दिन से ललिता घाट पर गंगा आरती का आरंभ होना अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है।
ललिता घाट, जिसे चौरासी घाटों में से एक माना जाता है, इस नए आरती आयोजन के लिए चुना गया है। इस घाट का नाम और महत्व इस आयोजन को और भी खास बना रहे हैं। दरअसल, मां ललिता 'मां त्रिपुरसुंदरी' का एक नाम है, जिन्हें तंत्र साधना में सर्वोच्च देवी माना जाता है और नवरात्रि के दौरान इनकी विशेष पूजा की जाती है। इस प्रकार के शुभ संयोग मिलकर यह आयोजन अत्यंत विशिष्ट बना रहे हैं।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य सनातन आस्था को बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर कार्य करना है। न्यास ने यह आरती आयोजन इसलिए किया है ताकि लोग धार्मिक अनुभव के साथ-साथ सुविधा के साथ इसका आनंद ले सकें। ट्रस्ट का ध्यान सिर्फ आयोजन पर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में आरती में भाग ले सकें।
इस नई गंगा आरती का समय शाम 6 बजे रखा गया है और यह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालु इस अवसर पर आएं और माता गंगा की आराधना में शामिल होकर अपनी भक्ति व्यक्त करें। इस आयोजन के साथ ही वहां सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
श्रद्धालु यदि इस आयोजन के बारे में कोई सुझाव या शिकायत देना चाहें तो इसके लिए ट्रस्ट की ईमेल आईडी उपलब्ध है। ट्रस्ट का कहना है कि हर सुझाव और शिकायत का समाधान किया जाएगा।