भारत में महिला सह-संस्थापित टेक स्टार्टअप्स की शुरुआती फंडिंग में 2025 में 12%25 की वृद्धि: रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- अर्ली-स्टेज फंडिंग: 12%25 की वृद्धि होकर 533 मिलियन डॉलर हुई।
- अधिग्रहण की संख्या: 2025 में 33 अधिग्रहण हुए।
- सीड-स्टेज फंडिंग: 24%25 की कमी आई, 261 मिलियन डॉलर इकट्ठा हुए।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में महिलाओं द्वारा सह-संस्थापित (को-फाउंडेड) टेक स्टार्टअप्स को मिलने वाली कुल फंडिंग में 2025 में एक हल्की कमी देखी गई, लेकिन शुरुआती चरण (अर्ली-स्टेज) में निवेश में मजबूती बनी रही। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि इस अवधि में अधिग्रहण की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अर्ली-स्टेज फंडिंग बढ़कर 533 मिलियन डॉलर हो गई, जो 2024 के 478 मिलियन डॉलर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। हालाँकि, इस दौरान फंडिंग डील्स की संख्या 93 से घटकर 79 राउंड रह गई।
भारत में महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के अधिग्रहण में भी वृद्धि देखी गई है। 2025 में ऐसे 33 अधिग्रहण दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या केवल 12 थी।
ट्रैक्सन की वार्षिक फंडिंग रिपोर्ट के अनुसार, भारत के महिला-सह-संस्थापक स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 2025 में कुल 1 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग हासिल की। यह 2024 के 1.1 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष के दौरान फंडिंग डील्स की गतिविधि भी धीमी रही। 2025 में फंडिंग राउंड्स की संख्या 574 से घटकर 405 रह गई, जो लगभग 29 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
इस बीच, सीड-स्टेज फंडिंग में भी कमी आई। 2025 में 311 राउंड के जरिए 261 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जबकि 2024 में 456 राउंड के जरिए 342 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे। यह लगभग 24 प्रतिशत की कमी है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में यह फंडिंग 478 मिलियन डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
वहीं, लेट-स्टेज निवेश में और अधिक गिरावट देखी गई। 2025 में इस स्तर पर 15 राउंड में 213 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जबकि 2024 में 25 राउंड में 326 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे, जो लगभग 35 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।
पब्लिक मार्केट के मोर्चे पर भी गतिविधि कम रही। 2025 में देश में दो आईपीओ शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए, जबकि 2024 में तीन कंपनियां बाजार में सूचीबद्ध हुई थीं। इस तरह पब्लिक मार्केट एग्जिट में 33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, अधिग्रहण के जरिए एग्जिट गतिविधि में काफी तेजी देखने को मिली।
शहरों की बात करें तो, बेंगलुरु 2025 में सबसे अधिक फंडिंग पाने वाला शहर बना, जहां 384 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल फंडिंग का लगभग 38 प्रतिशत रहा।
वहीं, मुंबई दूसरे स्थान पर रहा, जहां 112 मिलियन डॉलर, यानी कुल फंडिंग का करीब 11 प्रतिशत निवेश आया।
कुल मिलाकर, ट्रैक्सन की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां एक ओर 2025 में महिला-सह-संस्थापक स्टार्टअप इकोसिस्टम में कुल फंडिंग और डील गतिविधि में गिरावट देखी गई, वहीं अधिग्रहण गतिविधि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।