भारत का टेक खर्च 2026 में 8% बढ़ेगा, AI पर 40-45% निवेश: बेन एंड कंपनी रिपोर्ट

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भारत का टेक खर्च 2026 में 8% बढ़ेगा, AI पर 40-45% निवेश: बेन एंड कंपनी रिपोर्ट

सारांश

बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट बताती है कि भारत का टेक खर्च 2026 में 8% बढ़ेगा — वैश्विक औसत से दोगुना। AI और डेटा ट्रांसफॉर्मेशन इस उछाल का इंजन हैं, लेकिन 90% बिज़नेस लीडर मानते हैं कि उनका डेटा आधार अभी पूरे उद्यम में विस्तार के लिए तैयार नहीं है।

मुख्य बातें

भारतीय कंपनियों का टेक्नोलॉजी खर्च 2026 में 8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान, जो वैश्विक औसत 4-6 प्रतिशत से अधिक है।
कुल टेक बजट का 40-45 प्रतिशत एआई और टेक ट्रांसफॉर्मेशन पर खर्च होने की उम्मीद।
भारत का टेक पूंजीगत व्यय 50-60 प्रतिशत , जबकि वैश्विक स्तर पर यह 20-30 प्रतिशत ।
72 प्रतिशत CIO ने पुरानी तकनीकी खामियों को परिवर्तन की सबसे बड़ी बाधा बताया।
लगभग 90 प्रतिशत बिज़नेस लीडर्स ने माना कि एआई विस्तार के लिए डेटा आधार अभी पर्याप्त नहीं।
अगले 12 महीनों में 60 प्रतिशत CIO उच्च-प्रभाव वाले एआई रोडमैप को प्राथमिकता देंगे।

बेन एंड कंपनी की 7 मई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों का टेक्नोलॉजी पर खर्च 2026 में करीब 8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जिसमें से 40-45 प्रतिशत हिस्सा एआई और टेक ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ा होगा। यह वृद्धि दर वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के लिए अनुमानित 4-6 प्रतिशत की वृद्धि से कहीं अधिक है, जो भारत को टेक निवेश के मामले में दुनिया में अग्रणी बना रही है।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12-18 महीनों में भारतीय उद्यमों में टेक्नोलॉजी खर्च में तेज़ी आई है और यह रुझान अगले 2-3 वर्षों तक जारी रहने की उम्मीद है। यह एक संरचनात्मक रूप से मज़बूत निवेश चक्र का संकेत है, न कि किसी अल्पकालिक उछाल का।

भारतीय कंपनियों के टेक्नोलॉजी बजट का 50-60 प्रतिशत पूंजीगत व्यय होता है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आँकड़ा मात्र 20-30 प्रतिशत है। यह अंतर दर्शाता है कि भारतीय उद्यम दीर्घकालिक क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दे रहे हैं।

AI और डेटा आधुनिकीकरण पर सबसे अधिक ज़ोर

भारतीय कंपनियों के पूंजीगत व्यय का 30 प्रतिशत हिस्सा एआई प्लेटफॉर्म और डेटा आधुनिकीकरण पर खर्च किया जा रहा है। 2026 के कुल टेक्नोलॉजी बजट का लगभग 40 प्रतिशत परिवर्तनकारी पहलों के लिए आवंटित होने की उम्मीद है, जिसमें एआई और डेटा-आधारित परिवर्तन लगभग आधे हिस्से के लिए ज़िम्मेदार होंगे।

इसके अतिरिक्त, कोर एप्लिकेशन आधुनिकीकरण (25 प्रतिशत), क्लाउड और आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर (25 प्रतिशत) और साइबर सुरक्षा (20 प्रतिशत) टेक्नोलॉजी खर्च के अन्य प्रमुख क्षेत्र हैं। गौरतलब है कि यह बँटवारा मूलभूत डिजिटल क्षमताओं को मज़बूत करने की दिशा में स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है।

CIO की प्राथमिकताएँ और चुनौतियाँ

रिपोर्ट के अनुसार, अगले 12 महीनों में लगभग 60 प्रतिशत मुख्य सूचना अधिकारी (CIO) उच्च-प्रभाव वाले एआई रोडमैप को प्राथमिकता देंगे। हालाँकि, परिवर्तन की राह आसान नहीं है।

लगभग 72 प्रतिशत CIO ने पुरानी तकनीकी खामियों को परिवर्तन में सबसे बड़ी बाधा बताया। इसके बाद अगली पीढ़ी के क्षेत्रों में कौशल की कमी (57 प्रतिशत) और नई तकनीक से जुड़ी पहलों पर निवेश का अप्रमाणित प्रतिफल (49 प्रतिशत) को प्रमुख चुनौतियों के रूप में गिनाया गया।

विस्तार की तैयारी पर सवाल

यह ऐसे समय में आया है जब लगभग 90 प्रतिशत बिज़नेस लीडर्स ने स्वीकार किया कि वर्तमान डेटा आधार और एआई की परिपक्वता पूरे उद्यम में विस्तार के लिए पर्याप्त नहीं है। यह विरोधाभास — भारी निवेश के बावजूद विस्तार की तैयारी में कमी — आने वाले वर्षों में भारतीय टेक रणनीति की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

रिपोर्ट के निष्कर्ष स्पष्ट करते हैं कि भारत का टेक निवेश उछाल अवसर और चुनौती दोनों का मिश्रण है — और इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियाँ बुनियादी ढाँचे की खामियों को कितनी तेज़ी से दूर कर पाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी उस विरोधाभास में छिपी है जो रिपोर्ट खुद उजागर करती है — भारी निवेश के बावजूद 90% बिज़नेस लीडर मानते हैं कि उनका डेटा आधार विस्तार के लिए तैयार नहीं है। यह वही पैटर्न है जो पिछले डिजिटलीकरण चक्रों में देखा गया — खर्च की रफ्तार क्षमता निर्माण से आगे निकल जाती है। 72% CIO का पुरानी तकनीकी खामियों को सबसे बड़ी बाधा बताना यह संकेत देता है कि भारतीय उद्यमों की AI महत्वाकांक्षा और उनकी ज़मीनी तैयारी के बीच की खाई को पाटना ही अगले दो-तीन वर्षों की असली चुनौती होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट में भारत के टेक खर्च के बारे में क्या कहा गया है?
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों का टेक्नोलॉजी खर्च 2026 में करीब 8 प्रतिशत बढ़ेगा, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के 4-6 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक है। इसमें 40-45 प्रतिशत हिस्सा एआई और टेक ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ा होगा।
भारत का टेक पूंजीगत व्यय वैश्विक औसत से कितना अलग है?
भारत में टेक्नोलॉजी बजट का 50-60 प्रतिशत पूंजीगत व्यय होता है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह केवल 20-30 प्रतिशत है। यह अंतर दर्शाता है कि भारतीय कंपनियाँ दीर्घकालिक क्षमता निर्माण में अधिक निवेश कर रही हैं।
भारतीय CIO के सामने AI अपनाने में सबसे बड़ी चुनौतियाँ क्या हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, 72 प्रतिशत CIO ने पुरानी तकनीकी खामियों को सबसे बड़ी बाधा बताया। इसके बाद अगली पीढ़ी के क्षेत्रों में कौशल की कमी (57 प्रतिशत) और नई तकनीकी पहलों पर अप्रमाणित निवेश प्रतिफल (49 प्रतिशत) प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
क्या भारतीय कंपनियाँ AI के पूर्ण विस्तार के लिए तैयार हैं?
नहीं, रिपोर्ट में लगभग 90 प्रतिशत बिज़नेस लीडर्स ने माना कि वर्तमान डेटा आधार और एआई की परिपक्वता पूरे उद्यम में विस्तार के लिए पर्याप्त नहीं है। यह भारी निवेश और वास्तविक तैयारी के बीच की खाई को उजागर करता है।
2026 में भारतीय टेक बजट में किन क्षेत्रों को सबसे अधिक प्राथमिकता मिलेगी?
एआई प्लेटफॉर्म और डेटा आधुनिकीकरण (30 प्रतिशत पूंजीगत व्यय), कोर एप्लिकेशन आधुनिकीकरण (25 प्रतिशत), क्लाउड और आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर (25 प्रतिशत) और साइबर सुरक्षा (20 प्रतिशत) प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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