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दिल्ली में फ्लाइंग स्क्वायड ने जनवरी में वायु प्रदूषण के 90 मामले क्यों दर्ज किए?

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दिल्ली में फ्लाइंग स्क्वायड ने जनवरी में वायु प्रदूषण के 90 मामले क्यों दर्ज किए?

सारांश

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है। फ्लाइंग स्क्वायड ने जनवरी के मध्य में 330 निरीक्षण किए और 90 मामले दर्ज किए। जानिए इस अभियान का उद्देश्य और क्या कदम उठाए गए हैं।

मुख्य बातें

330 निरीक्षण किए गए जिसमें 90 प्रदूषण संबंधित मामले दर्ज हुए।
72 मामलों में प्रवर्तन कार्रवाई की सिफारिश की गई।
150 सड़क खंडों का विशेष निरीक्षण किया गया।
डस्ट कंट्रोल उपायों के लिए 13 जनवरी को नोटिस जारी किया गया।
कुल 25,232 इकाइयों का निरीक्षण किया गया।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि फ्लाइंग स्क्वायड ने 7 से 19 जनवरी के बीच एनसीआर में 330 निरीक्षण किए और प्रदूषण से संबंधित 90 मामले दर्ज किए। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक बयान में सामने आई।

इंफोर्समेंट टास्क फोर्स (ईटीएफ) की 124वीं बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन निरीक्षणों में 241 उद्योग, 22 डीजल जनरेटर (डीजी) सेट और 5 निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) स्थल शामिल थे।

इसके अतिरिक्त, सड़क की धूल और कचरे के जमाव की जांच के लिए 62 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुल 90 उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनमें से 66 औद्योगिक क्षेत्र में, 2 डीजी सेट से संबंधित, 4 सी एंड डी स्थलों पर और 18 सड़क की धूल से संबंधित थे।

330 निरीक्षणों में से 72 मामलों में प्रवर्तन कार्रवाई की सिफारिश की गई, जिसमें डीजी सेटों को बंद करना, सील करना और कारण बताओ नोटिस जारी करना शामिल है।

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि 8 और 13 जनवरी को 150 सड़क खंडों को कवर करते हुए विशेष निरीक्षण अभियान चलाए गए।

बयान में कहा गया है कि इनमें नोएडा के 23 सड़क खंड और फरीदाबाद नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 127 खंड शामिल थे।

निरीक्षण किए गए 150 खंडों में से 20 में धूल का स्तर अधिक पाया गया, 34 में मध्यम और 75 में कम। धूल नियंत्रण उपायों का पालन न करने के लिए, 13 जनवरी को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के उपायुक्त को नोटिस जारी किया गया।

निरीक्षण के दौरान 65 स्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें जैव-द्रव्यमान/मिश्रित अपशिष्ट जलाने की 47 घटनाएं और मिश्रित अपशिष्ट के डंपिंग के 18 मामले दर्ज किए गए। बयान में कहा गया है कि निरीक्षण रिपोर्ट विस्तृत एटीआर के लिए संबंधित एजेंसियों को भेज दी गई हैं।

बुधवार तक कुल 25,232 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर, उल्लंघनों के लिए 1,643 बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना गलत नहीं होगा कि वायु प्रदूषण का मुद्दा आज के समय में हमारे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फ्लाइंग स्क्वायड के निरीक्षण निश्चित रूप से सकारात्मक कदम है, लेकिन हमें इसे स्थायी समाधान के तौर पर देखना चाहिए। यह आवश्यक है कि सरकार और नागरिक दोनों मिलकर इस समस्या का सामना करें।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लाइंग स्क्वायड का उद्देश्य क्या है?
फ्लाइंग स्क्वायड का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाना और उल्लंघनों की पहचान करना है।
क्या उपाय किए गए हैं?
डीजी सेटों को बंद करने, सील करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसे उपाय किए गए हैं।
सड़क की धूल के संबंध में क्या कार्रवाई हुई है?
सड़क की धूल के 18 उल्लंघनों का पंजीकरण किया गया है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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