क्या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 330 स्थानों का निरीक्षण कर 72 मामलों में सख्त कार्रवाई की?

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क्या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 330 स्थानों का निरीक्षण कर 72 मामलों में सख्त कार्रवाई की?

सारांश

नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की प्रवर्तन टास्क फोर्स ने 330 स्थानों का निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों में 72 मामलों में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। क्या यह कदम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक होगा?

Key Takeaways

  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 330 स्थानों का निरीक्षण किया।
  • 72 मामलों में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई।
  • फ्लाइंग स्क्वॉड ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
  • 25,232 इकाइयों का निरीक्षण किया गया है।
  • 1,643 मामलों में बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की प्रवर्तन टास्क फोर्स की 124वीं बैठक 21 जनवरी को आयोजित की गई। इस बैठक में 7 जनवरी से 19 जनवरी तक, कुल 13 दिनों के दौरान एनसीआर में की गई प्रवर्तन और निरीक्षण गतिविधियों की समीक्षा की गई।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बताया कि इस अवधि में आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने वायु प्रदूषण से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे उद्योग, डीजल जनरेटर सेट, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कार्य, सड़क की धूल तथा बायोमास और नगर निगम कचरे के जलने की घटनाओं का व्यापक निरीक्षण किया।

रिपोर्टिंग अवधि के दौरान फ्लाइंग स्क्वॉड ने कुल 330 निरीक्षण किए, जिनमें 241 उद्योग, 22 डीजल जनरेटर सेट और 5 निर्माण तथा ध्वस्तीकरण स्थल शामिल थे। इसके अलावा, सड़क की धूल और कचरे की स्थिति का आकलन करने के लिए 62 सड़कों का निरीक्षण किया गया। इन निरीक्षणों में 90 उल्लंघन पाए गए, जिनमें 66 उद्योगों से जुड़े, 2 डीजल जनरेटर सेट से संबंधित, 4 निर्माण स्थलों पर और 18 सड़क की धूल से जुड़े मामले थे। 330 निरीक्षणों में से 72 मामलों में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई, जिसमें इकाइयों को बंद करना, डीजल जनरेटर सेट सील करना और कारण बताओ नोटिस जारी करना शामिल है। साथ ही, 9 रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट्स को बंद करने की भी सिफारिश की गई।

इसके अलावा, 8 जनवरी को नोएडा की 23 सड़कों और 13 जनवरी को फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र की 127 सड़कों सहित कुल 150 सड़कों पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इनमें से 20 सड़कों पर भारी धूल, 34 पर मध्यम स्तर की धूल और 75 सड़कों पर कम धूल पाई गई। धूल नियंत्रण उपायों का पालन न होने पर 13 जनवरी को दिल्ली नगर निगम के उपायुक्त को नोटिस जारी किया गया और एमसीडी के 5 जोनों से कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त हुई है।

फ्लाइंग स्क्वॉड ने 14 जनवरी को उत्तरी दिल्ली में भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें एमसीडी क्षेत्र के अंतर्गत बायोमास और नगर निगम कचरे को जलाने और डंप करने की घटनाओं की जांच की गई। इस दौरान 65 स्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां 47 स्थानों पर बायोमास/कचरा जलाने और 18 स्थानों पर कचरा डंप करने की घटनाएं दर्ज की गईं।

इन सभी मामलों की रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों को विस्तृत कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। 21 जनवरी तक कुल 25,232 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिनके आधार पर 1,643 मामलों में उल्लंघन के कारण बंद करने के निर्देश जारी किए गए।

इनमें से 1,261 मामलों में नियमों के पालन की पुष्टि के बाद दोबारा संचालन की अनुमति दी गई है, जबकि 108 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीपीसीसी को भेजा गया है।

Point of View

बल्कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
फ्लाइंग स्क्वॉड टीम किस प्रकार की गतिविधियाँ करती है?
फ्लाइंग स्क्वॉड टीम वायु प्रदूषण से जुड़े उद्योगों, निर्माण स्थलों और सड़क की धूल का निरीक्षण करती है।
क्या कार्रवाई की गई है 72 मामलों में?
72 मामलों में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसमें इकाइयों को बंद करना और नोटिस जारी करना शामिल है।
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