कैसे एक सलाह ने बदल दी 'कैकेयी' की जीवन यात्रा: पद्मा खन्ना और वैजयंती माला की कहानी

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कैसे एक सलाह ने बदल दी 'कैकेयी' की जीवन यात्रा: पद्मा खन्ना और वैजयंती माला की कहानी

सारांश

पद्मा खन्ना, जो 70 और 80 के दशक की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं, ने अपनी अदाकारी और नृत्य से दर्शकों को मोहित किया। जानिए कैसे वैजयंती माला की एक सलाह ने उनके करियर को नया मोड़ दिया।

Key Takeaways

  • पद्मा खन्ना का जन्म 10 मार्च 1949 को हुआ था।
  • उन्होंने 14 साल की उम्र में फिल्मी करियर की शुरुआत की।
  • उनका प्रसिद्ध गाना 'हुस्न के लाखों रंग' है।
  • टीवी धारावाहिक 'रामायण' में रानी कैकेयी का किरदार निभाया।
  • वैजयंती माला की सलाह ने उनकी जिंदगी बदल दी।

मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी महान अभिनेत्रियां रही हैं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, नृत्य और अभिनय से दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाया। 70 और 80 के दशक की एक प्रसिद्ध कलाकार थीं पद्मा खन्ना। उन्हें न केवल फिल्मों में उनकी अदाकारी के लिए जाना जाता था, बल्कि टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक 'रामायण' में रानी कैकेयी के किरदार से भी घर-घर में पहचान मिली।

कम ही लोग जानते हैं कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत की प्रेरणा दी थी मशहूर अभिनेत्री वैजयंती माला ने। उन्होंने पद्मा का डांस देखकर उन्हें फिल्मों में किस्मत आजमाने की सलाह दी, और यही सलाह उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।

पद्मा खन्ना का जन्म 10 मार्च 1949 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। बचपन से ही उन्हें नृत्य का गहरा लगाव था। सिर्फ 7 साल की उम्र में उन्होंने प्रसिद्ध कथक गुरु बिरजू महाराज से कथक की शिक्षा लेनी शुरू की और लगभग 12 साल की उम्र में स्टेज पर परफॉर्म करने लगीं। उनके डांस को देखने के लिए लोग उत्सुक रहते थे।

एक कार्यक्रम में वैजयंती माला ने पद्मा खन्ना की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें फिल्मों में करियर बनाने की सलाह दी। इस सलाह के कारण ही उन्होंने फिल्मों में आने का निर्णय लिया।

पद्मा खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो' से की, जब उनकी उम्र लगभग 14 साल थी। यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा की प्रसिद्ध फिल्मों में मानी जाती है। इसके बाद उन्होंने कई भोजपुरी फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।

हिंदी सिनेमा में पद्मा खन्ना को असली पहचान तब मिली जब उन्हें देवानंद की फिल्म 'जॉनी मेरा नाम' में डांस नंबर करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उनका गाना 'हुस्न के लाखों रंग' बेहद लोकप्रिय हुआ और इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में डांसर के रूप में काम किया।

पद्मा खन्ना का करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव फिल्म 'सौदागर' रही, जिसमें वह अमिताभ बच्चन के साथ नजर आईं। इस फिल्म का गाना 'सजना है मुझे सजना के लिए' उस समय का एक बेहद चर्चित गाना बना। धीरे-धीरे वह हिंदी और भोजपुरी दोनों इंडस्ट्री में जानी-मानी अभिनेत्री बन गईं।

फिल्मों के बाद पद्मा खन्ना ने टीवी में भी अपनी जगह बनाई। निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर ने उन्हें अपने प्रख्यात धारावाहिक 'रामायण' में रानी कैकेयी का किरदार निभाने के लिए चुना। शुरुआत में उन्होंने नकारात्मक किरदार निभाने से मना किया था, लेकिन बाद में समझाने पर इस भूमिका को स्वीकार किया। यह किरदार इतना प्रसिद्ध हुआ कि वह देशभर में पहचानी जाने लगीं।

Point of View

जो दर्शाती है कि कैसे एक छोटी सी सलाह भी किसी के जीवन को बदल सकती है। उनके संघर्ष और सफलता ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक विशेष स्थान दिलाया है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

पद्मा खन्ना का जन्म कब हुआ था?
पद्मा खन्ना का जन्म 10 मार्च 1949 को हुआ था।
पद्मा खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत किस फिल्म से की?
पद्मा खन्ना ने भोजपुरी फिल्म 'गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो' से अपने करियर की शुरुआत की।
पद्मा खन्ना को कौन सा टीवी धारावाहिक प्रसिद्ध बनाता है?
पद्मा खन्ना को 'रामायण' धारावाहिक में रानी कैकेयी के किरदार के लिए जाना जाता है।
वैजयंती माला ने पद्मा खन्ना को क्या सलाह दी थी?
वैजयंती माला ने पद्मा खन्ना को फिल्मों में करियर बनाने की सलाह दी थी।
पद्मा खन्ना का सबसे प्रसिद्ध गाना कौन सा है?
पद्मा खन्ना का सबसे प्रसिद्ध गाना 'हुस्न के लाखों रंग' है।
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