दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर': CAQM की 5 टीमों ने पकड़े 34 उल्लंघन
सारांश
Key Takeaways
- CAQM ने 22 अप्रैल 2025 को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत दिल्ली में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।
- पांच फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने सिविल लाइंस, करोल बाग और वेस्ट दिल्ली जोन में जांच की।
- कुल 34 उल्लंघन दर्ज किए गए — मुख्यतः सड़क धूल और C&D कचरे के अवैध जमाव के कारण।
- नजफगढ़ रोड, रिंग रोड (पंजाबी बाग), भलस्वा डेयरी रोड सहित 13 सड़कों पर उल्लंघन पाए गए।
- MCD को मशीनीकृत सफाई, पानी छिड़काव और अवैध डंपिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- CAQM ने स्पष्ट किया कि यह अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेगा।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 22 अप्रैल 2025 को 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के अंतर्गत दिल्ली में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान में दिल्ली के तीन प्रमुख जोन में कुल 34 उल्लंघन दर्ज किए गए। सड़कों पर अत्यधिक धूल और निर्माण-विध्वंस कचरे का अवैध जमाव इन उल्लंघनों का मुख्य कारण रहा।
अभियान का दायरा और निरीक्षण क्षेत्र
CAQM द्वारा गठित पांच फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने सिविल लाइंस, करोल बाग और वेस्ट दिल्ली जोन में व्यापक जांच की। ये तीनों क्षेत्र नगर निगम दिल्ली (MCD) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
निरीक्षण के दौरान जिन प्रमुख सड़कों पर उल्लंघन पाए गए उनमें महाकवि गोस्वामी तुलसीदास मार्ग, केशोपुर रोड, नजफगढ़ रोड, वैदिक मार्ग, सतगुरु राम सिंह मार्ग, रिंग रोड (पंजाबी बाग), बाबा रामदेव मार्ग, मल्कागंज रोड, रामलाल कपूर मार्ग, शांति स्वरूप त्यागी मार्ग, आजादपुर रोड, भलस्वा डेयरी रोड और फैज रोड शामिल हैं।
मुख्य उल्लंघन: धूल और कचरा प्रबंधन में लापरवाही
इन स्थानों पर सड़क धूल का अत्यधिक स्तर और निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे का अवैध जमाव पाया गया। आयोग के अनुसार यह स्थिति नियमित सड़क सफाई, धूल नियंत्रण उपायों और समय पर कचरा हटाने में गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।
CAQM ने स्पष्ट किया कि पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) के शहरी स्रोतों में सड़क की धूल और C&D कचरे का योगदान सबसे अधिक है। इन्हें नियंत्रित किए बिना वायु गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं है।
MCD को सख्त निर्देश, निगरानी होगी कड़ी
CAQM ने MCD सहित सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। इनमें सड़कों की नियमित मशीनीकृत सफाई, पानी का छिड़काव, C&D कचरे का समय पर निस्तारण और अवैध डंपिंग के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई शामिल है।
आयोग ने एजेंसियों को GRAP (Graded Response Action Plan) दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और जवाबदेही तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
गहरा संदर्भ: दिल्ली की वायु गुणवत्ता और नीतिगत विफलता का पैटर्न
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर लगातार कई वर्षों से दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल रहा है। IQAir की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली वर्ष 2023 में विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी रही थी। उल्लेखनीय है कि CAQM का गठन ही इसलिए किया गया था ताकि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के खिलाफ एकीकृत और प्रभावी कार्रवाई हो सके।
विडंबना यह है कि जिन सड़कों पर उल्लंघन पाए गए, वे MCD के अधिकार क्षेत्र में हैं — यानी वही एजेंसी जो सफाई के लिए जिम्मेदार है, वही लापरवाह पाई गई। यह प्रश्न उठता है कि क्या नियमित निरीक्षण तंत्र पहले से मौजूद था, और यदि था तो इतने उल्लंघन कैसे जमा होते रहे?
तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो मुंबई और पुणे जैसे शहरों में निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए ग्रीन नेट और एंटी-स्मॉग गन का अनिवार्य उपयोग लागू किया जा चुका है। दिल्ली में इन उपायों के क्रियान्वयन की गति अभी भी धीमी है।
आगे क्या होगा
CAQM ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत ऐसे निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। आने वाले हफ्तों में दिल्ली के अन्य जोन और एनसीआर के शहरों में भी इसी तरह की जांच की संभावना है। यदि एजेंसियां निर्देशों का पालन नहीं करती हैं तो दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।