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सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया: 'जाति नहीं, अपराध देखकर हो सजा'

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सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया: 'जाति नहीं, अपराध देखकर हो सजा'

सारांश

बिहार CM सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर BJP विधायक सी.पी. सिंह से लेकर UP मंत्री हंसराज विश्वकर्मा तक — सभी ने एक स्वर में कहा कि जाति नहीं, अपराध की बुनियाद पर सजा होनी चाहिए। कांग्रेस ने इसे बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एनकाउंटर संबंधी बयान पर 22 मई को राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
सिंह ने कहा — पुलिस जाति पूछकर न किसी को पकड़ती है, न एनकाउंटर करती है।
UP मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने चौधरी के बयान को उनका 'व्यक्तिगत विचार' बताया और कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति का हो, सजा मिलनी चाहिए।
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में राज्य कथित तौर पर तीसरे स्थान पर था।
लल्लू ने BJP-शासित राज्यों — उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश — में भी बढ़ते अपराधों का हवाला दिया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एनकाउंटर संबंधी बयान पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। 22 मई को रांची से आई रिपोर्टों के अनुसार, विभिन्न दलों के नेताओं ने इस बयान पर अपनी-अपनी राय रखी, जिसमें एक साझा सुर यह रहा कि अपराधी की पहचान जाति से नहीं, बल्कि उसके कृत्य से होनी चाहिए।

भाजपा विधायक सी.पी. सिंह का रुख

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सी.पी. सिंह ने कहा कि इस मामले में जाति का मुद्दा उठाना उन्हें समझ नहीं आता। उनके अनुसार, 'अपराधी तो अपराधी होता है — राजपूत, ब्राह्मण, बनिया या यादव, कोई भी हो सकता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस न जाति पूछकर किसी को पकड़ती है और न जाति पूछकर एनकाउंटर करती है।

सी.पी. सिंह ने यह भी जोड़ा कि यदि कोई कानून को हाथ में लेता है और पुलिस को चुनौती देता है, तो आत्मरक्षार्थ कार्रवाई स्वाभाविक है। उन्होंने राष्ट्रीयता और कानून के पालन को हर नागरिक का कर्तव्य बताया।

उत्तर प्रदेश के मंत्री का व्यक्तिगत विचार

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि सम्राट चौधरी का बयान उनका व्यक्तिगत विचार रहा होगा। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, 'मेरा मानना है कि अपराधी कोई भी हो, किसी भी वर्ग या जाति का हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।' यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि यह सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से ही एक अलग स्वर के रूप में सामने आई।

कांग्रेस का हमला: बिहार में अपराधों की बाढ़

कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने इस बयान को बिहार की कानून-व्यवस्था पर व्यापक हमले का अवसर बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में हर दिन हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएँ हो रही हैं और राज्य की पहचान अपराधों के लिए बनती जा रही है। उनके अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बिहार कथित तौर पर तीसरे स्थान पर था।

लल्लू ने यह भी कहा कि BJP-शासित राज्यों में उत्तर प्रदेश कई अपराध श्रेणियों में शीर्ष पर है और मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर — और इसी पैटर्न में बिहार भी शामिल हो रहा है। उन्होंने सरकार से सतर्क रहने और उचित कार्रवाई करने की माँग की।

व्यापक संदर्भ: एनकाउंटर और जातीय राजनीति

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में जातीय समीकरण राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि एनकाउंटर की नीति और उसके जातीय निहितार्थ पर बहस पहले भी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में छिड़ चुकी है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान — चाहे किसी भी दल से आएँ — सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं।

आगे क्या

सम्राट चौधरी के मूल बयान पर राजनीतिक दबाव बढ़ने के संकेत हैं। विपक्ष इस मुद्दे को बिहार की कानून-व्यवस्था से जोड़कर आगे उठाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ दल की ओर से स्पष्टीकरण या आधिकारिक प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो बिहार में अपराध के आँकड़े लगातार क्यों बिगड़ रहे हैं? कांग्रेस का हमला तथ्यों पर टिका है, पर वह यह नहीं बताती कि उसके अपने शासनकाल में बिहार की स्थिति क्या थी। एनकाउंटर की राजनीति और जातीय समीकरण का यह मेल बिहार की चुनावी ज़मीन पर गहरे असर छोड़ सकता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी ने एनकाउंटर पर क्या बयान दिया था?
स्रोत के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनकाउंटर को लेकर एक बयान दिया जिस पर जातीय राजनीति के संदर्भ में विवाद उठा। बयान का सटीक पाठ रिपोर्ट में उद्धृत नहीं है, लेकिन इसी पर विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
BJP विधायक सी.पी. सिंह ने एनकाउंटर और जाति पर क्या कहा?
BJP विधायक सी.पी. सिंह ने कहा कि पुलिस जाति पूछकर न किसी को पकड़ती है और न एनकाउंटर करती है। उनके अनुसार अपराधी किसी भी जाति का हो सकता है और कानून तोड़ने पर पुलिस की कार्रवाई स्वाभाविक है।
UP मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने सम्राट चौधरी के बयान को उनका व्यक्तिगत विचार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी अपनी मान्यता है कि अपराधी चाहे किसी भी वर्ग या जाति का हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।
कांग्रेस ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि बिहार में हर दिन हत्या, लूट और बलात्कार हो रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में राज्य कथित तौर पर तीसरे स्थान पर था। उन्होंने BJP-शासित राज्यों में बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए सरकार से उचित कार्रवाई की माँग की।
एनकाउंटर और जातीय राजनीति का यह विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
बिहार में जातीय समीकरण राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं, इसलिए एनकाउंटर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जातीय संदर्भ में दिया गया कोई भी बयान तुरंत राजनीतिक बहस का विषय बन जाता है। यह विवाद सत्तारूढ़ दल के भीतर भी असहमति उजागर करता है और विपक्ष को कानून-व्यवस्था पर हमले का मौका देता है।
राष्ट्र प्रेस
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