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क्या जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर सम्राट चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की?

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क्या जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर सम्राट चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की?

सारांश

जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर सम्राट चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। क्या यह कदम बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है? जानिए इस पत्र में क्या कहा गया है और इसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

उदय सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखा।
सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप हैं।
1995 के नरसंहार में उनका नाम दर्ज है।
चौधरी की उम्र के दस्तावेजों में विसंगति है।
न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की गई।

पटना, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर भाजपा नेता और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की अपील की है। पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाएगा।

उदय सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, सम्राट चौधरी का नाम 28 मार्च 1995 को हुए लौना परसा नरसंहार (केस संख्या 44/1995, थाना तारापुर) में अभियुक्त के रूप में दर्ज है, जिसमें कुशवाहा समुदाय के छह लोगों की हत्या की गई थी। इस मामले में सम्राट चौधरी सहित छह अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वे कई महीनों तक जेल में रहे, और उनकी जमानत दो बार खारिज की गई थी। उन्होंने मैट्रिक के प्रवेश पत्र के आधार पर अपनी उम्र 15 वर्ष साबित की और नाबालिग का दर्जा पाकर रिहा हो गए। लेकिन, बाद के चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपना जन्मवर्ष 1969 बताया, जिससे 2020 में उनकी उम्र 51 वर्ष हो जाती है।

उन्होंने आगे लिखा कि इससे यह स्पष्ट है कि सन 1995 में उनकी उम्र 26 वर्ष थी, यानी वे नाबालिग नहीं थे। यह विरोधाभास इस बात का भी संकेत है कि गलत दस्तावेज पेश कर उनकी जेल से रिहाई कराई गई और एक गंभीर अपराध से बचने का प्रयास हुआ। इस प्रकार के व्यक्ति का उच्च पद पर बने रहना न केवल शासन की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि कानून के राज और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास भी कम करता है।

पीएम मोदी से अनुरोध करते हुए जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने लिखा कि इसलिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि सम्राट चौधरी को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करें और कानून को अपना स्वाभाविक मार्ग अपनाने दें, ताकि इस नरसंहार के पीड़ितों को न्याय मिल सके। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में ऐसे मुद्दों को उचित गंभीरता एवं सत्य, न्याय एवं सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की भावना के साथ सुलझाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला न केवल बिहार की राजनीति में बल्कि पूरे देश में कानून और व्यवस्था के प्रति एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। क्या हम अपने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा कर सकते हैं कि वे कानून के दायरे में रहकर काम करेंगे?
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी पर आरोप क्या हैं?
सम्राट चौधरी पर 1995 के लौना परसा नरसंहार में अभियुक्त होने का आरोप है, जिसमें कुशवाहा समुदाय के छह लोगों की हत्या हुई थी।
उदय सिंह ने पीएम मोदी को पत्र में क्या मांगा है?
उदय सिंह ने पीएम मोदी से सम्राट चौधरी को मंत्री पद से बर्खास्त करने और न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है।
क्या सम्राट चौधरी को पहले भी जेल भेजा गया था?
जी हां, सम्राट चौधरी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और वे कई महीनों तक जेल में रहे।
यह मामला बिहार की राजनीति पर क्या असर डालेगा?
यह मामला बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है और जनता का विश्वास कानून और व्यवस्था में बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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