सीबीआई ने 24 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी को किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने 24 साल पुराना बैंक धोखाधड़ी मामला सुलझाया।
- हरपाल सिंह आहूजा को फरार घोषित किया गया था।
- गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- सीबीआई की जांच लंबे समय तक चली।
- घोषित अपराधी की गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया को बल मिला।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 24 साल पुराने एक बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया है। हरपाल सिंह आहूजा इस मामले में एक घोषित अपराधी है।
सीबीआई द्वारा यह मामला 27 अप्रैल 2001 को दर्ज किया गया था। जांच की प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद, 19 मार्च 2003 को हरपाल सिंह आहूजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी। मुख्य साजिशकर्ता के रूप में, हरपाल सिंह आहूजा 2014 में मुकदमे की सुनवाई के दौरान फरार हो गया था।
गाजियाबाद में स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 2 अगस्त 2014 को उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया था। इसके अलावा, अदालत ने 1 अगस्त 2017 को उसके खिलाफ एक 'ओपन-डेटेड' गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।
सीबीआई ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा खत्म हो चुका है, लेकिन हरपाल सिंह आहूजा के खिलाफ मामला अब भी लंबित है, जिसके लिए उसकी अदालत में उपस्थिति आवश्यक है।
एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए 11 साल तक फरार रहने के दौरान हरपाल सिंह आहूजा ने मुंबई और फरीदाबाद के बीच स्थान बदलते रहे। अंततः, काफी प्रयासों के बाद, आरोपी का पता मुंबई में लगाया गया और उसे 12 मार्च को मुंबई के कल्याण क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी को गाजियाबाद स्थित सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।