सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के फरार आरोपी तमिल सेल्वन को किया गिरफ्तार

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सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के फरार आरोपी तमिल सेल्वन को किया गिरफ्तार

सारांश

सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी एम. नागा कुमार, जिसे तमिल सेल्वन के नाम से जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी चेन्नई में हुई, जहां आरोपी छिपा हुआ था।

Key Takeaways

  • सीबीआई ने एम. नागा कुमार को गिरफ्तार किया।
  • यह मामला 2015 से चल रहा था।
  • आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी की।
  • गिरफ्तारी चेन्नई में हुई।
  • अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक लंबे समय से चल रहे बैंक धोखाधड़ी मामले में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। एजेंसी ने फरार आरोपी एम. नागा कुमार, जिसे तमिल सेल्वन के नाम से भी जाना जाता है, को चेन्नई से गिरफ्तार किया है। आरोपी जांच की शुरुआत से ही छिपा हुआ था और अपनी पहचान को बदलने का प्रयास कर रहा था।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 29 सितंबर 2015 को इंडियन बैंक के चेन्नई नॉर्थ जोन में प्राप्त एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। इस शिकायत में के. राजेंद्रन, सारथी एंड बालू (चार्टर्ड अकाउंटेंट्स), कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था। राजेंद्रन श्रीसाई बाबा रियल एस्टेट्स एंड कंस्ट्रक्शंस का मालिक है।

आरोप था कि इन व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न होम लोन प्राप्त कर बैंक के साथ लगभग 4.66 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। एम. नागा कुमार भी इन लोन लेने वालों में शामिल था।

जांच के दौरान, सीबीआई ने 14 मार्च 2017 को एम. नागा कुमार सहित कुल 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, लेकिन वह तब से फरार था। उसे पकड़ने के लिए एजेंसी ने अत्याधुनिक तकनीक और व्यापक क्षेत्रीय अभियान का सहारा लिया।

जांच में यह पता चला कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ चेन्नई में एक नई पहचान के तहत रह रहा था। उसने अपना नाम बदलकर तमिल सेल्वन रख लिया था और सभी आधिकारिक दस्तावेजों में इसी नाम का उपयोग कर रहा था।

सीबीआई ने आरोपी की पहचान की पुष्टि करने के लिए एक गोपनीय अभियान चलाया और 16 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को चेन्नई की एक सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी अब मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Point of View

बल्कि यह भी बताता है कि कानून के हाथ किसी को नहीं छोड़ते। सीबीआई की कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि एजेंसी ऐसे मामलों में सख्त है और सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

एम. नागा कुमार कौन है?
एम. नागा कुमार एक आरोपी है, जिसे बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई ने उसे क्यों गिरफ्तार किया?
उसे बैंक धोखाधड़ी के मामले में फरार होने के कारण गिरफ्तार किया गया।
इस धोखाधड़ी का कुल अनुमानित नुकसान क्या था?
इस धोखाधड़ी का कुल अनुमानित नुकसान लगभग 4.66 करोड़ रुपए था।
सीबीआई ने उसे पकड़ने के लिए कौन सी तकनीक का उपयोग किया?
सीबीआई ने अत्याधुनिक तकनीक और व्यापक फील्ड ऑपरेशन का सहारा लिया।
क्या आरोपी अपनी पहचान बदल रहा था?
हाँ, आरोपी ने अपना नाम बदलकर तमिल सेल्वन रख लिया था।
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