क्या नोएडा में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी हुई?

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क्या नोएडा में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी हुई?

सारांश

नोएडा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गैंग शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर करोड़ों की धोखाधड़ी कर रहा था। जानें इस मामले के पीछे की सच्चाई और पुलिस की कार्रवाई।

मुख्य बातें

नोएडा में 35 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा।
पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
गैंग द्वारा फर्जी फर्में बनाकर ठगी की जाती थी।
साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता।
आम जनता से अपील कि अनजान लिंक न खोलें।

नोएडा, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस ने एक विशाल साइबर ठगी का खुलासा किया है, जिसमें एक ऐसा गैंग शामिल है जो शेयर मार्केट में निवेश का झांसाधोखाधड़ी कर चुका है। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कि चाइनीज साइबर ठगों के संपर्क में रहकर काम कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा 12 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत 3 दिसंबर को दर्ज कराई गई थी। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाई और संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 5 दिसंबर को आरोपियों को पकड़ा गया।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी स्थानीय लोगों के जीएसटी और उद्योग प्रमाणपत्र बनवाकर उनके नाम पर फर्जी फर्में स्थापित करते थे। फिर उनके लिए बैंक खातों का निर्माण किया जाता था, जिसमें ठगी की गई राशि जमा की जाती थी। गैंग के मुख्य सदस्य तेजपाल और रूपेंद्र इन खाताधारकों को मुंबई ले जाकर वहां से फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से पैसे का स्थानांतरण करते थे।

ठगी के माध्यम से प्राप्त राशि में से 7 से 10 प्रतिशत तेजपाल अपने लिए रखता था, जबकि 3 से 5 प्रतिशत खाताधारकों और मिडिलमैन को दिया जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि यह गैंग पिछले एक वर्ष से सक्रिय है और अब तक 50 से 60 बैंक खातों को ठगी के लिए खोला जा चुका है। इस गैंग के खिलाफ विभिन्न राज्यों जैसे कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, राजस्थान, दिल्ली और गुजरात में 43 शिकायतें दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में अर्जुन सिंह, पंकज गुप्ता, रूपेंद्र पाल और तेजपाल शामिल हैं, जो सभी बदायूं के निवासी हैं। इनके पास से 5 आईफोन भी बरामद किए गए हैं, जो ठगी में प्रयोग होते थे।

साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी निवेश संबंधी लिंक या ईमेल को बिना सत्यापन के न खोलें। सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर ही निवेश संबंधी जानकारी प्राप्त करें। अज्ञात टेलीग्राम/व्हाट्सएप ग्रुपों से दूर रहें। शेयर ट्रेडिंग केवल विश्वसनीय डीमैट सेवा प्रदाता के माध्यम से करें। किसी भी ऐप को अज्ञात लिंक से डाउनलोड न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस गैंग ने कितनी ठगी की है?
इस गैंग ने अब तक 35 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।
कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
यह गैंग किस प्रकार से काम करता था?
यह गैंग शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर लोगों से पैसे ठगता था।
साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें?
किसी भी अनजान लिंक या ईमेल को खोलने से बचें और केवल आधिकारिक वेबसाइटों से जानकारी प्राप्त करें।
राष्ट्र प्रेस
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