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खेसारी लाल यादव बोले — 'अपराधी की कोई जात नहीं', सम्राट चौधरी के बयान पर साधी चुप्पी

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खेसारी लाल यादव बोले — 'अपराधी की कोई जात नहीं', सम्राट चौधरी के बयान पर साधी चुप्पी

सारांश

भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने सम्राट चौधरी के विवादित एनकाउंटर बयान पर दो-टूक कहा — 'अपराधी की कोई जात नहीं।' साथ ही महंगाई को नोटबंदी से भी बुरा बताया और अमीरों से देश की मदद की अपील की।

मुख्य बातें

भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने 22 मई 2026 को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एनकाउंटर बयान पर प्रतिक्रिया दी।
खेसारी ने कहा — 'अपराधी सिर्फ अपराधी होता है, उसकी कोई जात नहीं होती' ; मुख्यमंत्री पर सीधी टिप्पणी से परहेज किया।
सम्राट चौधरी ने कथित तौर पर एक कार्यक्रम में कहा था — 'जाति पूछकर ही गोली चलाओ' ; सत्ता पक्ष ने इसे विपक्ष पर व्यंग्य बताया।
खेसारी ने मौजूदा आर्थिक हालात को नोटबंदी से भी बुरा बताया और अपनी फिल्मों की रिलीज स्थगित रखी।
उन्होंने बड़े उद्योगपतियों, अभिनेताओं और अमीर वर्ग से देश की आर्थिक मदद के लिए आगे आने की अपील की।

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने 22 मई 2026 को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विवादित एनकाउंटर बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती — उसे केवल अपराधी के रूप में देखा जाना चाहिए। हालाँकि उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान पर सीधी टिप्पणी से परहेज किया।

विवाद की पृष्ठभूमि

बिहार में पिछले कुछ हफ्तों से पुलिस एनकाउंटर को लेकर सियासी माहौल गरम है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि राज्य में जाति देखकर कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कथित तौर पर कहा था कि 'जाति पूछकर ही गोली चलाओ।' यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई।

सत्ता पक्ष का कहना है कि चौधरी ने यह बात विपक्ष के जाति-आधारित आरोपों पर व्यंग्य के रूप में कही थी — सीधे निर्देश के तौर पर नहीं। विपक्षी दलों ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताया है।

खेसारी लाल यादव का बयान

इस पूरे विवाद के बीच खेसारी लाल यादव ने कहा, ''अपराधी सिर्फ अपराधी होता है और उसकी कोई जात नहीं होती। हर कोई अपनी सोच और समझ के हिसाब से बयान देता है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।''

उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री अपने हिसाब से बोल रहे हैं और इस मामले में अधिक टिप्पणी करना उन्हें उचित नहीं लगता। गौरतलब है कि खेसारी लाल यादव भोजपुरी पट्टी में व्यापक जनाधार रखते हैं, इसलिए उनकी प्रतिक्रिया सामाजिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

आर्थिक हालात पर चिंता

खेसारी लाल यादव ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, ''मौजूदा हालात नोटबंदी के समय से भी ज्यादा खराब हैं। पेट्रोल, डीजल, गैस और रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।''

अपनी आगामी फिल्मों की रिलीज के सवाल पर उन्होंने बताया कि कई फिल्में तैयार हैं, लेकिन वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, जब लोग मनोरंजन से ज्यादा अपने घर का खर्च संभालने में लगे हों, तब फिल्म रिलीज करना व्यावसायिक रूप से भी उचित नहीं होगा।

प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील पर भी खेसारी लाल यादव ने अपनी राय रखी, जिसमें लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और सोना खरीदने से बचने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, ''गरीब लोगों से बचत की अपील करने का ज्यादा मतलब नहीं है, क्योंकि कई गरीब परिवारों के पास तो साइकिल तक नहीं है।''

उन्होंने यह भी कहा कि हाल के राज्य चुनावों के दौरान भी देश की यही स्थिति थी — तब बचत की अपील क्यों नहीं की गई, यह सवाल उन्होंने परोक्ष रूप से उठाया, हालाँकि उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी से दूरी बनाए रखी।

अमीरों और उद्योगपतियों से अपील

खेसारी लाल यादव ने बड़े उद्योगपतियों, फिल्मी हस्तियों और अमीर वर्ग से आगे आकर देश की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा, ''जिन्होंने जनता के जरिए नाम और पैसा कमाया है — चाहे बड़े कारोबारी हों, अभिनेता हों या मैं खुद — सभी को अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग देना चाहिए, ताकि देश मुश्किल समय से लड़ सके।''

यह ऐसे समय में आया है जब महंगाई और आर्थिक दबाव को लेकर आम जनता में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में बिहार में एनकाउंटर विवाद और आर्थिक सवाल दोनों राजनीतिक एजेंडे पर बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यमंत्री को सीधे घेरने से बचे। यह उस संतुलन की कोशिश है जो भोजपुरी पट्टी के कलाकारों को अक्सर करनी पड़ती है, जहाँ दर्शक और राजनीतिक संरक्षक दोनों एक ही समुदाय से आते हैं। महंगाई पर उनकी टिप्पणी ज्यादा मुखर और सीधी है — नोटबंदी से तुलना एक राजनीतिक संकेत है, भले ही वे 'राजनीति नहीं करते' का दावा करें। असली सवाल यह है कि जब मनोरंजन उद्योग के बड़े चेहरे आर्थिक संकट को स्वीकार करने लगें, तो नीति-निर्माताओं को इसे महज़ सेलेब्रिटी राय नहीं, बल्कि जमीनी संकेत मानना चाहिए।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी का विवादित एनकाउंटर बयान क्या था?
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कथित तौर पर कहा था कि 'जाति पूछकर ही गोली चलाओ।' सत्ता पक्ष ने इसे विपक्ष के जाति-आधारित आरोपों पर व्यंग्य बताया, जबकि विपक्ष ने इसे गंभीर और आपत्तिजनक करार दिया।
खेसारी लाल यादव ने सम्राट चौधरी के बयान पर क्या कहा?
खेसारी लाल यादव ने कहा कि अपराधी की कोई जात नहीं होती और किसी भी अपराध को जाति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि हर कोई अपनी सोच के अनुसार बोलता है।
खेसारी लाल यादव ने अपनी फिल्में रिलीज क्यों नहीं की हैं?
खेसारी लाल यादव के अनुसार मौजूदा आर्थिक हालात नोटबंदी से भी खराब हैं और लोग मनोरंजन से ज्यादा अपने घर के खर्चों की चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि कई फिल्में तैयार हैं लेकिन वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
खेसारी लाल यादव ने PM मोदी की बचत अपील पर क्या कहा?
खेसारी ने कहा कि गरीब लोगों से बचत की अपील का ज्यादा मतलब नहीं है क्योंकि कई गरीब परिवारों के पास साइकिल तक नहीं है। उन्होंने परोक्ष रूप से सवाल उठाया कि राज्य चुनावों के दौरान यही स्थिति थी, तब यह अपील क्यों नहीं की गई।
बिहार में एनकाउंटर और जाति विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
बिहार में हाल के हफ्तों में पुलिस एनकाउंटर की घटनाओं के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया है कि राज्य में जाति देखकर कार्रवाई हो रही है। इसी पृष्ठभूमि में सम्राट चौधरी का बयान आया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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