लोहागढ़ किला हत्याकांड: केतन की हत्या से पहले सिया ने चेतन से कर ली थी गुपचुप शादी
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में जाँच के दौरान एक अहम खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से तय शादी से करीब चार महीने पहले ही अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ कथित तौर पर स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह का पंजीकरण करा लिया था। 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत के बाद से यह मामला पुणे पुलिस की जाँच के केंद्र में है।
मामले का पृष्ठभूमि और मुख्य घटनाक्रम
सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने घटना से लगभग चार महीने पहले स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अपनी शादी का पंजीकरण कराया था। इसी वर्ष फरवरी में सिया की सगाई पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई थी और दोनों की शादी नवंबर में उदयपुर में डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में होने वाली थी।
जाँचकर्ताओं को संदेह है कि कथित साजिश उस वक्त तेज हुई जब केतन के परिवार ने उदयपुर में शादी की तैयारियों के लिए सिया से ज़रूरी दस्तावेज़ माँगे। पुलिस के अनुसार, यह दबाव ही वह मोड़ था जब कथित हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया।
डिजिटल साक्ष्य और जाँच की दिशा
जाँच में कथित तौर पर ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री, डिलीट किए गए संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने कथित तौर पर गूगल और यूट्यूब पर हत्या के विभिन्न तरीकों की जानकारी खोजी थी और अंततः केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारने की योजना बनाई।
जाँचकर्ता एक इंस्टाग्राम अकाउंट से हटाई गई तस्वीरों को भी रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों में सिया और चेतन शादी की वरमाला पहने नज़र आ रहे थे, जो जाँच में महत्वपूर्ण सबूत बन सकती हैं।
गवाह और विवाह प्रमाणपत्र की जाँच
पुलिस अब इस दावे की पड़ताल कर रही है कि दोनों ने कानूनी रूप से विवाह का पंजीकरण कराया था। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि विवाह प्रमाणपत्र मौजूद है या नहीं, क्योंकि ऐसा दस्तावेज़ जाँच में अहम साक्ष्य साबित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के दौरान गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले सिया के कॉलेज के दो दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, जाँच एजेंसियाँ चेतन चौधरी के बैंक लेनदेन की भी छानबीन कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अनिवार्य सार्वजनिक नोटिस अवधि से बचने के लिए कोई भुगतान तो नहीं किया गया।
सिया का बयान और आरोपियों की स्थिति
पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर जाँचकर्ताओं को बताया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। उसका दावा है कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होती, इसलिए उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस का आरोप है कि घटना वाले दिन चेतन चौधरी भी लोहागढ़ किले तक दोनों के पीछे-पीछे पहुँचा था और कथित हत्या की साजिश में शामिल था।
फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। जाँच जारी है और आने वाले दिनों में विवाह प्रमाणपत्र की पुष्टि और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।