पुणे हत्याकांड: सिया गोयल ने शादी तोड़ने की बजाय केतन अग्रवाल की हत्या को चुना — पुलिस का दावा
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में 27 जून 2026 को एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्हें अपने मंगेतर को खत्म करना, परिवार का सामना करके शादी रद्द करने से 'आसान' लगा। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, गोयल अपने परिवार की भावनाओं को ठेस पहुँचाने से बचना चाहती थीं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, केतन अग्रवाल की मौत 18 जून 2026 को लोहगढ़ किले में एक चट्टान से गिरने के कारण हुई। जांचकर्ताओं का आरोप है कि सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर यह साजिश रची, क्योंकि गोयल नवंबर में तय शादी को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थीं। यह मामला तब और गहरा हो गया जब पुलिस ने दोनों आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले।
डिजिटल साक्ष्य और जांच का दायरा
जांचकर्ताओं के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला है कि गोयल और चौधरी ने जनवरी 2026 से अब तक 2,000 से अधिक बार बातचीत की, जिसकी कुल अवधि लगभग 238 घंटे रही। पुलिस अब दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है, ताकि कथित साजिश के एंगल को और मजबूत किया जा सके।
परिवार और सह-आरोपी से पूछताछ
पुणे और लोनावाला पुलिस ने मामले की जांच के लिए छह अलग-अलग टीमें गठित की हैं। गोयल के माता-पिता से लोनावाला सिटी पुलिस स्टेशन में पूछताछ जारी है, जबकि उनके भाई साहिल गोयल को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए बुलाया गया है। लगभग 10 घंटे की पूछताछ में साहिल ने बताया कि वे चेतन चौधरी को जानते थे और उनकी बहन की पहली मुलाकात चौधरी से एक क्रिकेट मैच में हुई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, पिछले वर्ष एक साझा मित्र की दीपावली पार्टी में दोबारा मिलने के बाद दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ गईं।
परिवार और बचाव पक्ष का रुख
गोयल के माता-पिता ने चेतन चौधरी से कभी मिलने या बात करने से इनकार किया है। वहीं, गोयल के वकील का कहना है कि चौधरी महज उनकी मुवक्किल के दोस्त थे और उनके बीच कोई अनुचित संबंध नहीं था। यह विरोधाभास जांच को और जटिल बनाता है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि उसने दोनों आरोपियों की कथित भूमिकाओं की पहचान कर ली है और अब डिजिटल साक्ष्यों के जरिए साजिश को कानूनी रूप से साबित करने पर ध्यान केंद्रित है। गौरतलब है कि यह मामला परिवार के दबाव और व्यक्तिगत संबंधों के बीच फँसी एक युवती की मनोस्थिति को उजागर करता है — जो आलोचकों के अनुसार सामाजिक दबाव की गंभीर परिणतियों की ओर इशारा करता है। जांच के निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।