केतन अग्रवाल हत्याकांड: लोहागढ़ किले के गार्ड ने बताया — सिया चिल्लाई 'कोई गिर गया'
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के निकट स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से केतन अग्रवाल (26 वर्ष) की संदिग्ध मौत के मामले में एक अहम गवाह सामने आया है। किले पर तैनात सुरक्षा गार्ड धीरज जाधव ने खुलासा किया कि घटना के वक्त आरोपी सिया गोयल — जो केतन की मंगेतर थी — 'मदद करो, मदद करो' चिल्लाते हुए कह रही थी कि 'कोई किले से गिर गया है।' इस मामले में पुणे पुलिस ने सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर हिरासत में लिया है।
गार्ड का बयान: क्या हुआ उस रात
धीरज जाधव ने बताया कि वह अपने ड्यूटी क्षेत्र में थे जब दूर से चीखने की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने कहा, 'चीखें सुनकर मैं दौड़कर आया। मैंने सिया गोयल से पूछा कि क्या हुआ है और उसने कहा — कोई किले से गिर गया है। मैंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।' जाधव के अनुसार, सिया ने उस समय कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी, इसलिए उन्होंने और सवाल पूछने में समय बर्बाद न करते हुए सीधे अधिकारियों से संपर्क किया।
जाधव ने यह भी बताया कि किले में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था रहती है और पास में ही एक पुलिस स्टेशन भी है, हालांकि इलाके में नेटवर्क की समस्या के कारण कभी-कभी संचार बाधित हो सकता है।
साजिश की पूरी कहानी: कैफे से किले तक
जाँच में सामने आई जानकारियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे के एक कैफे में मुलाकात की थी, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर केतन अग्रवाल की हत्या की विस्तृत योजना बनाई और इसे 'दुर्घटना' के रूप में दिखाने की रणनीति तय की।
सीसीटीवी फुटेज में सिया गोयल को उस कैफे में चेतन चौधरी से मिलते हुए देखा जा सकता है। पुलिस के अनुसार, इसी मुलाकात के बाद दोनों ने केतन को लोहागढ़ किले की यात्रा पर ले जाने और वहाँ से धक्का देकर हत्या करने की साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोप
पुणे पुलिस ने सिया गोयल और चेतन बाबूलाल चौधरी दोनों पर हत्या (IPC धारा 302) और आपराधिक साजिश (IPC धारा 120-B) के आरोप लगाए हैं। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। गौरतलब है कि यह मामला शुरुआत में 'दुर्घटनावश मौत' के रूप में सामने आया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और जाँच में उभरे तथ्यों के बाद पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या माना।
आगे क्या होगा
मामले की जाँच जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, गार्ड के बयान और अन्य गवाहों के साक्ष्य के आधार पर आरोप-पत्र तैयार कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई में दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत पर फैसला होने की संभावना है।