केतन अग्रवाल मौत मामला: सिया गोयल और चेतन चौधरी को 7 दिन की पुलिस कस्टडी, परिवार ने बताया सुनियोजित हत्या
सारांश
मुख्य बातें
पुणे की एक अदालत ने केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के सिलसिले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों — सिया गोयल और चेतन चौधरी — को 23 जून 2026 को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह मामला तब से विवादों में है जब से बचाव पक्ष और पीड़ित परिवार के दावे आमने-सामने आए हैं — एक पक्ष इसे दुर्घटना बता रहा है, जबकि परिवार का आरोप है कि यह पूर्वनियोजित हत्या थी।
अदालत में क्या हुआ
आरोपी चेतन चौधरी के अधिवक्ता राम सहाने ने कोर्ट की कार्यवाही के बाद मीडिया को बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 7 दिन की पुलिस कस्टडी का आदेश दिया।
सहाने ने कहा कि इस मामले में सिया गोयल मुख्य आरोपी है, जो शिकायतकर्ता के पुत्र केतन अग्रवाल से विवाह करने वाली थी। घटना के समय दोनों लोहागढ़ भ्रमण पर गए थे, जहाँ केतन की मौत हो गई।
बचाव पक्ष का रुख
अधिवक्ता सहाने के अनुसार, बचाव पक्ष का स्पष्ट मत है कि यह आकस्मिक मृत्यु का मामला है, न कि हत्या। उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने भी इसे दुर्घटना माना था, किंतु बाद में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों को निराधार बताया है।
पीड़ित परिवार का आरोप
दूसरी ओर, केतन के चाचा दिनेश अग्रवाल ने इस घटना को सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केतन को जानबूझकर लोहागढ़ ले जाया गया और उसे मारने की योजना पहले से बनाई गई थी।
दिनेश अग्रवाल के अनुसार, घटना के तुरंत बाद परिवार को संदेह हुआ और जाँच में संदिग्ध परिस्थितियाँ सामने आईं। उन्होंने बताया कि केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था। परिवार ने माँग की है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
जाँच की स्थिति
पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। अब तक 2 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। 7 दिन की हिरासत के दौरान पुलिस से आरोपियों से पूछताछ कर महत्त्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की उम्मीद है। यह मामला पुणे में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में जाँच की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।