केतन अग्रवाल हत्याकांड: मंगेतर सिया गोयल और दोस्त चेतन चौधरी गिरफ्तार, लोहागढ़ किले से धक्का देकर की हत्या
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के लोनावला स्थित लोहागढ़ किले पर 18 जून को हुई केतन अग्रवाल की मौत अब हत्याकांड में बदल गई है। 24 वर्षीय कारोबारी युवक की मृत्यु को शुरुआत में दुर्घटना माना गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को हिरासत में ले लिया है। दोनों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई हत्या की साजिश
18 जून को सिया गोयल और केतन अग्रवाल — जिनकी फरवरी में सगाई हो चुकी थी — लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। पुलिस अधीक्षक (पुणे ग्रामीण) संदीप सिंह गिल के अनुसार, सुबह करीब 10:30 से 10:45 बजे के बीच सिया गोयल ने फोन कर सूचना दी कि केतन फिसलकर किले से नीचे गिर गया और उसकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी, पुलिस और मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उसी दिन थाने में मामला दर्ज किया गया।
जांच में उठे संदेह के बिंदु
पुलिस अधीक्षक गिल ने बताया कि जांच के दौरान मृतक के रिश्तेदारों और दोस्तों से बातचीत में यह तथ्य सामने आया कि केतन अग्रवाल एक अनुभवी ट्रेकर था और अक्सर पहाड़ी इलाकों में ट्रेकिंग करता था। ऐसे अनुभवी युवक का अचानक फिसलकर गिरना पुलिस को संदिग्ध लगा। इसके अलावा, गोपनीय सूत्रों और तकनीकी साक्ष्यों ने जांच को एक नई दिशा दी।
साजिश का पर्दाफाश: सिया और चेतन का कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ कि सिया गोयल का चेतन चौधरी नाम के युवक से करीब एक वर्ष से परिचय था। सिया के परिवार का व्यवसाय मार्केट यार्ड क्षेत्र में है और चेतन की भी वहीं दुकान है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई और लोहागढ़ किले पर उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
गिरफ्तारी और कबूलनामा
हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधीक्षक गिल ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है।
आगे क्या होगा
पुणे ग्रामीण पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अदालत में आरोपियों की पेशी के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला महाराष्ट्र में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है।