केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी चेतन चौधरी के घर के विजुअल्स आए सामने, 7 दिन की पुलिस कस्टडी
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में सोमवार रात गिरफ्तार आरोपी चेतन बाबूलाल चौधरी के घर के विजुअल्स सामने आए हैं। पुलिस ने चेतन चौधरी को उसी आवास से हिरासत में लिया था, जहाँ स्थानीय जानकारी के अनुसार उसके साथ उसकी चार बहनें और माता-पिता भी रहते हैं। परिजनों से संपर्क करने पर परिवार ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
यह पूरा मामला 18 जून का है, जब महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला स्थित लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान 24 वर्षीय कारोबारी युवक केतन अग्रवाल की मौत हुई। केतन की मंगेतर सिया गोयल — जिनकी फरवरी में सगाई हुई थी — ने पुलिस को सूचित किया कि केतन किले से फिसलकर नीचे गिर गया। प्रारंभ में इसे दुर्घटना माना गया।
हालाँकि, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस को संदेह हुआ। मृतक के परिजनों और मित्रों के बयानों के आधार पर जाँच में हत्या के पुख्ता संकेत मिले, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।
पुलिस जाँच में क्या सामने आया
जाँच में पता चला कि सिया गोयल और चेतन चौधरी लगभग एक वर्ष से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई और लोहागढ़ किले पर उसे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
अदालत का फैसला और कस्टडी
अदालत ने दोनों आरोपियों — सिया गोयल और चेतन चौधरी — को 7 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अभी मामले के विभिन्न पहलुओं की जाँच जारी रखे हुए है।
बचाव पक्ष और पीड़ित परिवार के परस्पर विरोधी दावे
इस मामले में बचाव पक्ष और पीड़ित परिवार के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। बचाव पक्ष इस घटना को एक दुर्घटना बता रहा है, जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी और पहले से रची गई साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया।
आगे क्या होगा
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जाँच जारी है। 7 दिन की पुलिस कस्टडी की समाप्ति के बाद अदालत में अगली सुनवाई होगी, जो इस हत्याकांड की दिशा तय करेगी।