तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग का निर्देश: तिमाही परीक्षा छुट्टियों में स्पेशल क्लास पर रोक, हेडमास्टर होंगे जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग ने 24 सितंबर 2026 को राज्य के सभी स्कूलों के हेडमास्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 26 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलने वाली तिमाही परीक्षा की छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार की स्पेशल क्लास या एक्स्ट्रा सेशन आयोजित न किए जाएँ। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश का उल्लंघन करते हुए क्लास लगाई जाती हैं और कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित हेडटीचर की पूरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
परीक्षा और छुट्टियों का शेड्यूल
राज्य के सरकारी एवं राज्य पाठ्यक्रम (State Syllabus) से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र 16 से 25 सितंबर के बीच अपनी तिमाही परीक्षाएँ दे रहे हैं। आखिरी परीक्षा 25 सितंबर को निर्धारित है, और उसके अगले दिन 26 सितंबर से सभी श्रेणियों के स्कूलों में अवकाश शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेगा। यह नौ दिन का अवकाश छात्रों को परीक्षा के बाद मानसिक विराम देने के उद्देश्य से घोषित किया गया है।
विभाग का निर्देश और उसकी पृष्ठभूमि
यह निर्देश खासतौर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। गौरतलब है कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर स्कूल पहले से तिमाही छुट्टियों के दौरान स्पेशल कोचिंग सेशन आयोजित करते रहे हैं। विभाग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि घोषित अवकाश के दौरान ऐसे क्लासरूम सेशन की अनुमति नहीं होगी, चाहे स्कूल कोई भी कारण बताए।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शैक्षणिक दबाव और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज हो रही है। परीक्षा के बाद के अवकाश का उद्देश्य छात्रों को तनाव से उबरने का अवसर देना है, न कि उन्हें फिर से कक्षाओं में बाँधे रखना।
शिक्षकों के लिए विकल्प: होम असाइनमेंट और स्वाध्याय योजना
विभाग के सर्कुलर में हेडमास्टरों और विषय शिक्षकों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे छात्रों को छुट्टियों के सदुपयोग के लिए घर पर पढ़ाई का ढाँचा दें। विषय शिक्षक छात्रों को असाइनमेंट के प्रश्नों के उत्तर लिखने की सलाह दे सकते हैं और प्रतिदिन एक विषय पर ध्यान केंद्रित करने का मार्गदर्शन दे सकते हैं। इस व्यवस्था के जरिए छात्र स्कूल बुलाए बिना भी अपनी तैयारी घर पर जारी रख सकते हैं।
सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया है कि छुट्टियों के दौरान छात्रों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
हेडमास्टरों की जिम्मेदारी और जवाबदेही
विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि घोषित छुट्टियों के दौरान कोई हेडटीचर स्पेशल क्लास आयोजित करता है और इस दौरान कोई अनहोनी होती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित हेडमास्टर पर होगी। यह चेतावनी उस परिपाटी को तोड़ने के इरादे से दी गई है जिसमें बोर्ड कक्षाओं के लिए छुट्टियों में भी एक्स्ट्रा कोचिंग का आयोजन किया जाता रहा है।
आगे की राह
शिक्षा विभाग के इस कदम से राज्य के लाखों स्कूली छात्रों को परीक्षा के बाद वास्तविक अवकाश मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि स्कूल प्रशासन इस निर्देश का कितनी सख्ती से पालन करता है — और क्या विभाग अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कोई निगरानी तंत्र भी स्थापित करता है।