24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

IIT दिल्ली ने बनाया भारत का पहला स्वदेशी माइक्रो-GPU, AI और डिजिटल डिवाइड पर बड़ा असर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
IIT दिल्ली ने बनाया भारत का पहला स्वदेशी माइक्रो-GPU, AI और डिजिटल डिवाइड पर बड़ा असर

सारांश

IIT दिल्ली के MTech छात्रों ने देश का पहला कार्यशील स्वदेशी माइक्रो-GPU तैयार किया है — Spartan-7 FPGA पर। यह सिर्फ एक शोध उपलब्धि नहीं, बल्कि GPU आयात निर्भरता तोड़ने और ई-रिक्शा से शैक्षणिक उपकरणों तक किफायती डिजिटल तकनीक पहुँचाने की दिशा में एक ठोस पहल है।

मुख्य बातें

IIT दिल्ली के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने 24 सितंबर 2026 को भारत का पहला कार्यशील स्वदेशी माइक्रो-GPU विकसित किया।
परियोजना का नेतृत्व MTech छात्र नम्मी आकाश और एम.
रवि तेजा ने किया; मार्गदर्शन प्रो.
इसे Spartan-7 FPGA प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है और भविष्य में ASIC चिप रूप में विकसित किया जा सकता है।
उपयोग क्षेत्र: ई-रिक्शा डैशबोर्ड, औद्योगिक डिस्प्ले, जलमार्ग नेविगेशन टर्मिनल और शैक्षणिक ई-बुक रीडर ।
अगला लक्ष्य 8-16 कोर वेक्टर GPU और 65 नैनोमीटर ASIC पर प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट तैयार करना है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने 24 सितंबर 2026 को देश का पहला कार्यशील और प्रदर्शनयोग्य स्वदेशी माइक्रो-GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) विकसित कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की इस टीम का दावा है कि यह किसी भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया गया पहला ऐसा स्वदेशी ग्राफिक्स प्रोसेसर है, जिसे वास्तव में प्रोग्राम किया जा सके और प्रदर्शित किया जा सके।

परियोजना का नेतृत्व और तकनीकी आधार

इस परियोजना का नेतृत्व MTech छात्रों नम्मी आकाश और एम. रवि तेजा ने किया, जिन्हें प्रो. जयदेव और प्रो. कौशिक साहा ने शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस माइक्रो-GPU को Spartan-7 FPGA (फील्ड-प्रोग्रामेबल गेट ऐरे) प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह एक प्रोग्रामयोग्य ग्राफिक्स प्रोसेसर ढाँचा है जिसे भविष्य में ASIC (एप्लीकेशन-स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट) या FPGA जैसे प्रोग्रामयोग्य हार्डवेयर पर भी उपयोग किया जा सकता है। प्रो. जयदेव ने बताया कि सामान्य FPGA बोर्ड पर इस डिज़ाइन को साकार करने के लिए टीम को कई महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार करने पड़े।

किन उपकरणों में होगा उपयोग

यह तकनीक महंगे और बड़े कंप्यूटरों तक सीमित न रहकर कई किफायती और छोटे उपकरणों में इस्तेमाल की जा सकती है। संस्थान के अनुसार इसके अनुप्रयोगों में शामिल हैं:

  • औद्योगिक नियंत्रण डिस्प्ले और कम लागत वाले मानव-मशीन इंटरफेस
  • ई-रिक्शा के डैशबोर्ड और नेविगेशन सिस्टम
  • छोटी मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए अंतर्देशीय जलमार्ग नेविगेशन टर्मिनल
  • शैक्षणिक ई-बुक रीडर

नम्मी आकाश और एम. रवि तेजा ने कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसा छोटा, लेकिन वास्तविक रूप से प्रोग्रामयोग्य ग्राफिक्स प्रोसेसिंग ढाँचा बनाना था जिसे FPGA पर लागू किया जा सके और आगे चलकर चिप के रूप में विकसित किया जा सके। उनके अनुसार, ऐसे स्वदेशी हार्डवेयर सिस्टम किफायती डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने और डिजिटल डिवाइड को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

GPU आयात निर्भरता और राष्ट्रीय महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत GPU के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, विशेष रूप से AI, मशीन लर्निंग और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए। गौरतलब है कि वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनज़र भारत की स्वदेशी चिप विकास क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया जाता रहा है। इस संदर्भ में IIT दिल्ली की यह उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक ठोस शैक्षणिक कदम मानी जा रही है।

अगले चरण की योजनाएँ

IIT दिल्ली की टीम अब इस तकनीक को और उन्नत बनाने की तैयारी में है। अगले चरण में 8 से 16 कोर वाले वेक्टर-शैली के ग्राफिक्स प्रोसेसर को विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही बेहतर कंपाइलर और ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर टूलचेन भी तैयार किया जाएगा। दीर्घावधि में 65 नैनोमीटर ASIC प्रक्रिया पर प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट बनाने की दिशा में भी कार्य होगा।

टीम अब ASIC विकास, सिस्टम एकीकरण और व्यावसायिक उपयोग के लिए वित्तीय सहायता जुटाने की योजना बना रही है। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो भारत में ही निर्मित ग्राफिक्स प्रोसेसिंग तकनीक का रास्ता और सुदृढ़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा FPGA प्रोटोटाइप से ASIC उत्पादन तक की छलाँग है — एक ऐसी खाई जो भारत के कई शैक्षणिक अनुसंधान प्रयासों ने अब तक नहीं पाटी। GPU आयात पर भारत की निर्भरता केवल उच्च-प्रदर्शन AI चिप्स के लिए नहीं, बल्कि मध्य-श्रेणी के एम्बेडेड हार्डवेयर के लिए भी है — और इसी खंड को यह माइक्रो-GPU संबोधित करता है। वित्तीय सहायता और उद्योग साझेदारी के बिना, शैक्षणिक नवाचार प्रयोगशाला तक सीमित रह सकते हैं। सरकार की सेमीकंडक्टर नीति और इस जैसी परियोजनाओं के बीच कड़ी जोड़ना अब आवश्यक है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IIT दिल्ली का स्वदेशी माइक्रो-GPU क्या है?
यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली द्वारा विकसित देश का पहला कार्यशील और प्रदर्शनयोग्य स्वदेशी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट है, जिसे Spartan-7 FPGA प्लेटफॉर्म पर लागू किया गया है। इसे कम लागत वाले उपकरणों में ग्राफिक्स और डिस्प्ले कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस माइक्रो-GPU का उपयोग किन उपकरणों में होगा?
इसका उपयोग ई-रिक्शा डैशबोर्ड, औद्योगिक नियंत्रण डिस्प्ले, मानव-मशीन इंटरफेस, अंतर्देशीय जलमार्ग नेविगेशन टर्मिनल और शैक्षणिक ई-बुक रीडर जैसे किफायती उपकरणों में किया जा सकता है। यह तकनीक बड़े, महंगे कंप्यूटरों की जगह छोटे और सस्ते उपकरणों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।
इस परियोजना का नेतृत्व किसने किया?
परियोजना का नेतृत्व IIT दिल्ली के MTech छात्रों नम्मी आकाश और एम. रवि तेजा ने किया। इन्हें प्रो. जयदेव और प्रो. कौशिक साहा ने शैक्षणिक मार्गदर्शन दिया।
इस तकनीक का अगला चरण क्या होगा?
IIT दिल्ली की टीम अब 8 से 16 कोर वाले वेक्टर-शैली के ग्राफिक्स प्रोसेसर, बेहतर कंपाइलर और सॉफ्टवेयर टूलचेन विकसित करने की योजना बना रही है। दीर्घावधि में 65 नैनोमीटर ASIC प्रक्रिया पर प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट तैयार करने और व्यावसायिक उपयोग के लिए वित्तीय सहायता जुटाने पर काम होगा।
यह उपलब्धि भारत के GPU आयात पर निर्भरता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
अब तक भारत में उपयोग होने वाले GPU के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भरता रही है, खासकर AI और मशीन लर्निंग अनुप्रयोगों के लिए। IIT दिल्ली का यह स्वदेशी माइक्रो-GPU एम्बेडेड और कम लागत वाले उपकरणों के लिए घरेलू विकल्प की दिशा में पहला ठोस शैक्षणिक प्रयास है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' के सेमीकंडक्टर लक्ष्यों से जुड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले