29 जून 2026
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पुणे हत्याकांड: सिया गोयल ने शादी के बहाने केतन से ₹1 करोड़ लेकर प्रेमी चेतन को दिए, जांच में नए खुलासे

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पुणे हत्याकांड: सिया गोयल ने शादी के बहाने केतन से ₹1 करोड़ लेकर प्रेमी चेतन को दिए, जांच में नए खुलासे

सारांश

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जितनी गहरी होती जा रही है, साजिश उतनी ही सुनियोजित निकल रही है। ₹1 करोड़ का कथित हस्तांतरण, पूर्व-निर्धारित संकेत, 14 जून का पहला नाकाम प्रयास और CDR — यह महज प्रेम-त्रिकोण नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से रची गई हत्या की कहानी है।

मुख्य बातें

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया गोयल ने शादी की खरीदारी के बहाने केतन अग्रवाल से करीब ₹1 करोड़ लिए और कथित तौर पर पूरी रकम प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी।
दोनों आरोपियों को 18 जून को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से केतन को धक्का देकर हत्या करने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
हत्या की साजिश मई के अंत तक तैयार थी; 14 जून को पहला प्रयास हुआ, जिसमें केतन झाड़ियाँ पकड़कर बच गया।
घटना से 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच हुई बातचीत के CDR रिकॉर्ड पुलिस के दावों को मजबूत कर रहे हैं।
आरोप है कि दोनों ने तय किया था कि केतन की मृत्यु के बाद सिया तीन साल तक शादी नहीं करेगी, ताकि संदेह न हो।

पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच में 29 जून 2026 को नए और गंभीर खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल ने विवाह की खरीदारी और शादी से जुड़े खर्चों का हवाला देकर केतन से करीब ₹1 करोड़ लिए थे और कथित तौर पर यह पूरी राशि अपने प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी थी। यह मामला पुणे के लोहागढ़ किले की पहाड़ी पर हुई उस कथित हत्या से जुड़ा है, जिसमें 18 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

पैसों का लेन-देन और कथित साजिश

जांचकर्ताओं के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल ने शादी की शॉपिंग और अन्य विवाह संबंधी तैयारियों का बहाना बनाकर केतन से लगभग ₹1 करोड़ की रकम हासिल की। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस राशि का उपयोग शादी में नहीं, बल्कि 22 वर्षीय चेतन चौधरी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किया गया, ताकि वह अपना करियर स्थापित कर सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि पैसों का यह लेन-देन कथित साजिश का एक अहम हिस्सा था।

पुलिस के अनुसार, चेतन आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से आता था और उसने सिया को बताया था कि खुद को आर्थिक रूप से स्थिर करने में उसे करीब तीन साल लगेंगे। इसी के मद्देनज़र दोनों ने कथित तौर पर यह तय किया था कि केतन की मृत्यु के बाद सिया तीन वर्षों तक कोई विवाह नहीं करेगी, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।

हत्या की योजना और पूर्व-निर्धारित संकेत

जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश मई के अंत तक पूरी तरह तैयार हो चुकी थी। अधिकारियों के अनुसार, सिया और चेतन के बीच एक पूर्व-निर्धारित संकेत तय किया गया था — सिया को पानी पीने या जूते का फीता बाँधने का बहाना बनाकर बैठ जाना था, जो चेतन के लिए यह इशारा होता कि केतन को चट्टान से धक्का देने का सही क्षण आ गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस संकेत का एक और उद्देश्य यह भी था कि सिया केतन से सुरक्षित दूरी पर रहे, ताकि गिरते समय केतन उसे पकड़ न सके।

14 जून को हत्या का पहला प्रयास

जांच में यह भी उजागर हुआ है कि 14 जून को केतन की हत्या का पहला प्रयास किया गया था। बताया जा रहा है कि उस दिन केतन को धक्का दिया गया था, लेकिन वह पास की झाड़ियों को पकड़कर बच निकला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाद में सिया ने इस घटना को दुर्घटना बताते हुए कहा था कि सांप देखकर घबराहट में उसने केतन को धक्का दे दिया था।

कॉल रिकॉर्ड से मजबूत हुई जांच

कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी पुलिस के दावों को पुष्ट कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया ने चेतन से बातचीत की थी। पुलिस का संदेह है कि यह बातचीत हत्या से पहले अंतिम पुष्टि के लिए की गई थी।

आगे क्या होगा

दोनों आरोपी — सिया गोयल और चेतन चौधरी — फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। पुलिस लोहागढ़ किले की घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों और गवाहों की पड़ताल कर रही है। यह मामला प्रेम, धोखे और सुनियोजित अपराध के एक जटिल जाल की ओर इशारा करता है, जिसकी परतें जांच के साथ-साथ खुलती जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक सुनियोजित आर्थिक और आपराधिक षड्यंत्र की शक्ल लेता दिख रहा है। ₹1 करोड़ का कथित हस्तांतरण, तीन साल तक शादी न करने की 'रणनीति' और पूर्व-निर्धारित संकेत — ये सब मिलकर संकेत देते हैं कि यह अपराध आवेग में नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से रचा गया था। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ कर रही है वह यह है कि 14 जून के पहले नाकाम प्रयास के बाद भी आरोपी रुके नहीं — यह दृढ़ इरादे का संकेत है जो अदालत में अभियोजन पक्ष के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। CDR साक्ष्य और पैसों की ट्रेल अगर अदालत में पुख्ता रहे, तो यह मामला पूर्व-नियोजित हत्या की श्रेणी में मजबूती से खड़ा होगा।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे हत्याकांड में सिया गोयल पर क्या आरोप हैं?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया गोयल पर आरोप है कि उसने शादी की खरीदारी के बहाने मंगेतर केतन अग्रवाल से करीब ₹1 करोड़ लिए और वह रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी। इसके अलावा उस पर लोहागढ़ किले पर केतन की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में सहभागिता का आरोप है।
केतन अग्रवाल की हत्या कब और कहाँ हुई?
पुलिस के अनुसार, पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से धक्का देकर हत्या की गई। दोनों आरोपियों — सिया गोयल और चेतन चौधरी — को 18 जून को इस साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
14 जून की घटना क्या थी?
जांच में सामने आया है कि 14 जून को केतन की हत्या का पहला प्रयास किया गया था। उस दिन केतन को धक्का दिया गया, लेकिन वह पास की झाड़ियाँ पकड़कर बच निकला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया ने बाद में इसे सांप देखकर घबराहट में हुई दुर्घटना बताया था।
CDR रिकॉर्ड इस मामले में कैसे अहम हैं?
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के अनुसार, घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच बातचीत हुई थी। पुलिस का संदेह है कि यह बातचीत हत्या से पहले अंतिम पुष्टि के लिए की गई थी, जो साजिश को और पुख्ता करती है।
आरोपियों ने हत्या के बाद संदेह से बचने के लिए क्या योजना बनाई थी?
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने तय किया था कि केतन की मृत्यु के बाद सिया तीन साल तक कोई विवाह नहीं करेगी, ताकि उनके रिश्ते को हत्या से असंबंधित दिखाया जा सके। जब चेतन आर्थिक रूप से स्थिर हो जाता और मामले की चर्चा ठंडी पड़ जाती, तब दोनों विवाह करते।
राष्ट्र प्रेस
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