पुणे हत्याकांड: सिया गोयल ने शादी के बहाने केतन से ₹1 करोड़ लेकर प्रेमी चेतन को दिए, जांच में नए खुलासे
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच में 29 जून 2026 को नए और गंभीर खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल ने विवाह की खरीदारी और शादी से जुड़े खर्चों का हवाला देकर केतन से करीब ₹1 करोड़ लिए थे और कथित तौर पर यह पूरी राशि अपने प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी थी। यह मामला पुणे के लोहागढ़ किले की पहाड़ी पर हुई उस कथित हत्या से जुड़ा है, जिसमें 18 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पैसों का लेन-देन और कथित साजिश
जांचकर्ताओं के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल ने शादी की शॉपिंग और अन्य विवाह संबंधी तैयारियों का बहाना बनाकर केतन से लगभग ₹1 करोड़ की रकम हासिल की। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस राशि का उपयोग शादी में नहीं, बल्कि 22 वर्षीय चेतन चौधरी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किया गया, ताकि वह अपना करियर स्थापित कर सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि पैसों का यह लेन-देन कथित साजिश का एक अहम हिस्सा था।
पुलिस के अनुसार, चेतन आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से आता था और उसने सिया को बताया था कि खुद को आर्थिक रूप से स्थिर करने में उसे करीब तीन साल लगेंगे। इसी के मद्देनज़र दोनों ने कथित तौर पर यह तय किया था कि केतन की मृत्यु के बाद सिया तीन वर्षों तक कोई विवाह नहीं करेगी, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।
हत्या की योजना और पूर्व-निर्धारित संकेत
जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश मई के अंत तक पूरी तरह तैयार हो चुकी थी। अधिकारियों के अनुसार, सिया और चेतन के बीच एक पूर्व-निर्धारित संकेत तय किया गया था — सिया को पानी पीने या जूते का फीता बाँधने का बहाना बनाकर बैठ जाना था, जो चेतन के लिए यह इशारा होता कि केतन को चट्टान से धक्का देने का सही क्षण आ गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस संकेत का एक और उद्देश्य यह भी था कि सिया केतन से सुरक्षित दूरी पर रहे, ताकि गिरते समय केतन उसे पकड़ न सके।
14 जून को हत्या का पहला प्रयास
जांच में यह भी उजागर हुआ है कि 14 जून को केतन की हत्या का पहला प्रयास किया गया था। बताया जा रहा है कि उस दिन केतन को धक्का दिया गया था, लेकिन वह पास की झाड़ियों को पकड़कर बच निकला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाद में सिया ने इस घटना को दुर्घटना बताते हुए कहा था कि सांप देखकर घबराहट में उसने केतन को धक्का दे दिया था।
कॉल रिकॉर्ड से मजबूत हुई जांच
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी पुलिस के दावों को पुष्ट कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया ने चेतन से बातचीत की थी। पुलिस का संदेह है कि यह बातचीत हत्या से पहले अंतिम पुष्टि के लिए की गई थी।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपी — सिया गोयल और चेतन चौधरी — फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। पुलिस लोहागढ़ किले की घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों और गवाहों की पड़ताल कर रही है। यह मामला प्रेम, धोखे और सुनियोजित अपराध के एक जटिल जाल की ओर इशारा करता है, जिसकी परतें जांच के साथ-साथ खुलती जा रही हैं।