केतन हत्याकांड: 33°C में हुडी, सीसीटीवी और 2,004 कॉल से पुणे पुलिस ने उघाड़ी साजिश
सारांश
मुख्य बातें
पुणे पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है, जिसमें लोहागढ़ किले की सीसीटीवी फुटेज, 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में हुडी पहने एक संदिग्ध और सात महीनों में की गई 2,004 फोन कॉल ने जाँच की दिशा तय की। 18 जून 2025 को जो घटना शुरुआत में ट्रेकिंग के दौरान हुई दुर्घटना लग रही थी, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या की साजिश निकली।
मामले की शुरुआत: दुर्घटना या हत्या?
केतन अग्रवाल की मौत की खबर सबसे पहले 18 जून को पुणे के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान गलती से गिरने से हुई मौत के रूप में सामने आई थी। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने तफ्तीश की गहराई में उतरी, एक-एक सुराग एक भयावह साजिश की ओर इशारा करने लगा। केतन महाराष्ट्र के एक बड़े व्यवसायी के पुत्र थे और उनकी सगाई फरवरी 2025 में सिया गोयल से हुई थी।
सीसीटीवी का सुराग और हुडी वाला संदिग्ध
सीसीटीवी फुटेज में केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ ट्रेक पर चलते दिखे, जबकि शॉर्ट्स और हुडी पहने एक व्यक्ति उनसे लगभग 20 से 30 फीट पीछे चल रहा था। उस व्यक्ति ने हुड से अपना चेहरा ढका हुआ था और हेडसेट भी लगाया हुआ था। एक अन्य फुटेज में सिया अचानक पीछे मुड़कर उस हुडी वाले व्यक्ति की ओर देखती दिखी — और लगभग उसी क्षण वह व्यक्ति नीचे बैठ गया, जैसे वह नज़रों से बचने की कोशिश कर रहा हो।
अधिकारियों के अनुसार, उस समय इलाके का तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था। इतनी तेज़ गर्मी में कठिन ट्रेक के दौरान हुडी पहनना असामान्य था और इसी बात ने जाँचकर्ताओं का ध्यान खींचा। तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीरों की सीसीटीवी फुटेज से तुलना के बाद उस संदिग्ध की पहचान 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के रूप में हुई।
2,004 फोन कॉल और रिश्ते का खुलासा
जाँच टीम ने कॉल रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पिछले सात महीनों में 2,004 फोन कॉल किए थे और लगभग 238 घंटे एक-दूसरे से बात की थी। अधिकारियों के अनुसार, दोनों 2025 में एक बिज़नेस इवेंट में मिले थे — सिया बेकरी का व्यवसाय करती थी, जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स के व्यापार से जुड़ा था। पुलिस का कहना है कि चेतन, केतन को सिया के साथ अपने संबंध में बाधा मानता था।
केतन की मौत के बाद सिया के व्यवहार पर भी संदेह हुआ। जाँच टीम के अनुसार, सिया ने केतन की मृत्यु पर अपेक्षित शोक नहीं जताया। केतन के चाचा ने पुलिस को बताया कि सिया ने पहले शादी को लेकर हिचकिचाहट जताई थी और एक बार यह भी पूछा था कि क्या शादी को एक साल के लिए टाला जा सकता है।
पहले की कोशिशें और 'प्लान-सी'
जाँच में सामने आया कि हत्या से पहले केतन को नुकसान पहुँचाने की कोशिशें की गई थीं। हत्या से कुछ दिन पहले केतन और सिया ने बाली में प्री-वेडिंग फोटोशूट ट्रिप की योजना बनाई थी, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट गायब मिलने के बाद ट्रिप रद्द हो गई। केतन के पिता ने आरोप लगाया कि सिया ने जानबूझकर वह दस्तावेज़ छिपाया था।
पुलिस का यह भी दावा है कि 14 जून को लोहागढ़ किले में ही केतन की जान लेने की एक और कोशिश की गई थी। आरोप है कि सिया ने उसे एक चट्टान के किनारे धकेलने की कोशिश की, लेकिन केतन एक झाड़ी पकड़कर बच गया। शक से बचने के लिए सिया ने सांप दिखने की बात कहकर चिल्लाया और फिर उसे गले लगा लिया। जाँच में एक 'प्लान-सी' का भी उल्लेख मिला, जिसे दोनों ने तब अंजाम देने की योजना बनाई थी अगर पिछली कोशिशें नाकाम रहतीं।
गिरफ्तारी और आगे की जाँच
फिलहाल सिया गोयल और चेतन बाबूलाल चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं और उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुणे पुलिस की जाँच टीम मामले की तहकीकात जारी रखे हुए है। गौरतलब है कि केतन के परिवार नवंबर में एक भव्य शादी की तैयारी कर रहे थे, जिसमें प्राइवेट जेट और महल जैसे वेन्यू शामिल होने की बात कही जा रही थी। अब यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।