3 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, 'मर्डर रिहर्सल' का खुलासा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, 'मर्डर रिहर्सल' का खुलासा

सारांश

पुणे की अदालत ने केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस की अतिरिक्त रिमांड माँग खारिज हुई। जाँच में 'मर्डर रिहर्सल' और लोहगढ़ किले पर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

पुणे अदालत ने 3 जुलाई को सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
पुलिस की 3 दिन की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी की माँग वडगांव कोर्ट ने अस्वीकार की।
2 जुलाई को सिया गोयल के घर से एक पैंट जब्त की गई, जो जाँच का अहम भौतिक साक्ष्य है।
आरोपियों ने कथित तौर पर 'मर्डर रिहर्सल' की बात स्वीकार की — पुणे के लुल्ला नगर की पहाड़ी पर पहले 'परीक्षण' किया गया।
हत्या लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर कथित तौर पर धक्का देकर की गई।
पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन कराया।

पुणे की एक अदालत ने 3 जुलाई 2026 को केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। लोनावला ग्रामीण पुलिस ने अदालत से तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी की माँग की थी, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दोनों को न्यायिक हिरासत में सौंप दिया।

अदालत में क्या हुआ

दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड शुक्रवार को समाप्त होने के बाद उन्हें वडगांव कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस का तर्क था कि जाँच के दौरान दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना आवश्यक है और मामले से जुड़े कई चैट तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की रिकवरी अभी बाकी है। हालाँकि अदालत ने पुलिस की माँग नामंज़ूर करते हुए दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

जाँच में जुटाए गए साक्ष्य

2 जुलाई को पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई, जहाँ से उसकी एक पैंट जब्त की गई — जिसे जाँच के लिए महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है। इससे पहले गुरुवार को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों से कई घंटों तक गहन पूछताछ की थी।

पुलिस के अनुसार, अब तक की जाँच में कई डिजिटल सबूत एकत्र किए जा चुके हैं। इसके अलावा, जिस स्थान पर केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी, वहाँ दोनों आरोपियों की मौजूदगी में सीन रिक्रिएशन भी कराया गया, ताकि वारदात की कड़ियों को विस्तार से समझा जा सके।

'मर्डर रिहर्सल' का चौंकाने वाला खुलासा

पूछताछ के दौरान सामने आए एक चौंकाने वाले तथ्य के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने केतन की हत्या से पहले उसकी 'मर्डर रिहर्सल' की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित पहाड़ी इलाके — जो सैन्य क्षेत्र के निकट है — पहुँचे और यह परखने की कोशिश की कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मौत हो सकती है या नहीं।

जाँच में सामने आया कि इस कथित 'प्रैक्टिस' के बाद दोनों ने अपनी साजिश को लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर अंजाम दिया, जहाँ केतन अग्रवाल को कथित तौर पर पहाड़ी से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया।

आगे क्या होगा

न्यायिक हिरासत के दौरान पुलिस शेष डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी रखेगी। मामले में आरोप-पत्र दाखिल होने से पहले अदालत में अगली पेशी और साक्ष्यों की स्थिति निर्णायक साबित होगी। यह मामला अपनी पूर्व-नियोजित प्रकृति के कारण न्यायिक और जाँच एजेंसियों दोनों के लिए संवेदनशील बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आवेश में नहीं। पुलिस की अतिरिक्त रिमांड माँग का खारिज होना संकेत देता है कि अदालत ने मौजूदा साक्ष्यों को पर्याप्त माना; अब असली परीक्षा आरोप-पत्र की मज़बूती होगी। डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भरता और सीन रिक्रिएशन जाँच को ठोस बनाते हैं, लेकिन न्यायालय में इन्हें साबित करना अभियोजन पक्ष की सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
पुणे की वडगांव कोर्ट ने 3 जुलाई को मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस की तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी की माँग अस्वीकार कर दी गई।
'मर्डर रिहर्सल' क्या थी और यह कहाँ हुई?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या से पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित पहाड़ी इलाके में — जो सैन्य क्षेत्र के निकट है — यह परखा कि किसी को पहाड़ी से धक्का देने पर मौत हो सकती है या नहीं। इसके बाद उन्होंने लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर केतन अग्रवाल की कथित हत्या को अंजाम दिया।
जाँच में अब तक कौन-से साक्ष्य मिले हैं?
पुलिस ने कई डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनमें चैट रिकॉर्ड शामिल हैं। 2 जुलाई को सिया गोयल के घर से एक पैंट भी जब्त की गई, जिसे महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है। घटनास्थल पर दोनों आरोपियों की मौजूदगी में सीन रिक्रिएशन भी कराया जा चुका है।
केतन अग्रवाल की हत्या कहाँ और कैसे हुई?
जाँच के अनुसार, केतन अग्रवाल को लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी से कथित तौर पर धक्का देकर मौत के घाट उतारा गया। यह हत्या पूर्व-नियोजित साजिश का हिस्सा बताई जा रही है।
अब आगे इस मामले में क्या होगा?
14 दिन की न्यायिक हिरासत के दौरान पुलिस शेष डिजिटल साक्ष्यों की जाँच और चैट रिकॉर्ड का विश्लेषण जारी रखेगी। इसके बाद अदालत में अगली पेशी और आरोप-पत्र दाखिल होना इस मामले की अगली निर्णायक कड़ी होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. कल
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले