29 जून 2026
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केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया गोयल और चेतन आज वडगांव कोर्ट में पेश, पुलिस रिमांड बढ़ाने की तैयारी

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया गोयल और चेतन आज वडगांव कोर्ट में पेश, पुलिस रिमांड बढ़ाने की तैयारी

सारांश

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल और चेतन की 29 जून को वडगांव कोर्ट में पेशी होगी। पुलिस रिमांड बढ़ाने की माँग कर सकती है, जबकि बचाव पक्ष के वकील न्यायिक हिरासत की दलील दे रहे हैं।

मुख्य बातें

आरोपी सिया गोयल और चेतन को 29 जून 2026 को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस दोनों आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाने की माँग कर सकती है।
दोनों आरोपी अभी वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉकअप में हैं; पूछताछ लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में होती है।
जाँच में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए और हत्यास्थल पर सीन रिक्रिएशन कराया गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने रिमांड विस्तार का विरोध किया; कहा — आरोपी 20 साल की है और पुलिस को पर्याप्त समय मिल चुका है।

पुणे के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी — सिया गोयल और चेतन — को सोमवार, 29 जून 2026 को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस सुनवाई में दोनों आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाने की माँग कर सकती है।

हिरासत की मौजूदा स्थिति

फिलहाल दोनों आरोपी वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद हैं। पूछताछ के सिलसिले में उन्हें लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन लाया जाता है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस वडगांव लॉकअप में रखा जाता है। आज की अदालती पेशी इसी क्रम में अगला अहम पड़ाव है।

बचाव पक्ष की दलीलें

सिया गोयल की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने पुलिस हिरासत बढ़ाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा, 'मेरी कोशिश रहेगी कि कस्टडी न बढ़े। आरोपी ने हर तरह से पुलिस का सहयोग किया है और सभी सवालों के जवाब दिए हैं। परिवार के सदस्यों ने भी अपना बयान दर्ज करवा दिया है। पुलिस को पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है। आरोपी 20 साल की लड़की है, इसलिए मुझे लगता है कोर्ट भी इस पहलू को देखेगा और न्यायिक हिरासत में भेज देगा।'

अधिवक्ता श्रीवास्तव ने यह भी तर्क दिया कि मामले के तथ्य किसी स्पष्ट निष्कर्ष की ओर इशारा नहीं करते। उनके अनुसार, 'पहली नज़र में ऐसा कोई बयान नहीं है जो हत्या की दिशा में इशारा करता हो। कुछ शक के अलावा मुझे इसमें ऐसा कुछ नहीं दिखता जो ऐसे नतीजे का समर्थन करता हो।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह मानना कठिन है कि इतने गंभीर आरोपों का सामना कर रही आरोपी उस व्यक्ति को — जिसे वह कथित तौर पर नुकसान पहुँचाना चाहती थी — चार बार उसी स्थान पर ले जाती।

जाँच में अब तक क्या मिला

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अब तक की जाँच में कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, जिस स्थान पर केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी, वहाँ घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन भी कराया जा चुका है। गौरतलब है कि ये दोनों कदम — डिजिटल साक्ष्य और सीन रिक्रिएशन — आमतौर पर तब उठाए जाते हैं जब जाँच एजेंसी मामले को अदालत में मज़बूती से पेश करने की तैयारी में हो।

आगे क्या होगा

वडगांव कोर्ट की आज की सुनवाई तय करेगी कि दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में रहेंगे या न्यायिक हिरासत में भेजे जाएँगे। अधिवक्ता श्रीवास्तव के अनुसार, न्यायिक हिरासत मिलने के बाद वे आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगे। यह मामला पुणे में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और अदालत का फैसला जाँच की दिशा निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

डिजिटल साक्ष्यों की जब्ती और सीन रिक्रिएशन संकेत देते हैं कि पुलिस मामले को अदालत में मज़बूती से रखने की तैयारी में है। यह तनाव — सहयोगी आरोपी बनाम सक्रिय जाँच — अदालत के लिए एक कठिन संतुलन बिंदु है। ध्यान देने योग्य है कि मुख्यधारा की कवरेज बचाव पक्ष की उस दलील को अनदेखा कर रही है जिसमें कहा गया कि आरोपी का कथित शिकार को चार बार उसी स्थान पर ले जाना तर्कसंगत नहीं लगता — यह बिंदु जाँच की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी कौन हैं?
इस मामले में सिया गोयल और चेतन को आरोपी बनाया गया है। दोनों फिलहाल वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉकअप में हैं और 29 जून 2026 को वडगांव कोर्ट में पेश किए जाएँगे।
आज वडगांव कोर्ट में क्या होगा?
29 जून को हुई सुनवाई में पुलिस दोनों आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाने की माँग कर सकती है। बचाव पक्ष के वकील इसका विरोध करते हुए न्यायिक हिरासत की दलील देंगे।
सिया गोयल के वकील ने रिमांड विस्तार का विरोध क्यों किया?
अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपी ने पुलिस का पूरा सहयोग किया है, सभी सवालों के जवाब दिए हैं और परिवार के सदस्यों ने भी बयान दर्ज कराए हैं। उनके अनुसार पुलिस को पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है और आरोपी की उम्र 20 साल है।
जाँच में अब तक क्या सबूत मिले हैं?
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इसके अलावा हत्यास्थल पर घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन भी कराया जा चुका है। पूछताछ लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में होती है।
केतन अग्रवाल कौन थे?
केतन अग्रवाल पुणे के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी थे। उनकी हत्या के बाद से यह मामला पुणे में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और पुलिस सक्रिय रूप से जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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