28 जून 2026
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केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल की वकील ने सबूतों को बताया कमज़ोर, कस्टडी विस्तार का करेंगे विरोध

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल की वकील ने सबूतों को बताया कमज़ोर, कस्टडी विस्तार का करेंगे विरोध

सारांश

केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कस्टडी विस्तार का विरोध करते हुए कहा कि साक्ष्य हत्या की ओर स्पष्ट संकेत नहीं करते। बचाव पक्ष घटना को दुर्घटना बता रहा है और एफआईआर में दर्ज दोस्ती के ज़िक्र को अपना अहम तर्क मान रहा है।

मुख्य बातें

आरोपी सिया गोयल के अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने 28 जून 2026 को पुलिस कस्टडी विस्तार का विरोध करने की घोषणा की।
वकील का तर्क है कि मामले के तथ्य हत्या की दिशा में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देते और बचाव पक्ष घटना को दुर्घटना मान रहा है।
20 वर्षीया सिया ने पुलिस जाँच में पूरा सहयोग किया है और सभी सवालों के जवाब दिए हैं।
शिकायतकर्ता की एफआईआर में चेतन और सिया की दोस्ती का उल्लेख बचाव की केंद्रीय दलील बन सकता है।
सिया के भाई और माता-पिता ने भी पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज करा दिए हैं।

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल की पैरवी कर रहे अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने 28 जून 2026 को स्पष्ट किया कि वे अपनी मुवक्किल की पुलिस कस्टडी बढ़ाए जाने का पुरज़ोर विरोध करेंगे। उनका तर्क है कि अब तक प्रस्तुत साक्ष्य हत्या की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और आरोपों को विधिसम्मत जाँच तथा न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सिद्ध किया जाना चाहिए।

कस्टडी विस्तार पर बचाव पक्ष का रुख

सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन की पुलिस कस्टडी की अवधि समाप्त होने के अवसर पर अधिवक्ता श्रीवास्तव ने कहा, 'मेरी कोशिश रहेगी कि कस्टडी न बढ़े। आरोपी ने हर तरह से पुलिस का सहयोग किया है और सभी सवालों के जवाब दिए हैं। परिवार के सदस्यों ने भी अपना बयान दर्ज करवा दिया है। पुलिस को पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि 20 वर्षीया सिया की उम्र को देखते हुए उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय उसे न्यायिक हिरासत में भेजेगा, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

साक्ष्यों की मज़बूती पर सवाल

श्रीवास्तव ने मामले के साक्ष्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, 'इस मामले में तथ्य कोई साफ संकेत नहीं देते। पहली नज़र में ऐसा कोई बयान नहीं है जो हत्या की दिशा में इशारा करता हो। कुछ शक के अलावा मुझे इसमें ऐसा कुछ नहीं दिखता जो ऐसे नतीजे का समर्थन करता हो।' उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि सिया वास्तव में किसी को नुकसान पहुँचाना चाहती, तो वह उसी व्यक्ति को एक ही स्थान पर चार बार नहीं ले जाती — यह बात उन्हें 'मुमकिन नहीं लगती।'

दुर्घटना के नज़रिए से देख रहे हैं बचाव पक्ष

अधिवक्ता श्रीवास्तव ने घटना को दुर्घटना के दृष्टिकोण से देखने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मीम्स का भी उल्लेख किया, जिनमें पहाड़ी चोटी पर जाने को लेकर चुटकी ली जा रही है, और कहा कि वे इस मामले को उसी नज़रिए से देखते हैं।

एफआईआर में दोस्ती का ज़िक्र — बचाव का अहम बिंदु

बचाव पक्ष के लिए एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि शिकायतकर्ता ने स्वयं एफआईआर में उल्लेख किया है कि चेतन और सिया दोस्त थे। श्रीवास्तव के अनुसार, 'अगर शिकायतकर्ता और परिजनों को उनकी दोस्ती के बारे में जानकारी थी और यह एक सामान्य दोस्ती थी, तो उस पर कोई आपत्ति नहीं की गई। यदि यह सामान्य दोस्ती नहीं होती, तो संभव है कि इस पर आपत्ति जताई जाती।' यह बिंदु बचाव की रणनीति का केंद्रीय तर्क बन सकता है।

परिवार की पूछताछ और आगे की रणनीति

पुलिस द्वारा सिया के भाई और माता-पिता को भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर अधिवक्ता ने कहा कि परिवार ने सभी सवालों के जवाब दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी रणनीति आरोपी के बचाव के हर पहलू को अदालत के सामने रखना है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके। मामले में आगे की सुनवाई और न्यायालय का फैसला यह तय करेगा कि पुलिस की जाँच किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दुर्घटना थी — न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है, लेकिन यह तर्क तब तक परखा नहीं जा सकता जब तक अभियोजन पक्ष के साक्ष्य अदालत में पूरी तरह सामने नहीं आते। एफआईआर में दोस्ती का ज़िक्र बचाव के लिए सुविधाजनक हो सकता है, पर यह इरादे के सवाल को खारिज नहीं करता। मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया की चर्चा के बीच यह ज़रूरी है कि न्यायालय साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय करे — न कि जनभावना के दबाव में। असली परीक्षा यह होगी कि पुलिस अपनी जाँच में ठोस फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य कितने मज़बूत तरीके से पेश कर पाती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल कौन हैं?
सिया गोयल पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी एक 20 वर्षीया युवती हैं। उन्हें सह-आरोपी चेतन के साथ पुलिस हिरासत में लिया गया था और मामले की जाँच जारी है।
सिया गोयल के वकील ने सबूतों पर क्या सवाल उठाए?
अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि मामले के तथ्य हत्या की ओर कोई स्पष्ट संकेत नहीं देते और पहली नज़र में ऐसा कोई बयान नहीं है जो हत्या की पुष्टि करे। उन्होंने घटना को दुर्घटना के नज़रिए से देखने की बात कही।
क्या सिया गोयल की पुलिस कस्टडी बढ़ाई जाएगी?
बचाव पक्ष के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कस्टडी विस्तार का विरोध करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि आरोपी ने पुलिस को पूरा सहयोग दिया है और पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है, इसलिए अब न्यायिक हिरासत उचित होगी।
एफआईआर में दोस्ती का ज़िक्र बचाव के लिए कैसे अहम है?
अधिवक्ता श्रीवास्तव के अनुसार शिकायतकर्ता ने स्वयं एफआईआर में चेतन और सिया की दोस्ती को सामान्य बताया है और उस पर कभी आपत्ति नहीं जताई। बचाव पक्ष इसे यह साबित करने के लिए इस्तेमाल करेगा कि दोनों के बीच कोई शत्रुता नहीं थी।
सिया गोयल के परिवार से पुलिस ने क्या पूछताछ की?
पुलिस ने सिया के भाई और माता-पिता को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। अधिवक्ता श्रीवास्तव के अनुसार परिवार के सदस्यों ने पूछे गए सभी सवालों के जवाब दे दिए हैं और अपने बयान दर्ज करा दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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