केतन मर्डर केस: आरोपी सिया गोयल का पब वाला पुराना वीडियो वायरल, जांच में नया मोड़
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पब में बीयर की बोतल जैसी चीज़ हाथ में लिए फोन पर अपशब्दों का इस्तेमाल करती नज़र आ रही है। 2 जुलाई 2026 को सामने आए इस वीडियो ने पहले से सुर्खियों में चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले को एक नया आयाम दे दिया है।
वायरल वीडियो में क्या है
माना जा रहा है कि यह वीडियो दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड किया गया था। क्लिप में सिया गोयल को एक पब के भीतर फोन पर बातचीत करते हुए देखा जा सकता है, जिसमें वह कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहती सुनाई देती है, 'पहले तो वह मुझे धोखा देता है, फिर मुझे फोन करता है।' हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह टिप्पणी किसके संदर्भ में की गई थी। जांचकर्ताओं ने आधिकारिक तौर पर इस वीडियो को हत्या के मामले से नहीं जोड़ा है।
इस वीडियो के अतिरिक्त, सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी की कई पुरानी तस्वीरें और क्लिप भी सोशल मीडिया पर फैल रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से एक वीडियो में दोनों को कथित अपराध से कुछ महीने पहले एक क्रिकेट लीग मैच में साथ देखा गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला 18 जून 2026 को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर हुई एक घटना से जुड़ा है। आरोप है कि उस दिन केतन अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का दे दिया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है। गौरतलब है कि केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और दोनों नवंबर 2026 में विवाह करने वाले थे।
पुलिस हिरासत और जांच की स्थिति
घटना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वडगांव मावल कोर्ट ने सोमवार को सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत पाँच दिन के लिए बढ़ाई, जो 3 जुलाई 2026 तक प्रभावी है। पुलिस ने अदालत को बताया कि सबूत जुटाने, गवाहों से पूछताछ और फॉरेंसिक जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है।
जांच के दौरान पुलिस ने केतन के मोबाइल फोन की भी जांच शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक, केतन की मृत्यु के कुछ समय बाद तक उनका फोन सिया के पास रहा, जिसे बाद में उसने केतन के परिवार को सौंप दिया। हालाँकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उस अवधि में फोन का डेटा देखा गया, बदला गया या हटाया गया।
घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
बुधवार को पुणे ग्रामीण पुलिस ने लोहागढ़ किले में कथित वारदात वाली जगह पर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया। इस दौरान अधिकारियों ने केतन की लंबाई और वजन के बराबर एक फाइबर डमी को करीब 300 फीट गहरी खाई में गिराकर घटना को समझने की कोशिश की।
लोनावला डिवीजन के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस गजानन टोम्पे ने कहा, 'आज हम आरोपी को लोहागढ़ किले में घटनास्थल पर ले गए और वहाँ पूरी घटना को दोबारा दोहराकर देखा। यह प्रक्रिया जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। मामले की जांच अभी जारी है और सभी ज़रूरी तथ्य अदालत के सामने पेश किए जाएंगे।' इस हफ्ते की शुरुआत में पुलिस ने सह-आरोपी चेतन चौधरी के चलने के तरीके की भी जांच की, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सके।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपी 3 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जिसके बाद अदालत अगली सुनवाई में हिरासत की अवधि पर नए सिरे से फैसला करेगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल फोन के डेटा की जांच इस मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।