केतन हत्याकांड: लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएशन, सिया गोयल की मौजूदगी में डमी बॉडी से दोहराई घटना
सारांश
मुख्य बातें
पुणे ग्रामीण पुलिस ने 28 जून 2026 को रविवार सुबह लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल हत्याकांड का क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया। इस प्रक्रिया में मुख्य आरोपी सिया गोयल को घटनास्थल पर लाया गया और एक डमी बॉडी की मदद से पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया गया। जांच का उद्देश्य अब तक जुटाए गए साक्ष्यों का मिलान करना और आपराधिक श्रृंखला की कड़ियों को मजबूत करना था।
क्राइम सीन रीक्रिएशन का घटनाक्रम
लोणावला पुलिस ने जांच प्रक्रिया के तहत सिया गोयल से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर घटनास्थल पर घटनाओं का क्रम पुनः प्रस्तुत किया। पुलिस अधिकारियों ने डमी बॉडी की सहायता से वास्तविक परिस्थितियों को दोहराने का प्रयास किया, ताकि हत्या की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके।
मामले के जांच अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) गजानन टोंपे ने बताया कि सिया गोयल द्वारा पूछताछ में दी गई जानकारी के आधार पर घटनास्थल पर पूरी घटना री-क्रिएट की गई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर उपस्थित थे। टोंपे के अनुसार, जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
20 वर्षीया सिया गोयल की सगाई पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई थी, लेकिन कथित तौर पर वह यह विवाह नहीं करना चाहती थी। पुलिस के अनुसार, सिया का 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सिया ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि तय हो चुकी अरेंज मैरिज से इनकार करने पर परिवार की बदनामी का डर था। इसी कारण उसने और चेतन ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
18 जून की घटना
18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, सुनसान स्थान पर मौका देखकर उन्हें एक गहरी खाई में धक्का दे दिया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना तब सामने आई जब परिवार ने केतन के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
जांच की स्थिति और आगे की राह
पुलिस अब क्राइम सीन रीक्रिएशन और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। डीएसपी टोंपे ने स्पष्ट किया कि जांच के सभी पहलुओं — डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट — को एकसाथ परखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल करने की तैयारी में है।