केतन अग्रवाल हत्याकांड: लोहगढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएट, DSP टोम्पे बोले — जांच सही दिशा में
सारांश
मुख्य बातें
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में बुधवार, 1 जुलाई को एक अहम कदम उठाते हुए पुलिस ने आरोपी को लोनावला के लोहगढ़ किले पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया। डीएसपी गजानन टोम्पे के अनुसार, सुबह ही यह पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिसमें आरोपी ने घटनास्थल पर वही क्रम प्रदर्शित किया जो उसने पूछताछ के दौरान बताया था।
क्राइम सीन रीक्रिएशन: क्या हुआ
डीएसपी टोम्पे ने बताया कि आरोपी को लोहगढ़ किले ले जाया गया और 18 जून को जिस क्रम में घटना घटित हुई थी, उसी अनुक्रम में पूरे क्राइम सीन को दोबारा रीक्रिएट कराया गया। यह प्रक्रिया घटना से जुड़े तथ्यों के सत्यापन और जांच को मजबूत आधार देने के उद्देश्य से की गई। आरोपी के व्यवहार और बयान की पुष्टि इस रीक्रिएशन के ज़रिए की गई।
मुख्य आरोप और घटना की पृष्ठभूमि
जांच एजेंसियों के अनुसार, केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके साथी चेतन चौधरी ने मिलकर 18 जून को लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का देकर खाई में गिराया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। कथित तौर पर शुरुआत में सिया गोयल ने दावा किया था कि केतन का पैर फिसल गया और वह दुर्घटनावश गिर गया, लेकिन जांच में इस दावे पर संदेह उत्पन्न हुआ। गौरतलब है कि यह मामला सामने आने के बाद से ही महाराष्ट्र में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।
जांच की स्थिति और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
डीएसपी टोम्पे ने स्पष्ट किया कि इस मामले से जुड़े सभी संभावित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है। पूरी जांच पुलिस अधीक्षक (SP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) के सीधे मार्गदर्शन में चल रही है, जो प्रतिदिन जांच की प्रगति की समीक्षा करते हैं। जांच में जो भी नए तथ्य या व्यक्ति सामने आएंगे, उन पर भी पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
अदालत की भूमिका और आगे की राह
डीएसपी टोम्पे के अनुसार, जांच के दौरान जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आएंगे, उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद अदालत के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है और पुलिस साक्ष्य संकलन में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।