केतन हत्याकांड: लोनावाला पुलिस सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने को तैयार
सारांश
मुख्य बातें
लोनावाला ग्रामीण पुलिस व्यवसायी केतन अग्रवाल हत्याकांड में दोनों आरोपियों — सिया गोयल और चेतन चौधरी — का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए अदालत से अनुमति लेने की तैयारी में है। लोनावाला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अहम जानकारियाँ छिपाई हैं, जिससे जाँच में बाधा आ रही है।
पुलिस कस्टडी और अगला कदम
दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 3 जुलाई 2026 को समाप्त होने वाली है। रिमांड अवधि खत्म होते ही पुलिस द्वारा अदालत में पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति के लिए अर्जी दाखिल किए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बयानों की सत्यता परखने और जाँच में उभरे विरोधाभासों को सुलझाने के लिए यह परीक्षण ज़रूरी है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन और गेट एनालिसिस
चल रही जाँच के तहत पुलिस ने मंगलवार और बुधवार को लोहागढ़ किले में घटनास्थल को फिर से तैयार किया। बुधवार सुबह 7 बजे 25 से अधिक पुलिसकर्मियों की निगरानी में चेतन चौधरी को किले ले जाया गया, जबकि सिया गोयल को एक दिन पहले उसी स्थान पर ले जाया जा चुका था। इसके अलावा, पुलिस ने चौधरी की चाल-ढाल का विश्लेषण (गेट एनालिसिस) भी किया — यह पता लगाने के लिए कि कथित हत्या से कुछ समय पहले केतन और सिया का पीछा करते देखा गया हुडी पहने व्यक्ति वही था या नहीं।
गुरुवार को पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल को उसके घर ले गई ताकि पंचनामा — घटनास्थल और साक्ष्यों की आधिकारिक दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया — पूरी की जा सके।
केतन को था शक, परिवार ने दिलाया था भरोसा
जाँच में सामने आया है कि महाराष्ट्र के एक जाने-माने व्यवसायी के बेटे केतन अग्रवाल को शादी से पहले ही सिया और चेतन के कथित संबंधों पर संदेह हो गया था। केतन के पिता ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका बेटा बार-बार इस बात पर चिंता जताता था कि सिया बातचीत में अक्सर चेतन का ज़िक्र करती थी। परिवार ने केतन को भरोसा दिलाया कि सिया के परिवार से पुराने संबंध हैं और चिंता की कोई बात नहीं।
इसके बावजूद केतन ने अपने पिता से सिया के बैकग्राउंड की जाँच करने को कहा था। पुलिस के अनुसार, जब भी वह सिया से संपर्क करने की कोशिश करता, उसका फोन अक्सर व्यस्त मिलता था।
पासपोर्ट गायब, बाली ट्रिप रद्द — और पहले के कथित हमले का दावा
इस जोड़े ने फरवरी में सगाई की थी और नवंबर में शादी तय थी। रिपोर्टों के अनुसार, परिवारों ने जयपुर में एक महल लगभग ₹17 करोड़ में बुक किया था और मेहमानों के लिए दो प्राइवेट विमानों की व्यवस्था भी की थी।
शादी से कुछ महीने पहले परिवारों ने बाली जाने की योजना बनाई, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुँचने पर केतन का पासपोर्ट गायब मिला और यात्रा रद्द करनी पड़ी। केतन के पिता के अनुसार, रास्ते में एक फूड कोर्ट पर रुकने के दौरान सिया ने कथित तौर पर जानबूझकर पासपोर्ट उठा लिया था।
पुलिस का आरोप है कि 14 जून को सिया केतन को लोहागढ़ किले ले गई, जहाँ उसने कथित तौर पर उसे पहाड़ी से धकेलने की नाकाम कोशिश की। पुलिस के दावे के अनुसार, केतन एक झाड़ी पकड़कर खुद को बचाने में सफल रहा। सिया ने कथित तौर पर सांप दिखने का शोर मचाकर ध्यान भटकाया और फिर उसे गले लगाया।
कथित हत्या और आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर 18 जून 2026 को पुणे के निकट लोहागढ़ किले की एक चट्टान से धक्का देकर केतन अग्रवाल की हत्या की। दोनों पर आरोप है कि सिया के मंगेतर को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। आगामी सुनवाई और अदालत के आदेश के बाद पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया तय होगी।