केतन हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी आज वडगांव कोर्ट में पेश, पुलिस मांगेगी रिमांड विस्तार और पॉलीग्राफ टेस्ट
सारांश
मुख्य बातें
केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को शुक्रवार, 4 जुलाई को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ लोनावला ग्रामीण पुलिस उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाने के साथ-साथ पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति भी न्यायालय से माँगेगी। दोनों आरोपियों की मौजूदा पुलिस रिमांड शुक्रवार को समाप्त हो रही है।
जाँच में नए साक्ष्य
2 जुलाई को जाँच के सिलसिले में पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई, जहाँ से एक पैंट ज़ब्त की गई, जिसे जाँच के लिए अहम भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जाँच में कई डिजिटल सबूत भी एकत्र किए जा चुके हैं।
गुरुवार को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों से कई घंटों तक गहन पूछताछ की। फिलहाल दोनों वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद हैं।
सीन रिक्रिएशन और घटनाक्रम
पुलिस ने जिस स्थान पर केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी, वहाँ दोनों आरोपियों की मौजूदगी में सीन रिक्रिएशन कराया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वारदात की कड़ियों को विस्तार से समझना और साक्ष्यों को मज़बूत करना था।
कथित 'मर्डर रिहर्सल' का चौंकाने वाला खुलासा
जाँच में एक गंभीर तथ्य सामने आया है। पूछताछ के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने केतन की हत्या से पहले एक 'मर्डर रिहर्सल' की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित पहाड़ी इलाके — जो सैन्य (मिलिट्री) क्षेत्र के निकट है — पहुँचे और यह परखा कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मृत्यु हो सकती है या नहीं।
जाँच में यह भी सामने आया कि इस कथित 'प्रैक्टिस' के बाद दोनों ने अपनी साजिश को लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर अंजाम दिया, जहाँ केतन अग्रवाल को कथित तौर पर पहाड़ी से धक्का देकर मार डाला गया।
पॉलीग्राफ टेस्ट का महत्व
पुलिस द्वारा पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति माँगना इस बात का संकेत है कि जाँच एजेंसी मामले से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों तक पहुँचना चाहती है जो अब तक सामने नहीं आए हैं। यह परीक्षण न्यायालय की अनुमति के बाद ही कराया जा सकता है। इस मामले में आगे की सुनवाई और न्यायालय का निर्णय जाँच की दिशा तय करेगा।