3 जुलाई 2026
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केतन हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी आज वडगांव कोर्ट में पेश, पुलिस मांगेगी रिमांड विस्तार और पॉलीग्राफ टेस्ट

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केतन हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी आज वडगांव कोर्ट में पेश, पुलिस मांगेगी रिमांड विस्तार और पॉलीग्राफ टेस्ट

सारांश

केतन अग्रवाल हत्याकांड में आज अहम दिन — सिया गोयल और चेतन चौधरी वडगांव कोर्ट में पेश होंगे। पुलिस रिमांड विस्तार के साथ पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति माँगी जाएगी। 'मर्डर रिहर्सल' के कथित खुलासे और डिजिटल साक्ष्यों के बाद यह सुनवाई जाँच की अगली दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

सिया गोयल और चेतन चौधरी को शुक्रवार को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा; दोनों की पुलिस रिमांड इसी दिन समाप्त हो रही है।
लोनावला ग्रामीण पुलिस कोर्ट से रिमांड विस्तार और पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति माँगेगी।
2 जुलाई को सिया के घर से ज़ब्त की गई पैंट को जाँच में अहम भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है।
आरोपियों ने कथित तौर पर पूछताछ में 'मर्डर रिहर्सल' की बात स्वीकार की — पहले पुणे के लुल्ला नगर में, फिर लोहगढ़ किले पर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने अब तक कई डिजिटल सबूत जुटाए हैं और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन भी कराया जा चुका है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को शुक्रवार, 4 जुलाई को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ लोनावला ग्रामीण पुलिस उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाने के साथ-साथ पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति भी न्यायालय से माँगेगी। दोनों आरोपियों की मौजूदा पुलिस रिमांड शुक्रवार को समाप्त हो रही है।

जाँच में नए साक्ष्य

2 जुलाई को जाँच के सिलसिले में पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई, जहाँ से एक पैंट ज़ब्त की गई, जिसे जाँच के लिए अहम भौतिक साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जाँच में कई डिजिटल सबूत भी एकत्र किए जा चुके हैं।

गुरुवार को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों से कई घंटों तक गहन पूछताछ की। फिलहाल दोनों वडगांव पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद हैं।

सीन रिक्रिएशन और घटनाक्रम

पुलिस ने जिस स्थान पर केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी, वहाँ दोनों आरोपियों की मौजूदगी में सीन रिक्रिएशन कराया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वारदात की कड़ियों को विस्तार से समझना और साक्ष्यों को मज़बूत करना था।

कथित 'मर्डर रिहर्सल' का चौंकाने वाला खुलासा

जाँच में एक गंभीर तथ्य सामने आया है। पूछताछ के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने केतन की हत्या से पहले एक 'मर्डर रिहर्सल' की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित पहाड़ी इलाके — जो सैन्य (मिलिट्री) क्षेत्र के निकट है — पहुँचे और यह परखा कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मृत्यु हो सकती है या नहीं।

जाँच में यह भी सामने आया कि इस कथित 'प्रैक्टिस' के बाद दोनों ने अपनी साजिश को लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर अंजाम दिया, जहाँ केतन अग्रवाल को कथित तौर पर पहाड़ी से धक्का देकर मार डाला गया।

पॉलीग्राफ टेस्ट का महत्व

पुलिस द्वारा पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति माँगना इस बात का संकेत है कि जाँच एजेंसी मामले से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों तक पहुँचना चाहती है जो अब तक सामने नहीं आए हैं। यह परीक्षण न्यायालय की अनुमति के बाद ही कराया जा सकता है। इस मामले में आगे की सुनवाई और न्यायालय का निर्णय जाँच की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसकी पूर्वाभ्यास भी किया। पॉलीग्राफ टेस्ट की माँग यह भी दर्शाती है कि पुलिस के पास अभी भी कुछ ऐसे अनुत्तरित प्रश्न हैं जिनका जवाब मौजूदा साक्ष्यों से नहीं मिल रहा। ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय न्यायालयों में पॉलीग्राफ टेस्ट के परिणाम सीधे साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं होते, लेकिन ये जाँच की दिशा तय करने में सहायक होते हैं। आगे की सुनवाई यह स्पष्ट करेगी कि अभियोजन पक्ष का मामला कितना मज़बूत है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड क्या है?
यह पुणे के लोनावला स्थित लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर हुई एक कथित सुनियोजित हत्या का मामला है, जिसमें केतन अग्रवाल को पहाड़ी से धक्का देकर मारने का आरोप है। मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
सिया गोयल और चेतन चौधरी को आज कोर्ट में क्यों पेश किया जाएगा?
दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड शुक्रवार को समाप्त हो रही है, इसलिए उन्हें वडगांव कोर्ट में पेश करना अनिवार्य है। लोनावला ग्रामीण पुलिस रिमांड विस्तार और पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति माँगेगी।
पॉलीग्राफ टेस्ट क्यों माँगा जा रहा है?
पुलिस मामले से जुड़े ऐसे अहम तथ्यों का पता लगाना चाहती है जो अब तक की जाँच में सामने नहीं आए हैं। भारत में पॉलीग्राफ टेस्ट न्यायालय की अनुमति के बाद ही कराया जा सकता है और इसके परिणाम जाँच की दिशा तय करने में सहायक होते हैं।
'मर्डर रिहर्सल' का क्या मतलब है और यह मामले में कैसे सामने आई?
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हत्या से पहले उन्होंने पुणे के लुल्ला नगर की पहाड़ी पर यह परखा था कि किसी को धक्का देने से मृत्यु हो सकती है या नहीं। पुलिस के अनुसार, इसी 'प्रैक्टिस' के बाद लोहगढ़ किले पर वारदात को अंजाम दिया गया।
अब तक जाँच में क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं?
पुलिस ने कई डिजिटल सबूत एकत्र किए हैं, सिया गोयल के घर से एक पैंट ज़ब्त की है, और घटनास्थल पर दोनों आरोपियों की मौजूदगी में सीन रिक्रिएशन भी कराया जा चुका है। ये सभी साक्ष्य न्यायालय में अभियोजन पक्ष के मामले को मज़बूत करने के लिए जुटाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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