सुनील भारती मित्तल ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, शबनम सिन्हा 1 अक्टूबर से संभालेंगी कमान
सारांश
मुख्य बातें
एयरटेल पेमेंट्स बैंक में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारती एंटरप्राइजेज के फाउंडर और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल 30 सितंबर 2026 को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पद से हट जाएंगे और बोर्ड से भी अलग हो जाएंगे। उनकी जगह शबनम सिन्हा 1 अक्टूबर 2026 से बैंक की चेयरपर्सन का कार्यभार संभालेंगी — यह नियुक्ति भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और बोर्ड दोनों की मंजूरी प्राप्त कर चुकी है।
नेतृत्व परिवर्तन का विवरण
बैंक ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा की। फाइलिंग में कहा गया, सुनील भारती मित्तल 30 सितंबर 2026 से नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और बोर्ड से हट जाएंगे। शबनम सिन्हा को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
वर्तमान में सिन्हा बैंक के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, जिससे यह परिवर्तन एक सुनियोजित उत्तराधिकार प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत होता है।
शबनम सिन्हा: अनुभव और पृष्ठभूमि
बैंक के अनुसार, शबनम सिन्हा के पास डेवलपमेंट फाइनेंस, फाइनेंशियल सर्विसेज, पब्लिक पॉलिसी और इंस्टीट्यूशनल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्रों में तीन दशकों से अधिक का नेतृत्व और बोर्ड-स्तरीय अनुभव है। उनके करियर में विश्व बैंक के साथ काम करना भी शामिल है, जहाँ उन्होंने एशिया, अफ्रीका और यूरोप की सरकारों तथा संस्थाओं को गवर्नेंस, जोखिम प्रबंधन और परिचालन संबंधी विषयों पर परामर्श दिया।
अपनी नियुक्ति पर सिन्हा ने कहा, 'एयरटेल पेमेंट्स बैंक में यह जिम्मेदारी संभालना मेरे लिए सम्मान की बात है, खासकर ऐसे समय में जब डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज भारत की समावेशी विकास यात्रा की रीढ़ बन रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वह बैंक की मौजूदा रफ्तार को आगे बढ़ाने और ग्राहकों, भागीदारों व समुदायों के लिए बैंक के प्रभाव को विस्तार देने को लेकर उत्साहित हैं।
मित्तल की विरासत
सुनील भारती मित्तल को अप्रैल 2016 में एयरटेल पेमेंट्स बैंक का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया था। बैंक के अनुसार, उनके नेतृत्व में यह संस्था आय के मामले में भारत का सबसे बड़ा पेमेंट्स बैंक बन गई और इसका कारोबार कंज्यूमर तथा एंटरप्राइज — दोनों खंडों में विस्तृत हुआ।
इस बदलाव पर मित्तल ने कहा कि चेयरमैन के रूप में सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने भरोसा जताया कि सिन्हा बैंक की मजबूत नींव को और आगे ले जाएंगी और डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के रूप में इसकी स्थिति को और सुदृढ़ करेंगी।
डिजिटल बैंकिंग परिदृश्य में महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल पेमेंट्स और फाइनेंशियल इन्क्लूजन की दिशा में प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। RBI की मंजूरी के साथ हुई यह नियुक्ति संकेत देती है कि बैंक का नियामकीय अनुपालन मज़बूत है और उत्तराधिकार योजना सुचारू रूप से क्रियान्वित की गई है। सिन्हा का विश्व बैंक और नीति-स्तरीय अनुभव बैंक को वित्तीय समावेशन के व्यापक लक्ष्यों से जोड़ने में सहायक हो सकता है।