केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी चेतन चौधरी के चाचा बोले — 'भतीजे को कभी किसी लड़की से बात करते नहीं देखा'
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच जारी रहने के बीच, आरोपी चेतन चौधरी के चाचा उदाराम चौधरी ने 4 जुलाई 2026 को दावा किया कि उन्होंने अपने भतीजे को कभी किसी लड़की के साथ नज़दीकी बातचीत करते नहीं देखा। उन्होंने चेतन को एक ईमानदार, सरल स्वभाव का और मिलनसार युवक बताया।
चाचा का बयान: 'हम सच्चाई जानते हैं'
उदाराम चौधरी ने कहा, 'हम मीडिया में कई बातें सुन रहे हैं, लेकिन हमारा परिवार सच्चाई जानता है। चेतन हमारे पड़ोस में रहता था। मैंने उसे कभी किसी लड़की के साथ कार में बैठे या किसी लड़की से बात करते नहीं देखा। हमारे नियमित ग्राहकों में से भी किसी ने कभी ऐसी कोई बात नहीं देखी।'
उन्होंने आरोपों पर हैरानी जताते हुए कहा, 'यह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका था क्योंकि चेतन बहुत ईमानदार लड़का था। वह स्वभाव से सरल था, हमेशा मुस्कुराता रहता था और सभी के साथ मिलनसार था। वह एक बेहतरीन क्रिकेटर भी था — कई लोग सिर्फ उसकी बैटिंग देखने आते थे।'
परिवार का पुणे से पुराना नाता
उदाराम चौधरी ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से पुणे में हैं, जबकि चेतन के पिता 35 से अधिक वर्षों से यहाँ रह रहे हैं। परिवार ड्राई फ्रूट्स का व्यवसाय करता है और उदाराम ज़रूरत पड़ने पर उनकी मदद करते थे। यह जानकारी इस मामले में परिवार की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करती है।
मुख्य घटनाक्रम: लोहागढ़ किले में हत्या
पुलिस के अनुसार, पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल को उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने एक चट्टान से धक्का देकर मार डाला। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात से पहले केतन को मारने के तरीकों के बारे में ऑनलाइन सर्च किया था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, सिया और चेतन ने घटना से पूर्व कथित तौर पर लोहागढ़ किले का दौरा किया था — जिसे पुलिस हत्या की 'रिहर्सल' बता रही है। इसके अलावा, आरोप है कि दोनों ने पुलिस पूछताछ की स्थिति में अपने जवाब पहले से तैयार किए थे और उनकी प्रैक्टिस भी की थी।
सिया गोयल का विवादास्पद व्यवहार
इस बीच, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया। पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में उनके घर से हिरासत में ले जाते समय, काली टी-शर्ट और चेहरे पर प्रिंटेड स्कार्फ पहने सिया को कैमरों की ओर अश्लील इशारा (मिडिल फिंगर) करते हुए कैद किया गया।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। आलोचकों ने इस व्यवहार को असंवेदनशील और अनुचित करार दिया, विशेषकर इसलिए क्योंकि उन पर एक गंभीर हत्या का आरोप है। यह मामला अब न केवल अपराध की दृष्टि से, बल्कि आरोपी के आचरण को लेकर भी सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है।
आगे क्या होगा
पुलिस की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्य, ऑनलाइन सर्च इतिहास तथा गवाहों के बयानों को आधार बनाकर आरोप-पत्र तैयार किया जा रहा है। यह देखना होगा कि अदालत में परिवार के दावे और पुलिस की जांच आमने-सामने कैसे आती है।