केतन अग्रवाल हत्याकांड: दो बार नाकाम रही साजिश, तीसरी कोशिश में लोहागढ़ किले से धकेला
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस अधीक्षक संदीप गिल ने 25 जून 2026 को प्रेस वार्ता में खुलासा किया कि दोनों आरोपियों — सिया गोयल और चेतन चौधरी — ने लोनावला स्थित लोहागढ़ किले पर केतन को धकेलने की कोशिश दो बार पहले भी की थी, जो नाकाम रही। 18 जून को तीसरी कोशिश में केतन की मौत हुई।
साजिश की शुरुआत कब हुई
पुलिस जांच के अनुसार, 31 मई को केतन अग्रवाल अपनी पत्नी सिया गोयल और चेतन चौधरी के साथ लोहागढ़ किले पर गया था। केतन को ट्रेकिंग का शौक था। उसी दौरान दोनों आरोपियों के मन में किले की ऊँचाई से केतन को नीचे धकेलने का विचार आया।
एसपी गिल के अनुसार, उस दिन शाम 4 बजे किले पर वापस जाने की योजना बनाई गई, लेकिन वह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद आरोपियों ने अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए 14 जून को उसी स्थान का चुनाव किया।
14 जून को पहली नाकाम कोशिश
जांच में यह सामने आया है कि 14 जून को भी आरोपियों ने लोहागढ़ किले के उसी बिंदु पर केतन को धकेलने की कोशिश की — वही जगह जहाँ से बाद में 18 जून को उसकी मौत हुई। यह कोशिश सफल नहीं हुई और कथित तौर पर केतन को इसका कोई संदेह भी नहीं हुआ।
एसपी गिल ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, क्योंकि जांच जारी है और ज़रूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
2,004 फोन कॉल और 238 घंटे की बातचीत
रिपोर्टों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पिछले छह महीनों में एक-दूसरे को 2,004 बार फोन किया और कुल 238 घंटे बातचीत की। कई बार दोनों के बीच एक ही कॉल में दो से तीन घंटे से अधिक की बातचीत हुई। पुलिस को संदेह है कि इस असामान्य रूप से लंबी और बार-बार की जाने वाली बातचीत का सीधा संबंध हत्या की साजिश से हो सकता है।
हत्या से पहले कैफे में अंतिम साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को घटना वाले दिन दोनों आरोपी लोहागढ़ किले जाने से पहले एक कैफे में मिले थे। वहाँ उन्होंने साजिश को अंतिम रूप दिया और किले पर एक ऐसी जगह की पहचान की जहाँ से केतन को खाई में धकेला जा सके।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब पुणे में हाई-प्रोफाइल अपराध मामलों पर पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि लोहागढ़ किला एक लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थल है और यहाँ सुरक्षा इंतजामों की कमी भी अब चर्चा में है।
आगे की जांच
एसपी संदीप गिल ने आश्वासन दिया कि पुलिस सभी साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से जुटा रही है और आगे भी मीडिया को जानकारी दी जाती रहेगी। मामले में अभी पूछताछ जारी है और आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं।