आशीष विद्यार्थी बोले — एआई को अपनाओ, वरना पिछड़ जाओगे; अदाणी के पश्चिम बंगाल निवेश का किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने 24 सितंबर 2026 को कोलकाता में एक विशेष बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर स्पष्ट संदेश दिया — नई तकनीक से डरने के बजाय उसे सीखना और अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करना समय की माँग है। उन्होंने यह भी कहा कि अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का संकल्प तभी सार्थक होगा जब इसका फायदा आम जनता तक पहुँचे।
एआई पर विद्यार्थी का नज़रिया
आशीष विद्यार्थी ने कहा, 'लोग पहले कंप्यूटर से डरते थे, वेब से डरने लगे थे, इंटरनेट से डरने लगे थे। डरना लाजिमी है क्योंकि आप जिस तरह से काम कर रहे थे, उसमें फर्क आएगा। मुझे ऐसा लगता है कि अगर कोई नई चीज आती है, तो इनवाइट करती है। आप अगर इसको इस्तेमाल करें, तो बहुत अच्छा है क्योंकि कुछ लोग इसको इस्तेमाल करेंगे और जो लोग इसको इस्तेमाल नहीं करेंगे, वो दरकिनार रह सकते हैं।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं खुद भी एआई को एक नई संभावना के तौर पर देखता हूँ और मानता हूँ कि इससे लोगों को अपनी क्षमताओं और उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।' यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म उद्योग में एआई-जनित कंटेंट को लेकर बहस तेज़ हो रही है और कलाकारों का एक बड़ा वर्ग तकनीक के प्रति सतर्क रुख अपना रहा है।
अदाणी ग्रुप के पश्चिम बंगाल निवेश पर प्रतिक्रिया
विद्यार्थी ने अदाणी ग्रुप के पश्चिम बंगाल में निवेश के बारे में कहा, 'अगर किसी बड़े निवेश से लोगों को फायदा होता है, तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। अमीर लोग अमीर हों लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि इसका फायदा आम जनता को भी मिले।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसी पहल अच्छी है, जहाँ देश की तरक्की तो हो लेकिन देशवासियों की भी तरक्की हो। मैं बहुत खुश हूँ कि अदाणी ग्रुप लोगों की मदद कर रहा है।'
अदाणी ग्रुप की योजना का विवरण
अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करने की घोषणा की है। इसी कड़ी में कोलकाता के पास न्यू टाउन इलाके में 2,000 बेड वाले 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की आधारशिला रखी गई है।
गौतम अदाणी के अनुसार यह एक गैरलाभकारी अस्पताल होगा, जिसमें आधुनिक मेडिकल कॉलेज, एडवांस्ड रिसर्च और इलाज की सुविधाएँ होंगी। अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सुविधाओं पर ₹4,000 करोड़ से अधिक निवेश किए जाने की बात कही गई है। गौरतलब है कि 2,000 में से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए आरक्षित होंगे — जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के पात्र हैं। इस संस्थान से 10,000 से अधिक रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
आशीष विद्यार्थी का फिल्मी सफर
हिंदी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में अपनी अलग पहचान बना चुके आशीष विद्यार्थी ने 'द्रोहकाल', 'बाजी', 'जीत', 'घातक', '1942: ए लव स्टोरी', 'कहो ना प्यार है', 'वास्तु शास्त्र' और 'किस्मत' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाई हैं। विलेन से लेकर सपोर्टिंग किरदारों तक उनकी अभिनय-क्षमता उन्हें बहुआयामी कलाकारों की श्रेणी में रखती है।
उनका यह एआई-समर्थक बयान उस समय आया है जब भारतीय मनोरंजन जगत तकनीक और रचनात्मकता के बीच संतुलन खोजने की कोशिश कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि उनके जैसे अनुभवी अभिनेता एआई को अपने पेशेवर जीवन में किस तरह आत्मसात करते हैं।