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आशीष विद्यार्थी बोले — एआई को अपनाओ, वरना पिछड़ जाओगे; अदाणी के पश्चिम बंगाल निवेश का किया स्वागत

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आशीष विद्यार्थी बोले — एआई को अपनाओ, वरना पिछड़ जाओगे; अदाणी के पश्चिम बंगाल निवेश का किया स्वागत

सारांश

आशीष विद्यार्थी का संदेश साफ है — एआई से डरो मत, उसे अपनाओ; जो नहीं अपनाएगा, वो पिछड़ जाएगा। कोलकाता में दिए इस बयान के साथ उन्होंने अदाणी ग्रुप के ₹1 लाख करोड़ के पश्चिम बंगाल निवेश का भी स्वागत किया — लेकिन शर्त के साथ कि इसका लाभ आम जनता तक पहुँचे।

मुख्य बातें

आशीष विद्यार्थी ने 24 सितंबर 2026 को कोलकाता में कहा कि एआई को न अपनाने वाले 'दरकिनार' रह सकते हैं।
उन्होंने एआई को 'नई संभावना' बताया और कहा कि यह लोगों की क्षमताओं को आगे बढ़ाने में सहायक है।
अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक निवेश की घोषणा की है।
न्यू टाउन, कोलकाता में ₹4,000 करोड़ से अधिक लागत वाले 2,000 बेड के 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की आधारशिला रखी गई; 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए।
इस परियोजना से 10,000 से अधिक रोज़गार अवसर पैदा होने की उम्मीद।
विद्यार्थी ने निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि अमीरों की तरक्की के साथ-साथ आम जनता की तरक्की भी ज़रूरी है।

अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने 24 सितंबर 2026 को कोलकाता में एक विशेष बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर स्पष्ट संदेश दिया — नई तकनीक से डरने के बजाय उसे सीखना और अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करना समय की माँग है। उन्होंने यह भी कहा कि अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का संकल्प तभी सार्थक होगा जब इसका फायदा आम जनता तक पहुँचे।

एआई पर विद्यार्थी का नज़रिया

आशीष विद्यार्थी ने कहा, 'लोग पहले कंप्यूटर से डरते थे, वेब से डरने लगे थे, इंटरनेट से डरने लगे थे। डरना लाजिमी है क्योंकि आप जिस तरह से काम कर रहे थे, उसमें फर्क आएगा। मुझे ऐसा लगता है कि अगर कोई नई चीज आती है, तो इनवाइट करती है। आप अगर इसको इस्तेमाल करें, तो बहुत अच्छा है क्योंकि कुछ लोग इसको इस्तेमाल करेंगे और जो लोग इसको इस्तेमाल नहीं करेंगे, वो दरकिनार रह सकते हैं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं खुद भी एआई को एक नई संभावना के तौर पर देखता हूँ और मानता हूँ कि इससे लोगों को अपनी क्षमताओं और उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।' यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म उद्योग में एआई-जनित कंटेंट को लेकर बहस तेज़ हो रही है और कलाकारों का एक बड़ा वर्ग तकनीक के प्रति सतर्क रुख अपना रहा है।

अदाणी ग्रुप के पश्चिम बंगाल निवेश पर प्रतिक्रिया

विद्यार्थी ने अदाणी ग्रुप के पश्चिम बंगाल में निवेश के बारे में कहा, 'अगर किसी बड़े निवेश से लोगों को फायदा होता है, तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। अमीर लोग अमीर हों लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि इसका फायदा आम जनता को भी मिले।'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसी पहल अच्छी है, जहाँ देश की तरक्की तो हो लेकिन देशवासियों की भी तरक्की हो। मैं बहुत खुश हूँ कि अदाणी ग्रुप लोगों की मदद कर रहा है।'

अदाणी ग्रुप की योजना का विवरण

अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करने की घोषणा की है। इसी कड़ी में कोलकाता के पास न्यू टाउन इलाके में 2,000 बेड वाले 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की आधारशिला रखी गई है।

गौतम अदाणी के अनुसार यह एक गैरलाभकारी अस्पताल होगा, जिसमें आधुनिक मेडिकल कॉलेज, एडवांस्ड रिसर्च और इलाज की सुविधाएँ होंगी। अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सुविधाओं पर ₹4,000 करोड़ से अधिक निवेश किए जाने की बात कही गई है। गौरतलब है कि 2,000 में से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए आरक्षित होंगे — जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के पात्र हैं। इस संस्थान से 10,000 से अधिक रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

आशीष विद्यार्थी का फिल्मी सफर

हिंदी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में अपनी अलग पहचान बना चुके आशीष विद्यार्थी ने 'द्रोहकाल', 'बाजी', 'जीत', 'घातक', '1942: ए लव स्टोरी', 'कहो ना प्यार है', 'वास्तु शास्त्र' और 'किस्मत' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाई हैं। विलेन से लेकर सपोर्टिंग किरदारों तक उनकी अभिनय-क्षमता उन्हें बहुआयामी कलाकारों की श्रेणी में रखती है।

उनका यह एआई-समर्थक बयान उस समय आया है जब भारतीय मनोरंजन जगत तकनीक और रचनात्मकता के बीच संतुलन खोजने की कोशिश कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि उनके जैसे अनुभवी अभिनेता एआई को अपने पेशेवर जीवन में किस तरह आत्मसात करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि 'एआई अपनाओ' का संदेश देना और उसे व्यावहारिक रूप से लागू करना दो अलग बातें हैं — उद्योग में अभी इसकी कोई स्पष्ट रूपरेखा नहीं है। अदाणी के निवेश पर उनकी टिप्पणी उत्साहजनक है, पर 'आम जनता को फायदा मिले' की शर्त ही असली कसौटी है — और यह सत्यापित करना अभी बाकी है कि ₹4,000 करोड़ के इस गैरलाभकारी अस्पताल में 1,000 निःशुल्क बेड की व्यवस्था कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर भी उतनी ही मज़बूत रहेगी।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआई पर आशीष विद्यार्थी ने क्या कहा?
आशीष विद्यार्थी ने कहा कि एआई जैसी नई तकनीक से डरना स्वाभाविक है, लेकिन जो लोग इसे नहीं अपनाएँगे वे दरकिनार रह सकते हैं। उन्होंने एआई को एक 'नई संभावना' बताया जो लोगों की क्षमताओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।
अदाणी ग्रुप पश्चिम बंगाल में कितना निवेश कर रहा है?
अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करने की घोषणा की है। इसी के तहत कोलकाता के न्यू टाउन में ₹4,000 करोड़ से अधिक लागत के 2,000 बेड वाले 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की आधारशिला रखी गई है।
अदाणी आरोग्य मंदिर क्या है और इसमें क्या सुविधाएँ होंगी?
गौतम अदाणी के अनुसार 'अदाणी आरोग्य मंदिर' एक गैरलाभकारी अस्पताल होगा जिसमें 2,000 बेड, आधुनिक मेडिकल कॉलेज, एडवांस्ड रिसर्च सुविधाएँ और डिजिटल हेल्थ तकनीक शामिल होगी। इसमें 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमज़ोर उन लोगों के लिए आरक्षित होंगे जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के पात्र हैं।
अदाणी के पश्चिम बंगाल प्रोजेक्ट से कितने रोज़गार मिलेंगे?
अदाणी आरोग्य मंदिर परियोजना से 10,000 से अधिक रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। यह अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सुविधाओं का संयुक्त परिसर होगा।
आशीष विद्यार्थी ने कौन-कौन सी प्रमुख फिल्मों में काम किया है?
आशीष विद्यार्थी ने 'द्रोहकाल', 'बाजी', 'जीत', 'घातक', '1942: ए लव स्टोरी', 'कहो ना प्यार है', 'वास्तु शास्त्र' और 'किस्मत' जैसी फिल्मों में काम किया है। वे हिंदी के साथ-साथ कई अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी सक्रिय रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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