गौतम अदाणी का पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ निवेश का ऐलान, बोले — 'भारत की अगली ट्रिलियन डॉलर वृद्धि के लिए पूर्व को उठना होगा'
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 24 सितंबर 2026 को कोलकाता में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के एक कार्यक्रम में घोषणा की कि उनका समूह अगले 10 वर्षों में पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की अगली ट्रिलियन डॉलर की आर्थिक वृद्धि के लिए पूर्वी भारत का उभरना अनिवार्य है, और इस रणनीतिक समीकरण में पश्चिम बंगाल की भूमिका केंद्रीय है।
पूर्वी भारत क्यों है अगली विकास की धुरी
अदाणी ने कहा कि पिछले कई दशकों में भारत की आर्थिक प्रगति मुख्यतः पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों की अगुवाई में हुई है। लेकिन अब देश को नए आर्थिक केंद्रों की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'भारत की अगली ट्रिलियन डॉलर वृद्धि के लिए पूर्व को उठना होगा। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बंगाल की भूमिका अनिवार्य है और मेरी नज़र में भारत में शायद ही कोई दूसरा राज्य है, जिसके पास बंगाल जैसे रणनीतिक लाभ हों।'
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'पूर्वोदय' जैसी योजनाओं के ज़रिए पूर्वी राज्यों को मुख्यधारा की वृद्धि से जोड़ने की कोशिश कर रही है।
बंगाल की भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति
अदाणी ने पश्चिम बंगाल की भूगोल को उसकी सबसे बड़ी संपत्ति बताया। उनके अनुसार, राज्य के पश्चिम में ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे खनिज-समृद्ध एवं औद्योगिक क्षेत्र हैं। उत्तर और पूर्व की ओर पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार है। और बंगाल की खाड़ी के रास्ते दक्षिण-पूर्व एशिया व इंडो-पैसिफिक के तेज़ी से विस्तरित हो रहे बाज़ारों तक सीधी पहुँच है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के नज़रिए से बंगाल केवल एक राज्य या बाज़ार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय केंद्र है।
निवेश के क्षेत्र और सामाजिक प्रतिबद्धता
₹1 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश में बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, बिजली उत्पादन, बिजली पारेषण एवं वितरण, सड़क, पुल, रोपवे, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही अदाणी समूह न्यू टाउन में 2,000 बिस्तरों वाले 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की स्थापना के लिए भी प्रतिबद्ध है। अदाणी ने कहा कि अस्पताल के आधे बिस्तर उन लोगों के लिए आरक्षित होंगे जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।
गौरतलब है कि अदाणी समूह ने इससे पहले राजस्थान और गुजरात में भी इसी मॉडल पर सार्वजनिक-निजी अस्पताल संचालित किए हैं।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की भी घोषणा
अदाणी ने कहा कि बंगाल के भविष्य के निर्माण के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही अनिवार्य है। इसी भावना के तहत अदाणी समूह कुमारटुली घाट के पुनरुद्धार, बंगाल के कलाकारों को समर्पित विशेष दुर्गा पूजा कार्यक्रम, मां दुर्गा की विरासत को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के प्रयासों और ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के संरक्षण में सहयोग करेगा।
अदाणी का बंगाल से भावनात्मक जुड़ाव
अपने उद्यमी सफर को याद करते हुए अदाणी ने कहा कि 30 वर्ष पहले पश्चिम भारत का मुंद्रा उनकी पहली कर्मभूमि बना था। आज वह उसी विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना के साथ चाहते हैं कि पूर्व में बंगाल उनकी दूसरी कर्मभूमि बने। उन्होंने जोड़ा, 'बंगाल को गुजरात बनने की जरूरत नहीं है। बंगाल को अपने सबसे मजबूत स्वरूप में विकसित होना चाहिए — अपनी भौगोलिक स्थिति, बौद्धिक क्षमता, औद्योगिक विरासत और देश को दिशा देने की ऐतिहासिक क्षमता के आधार पर।' आने वाले वर्षों में यह निवेश बंगाल की आर्थिक प्राथमिकताओं और राजनीतिक इच्छाशक्ति, दोनों की कसौटी पर परखा जाएगा।