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जेएमएम सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है? भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा का बड़ा आरोप

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जेएमएम सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है? भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा का बड़ा आरोप

सारांश

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने जेएमएम सरकार पर सीधा आरोप लगाया — सीआईडी जांच में लीपापोती हो रही है और इसीलिए सीबीआई से डर है। सपा और कांग्रेस को भी उन्होंने कठघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने 11 अगस्त को जेएमएम सरकार पर सीआईडी जांच में लीपापोती का आरोप लगाया।
मिश्रा के अनुसार, मुख्यमंत्री के करीबी लोग जांच में संलिप्त दिख रहे हैं, इसीलिए सीबीआई जांच से सरकार बच रही है।
सपा पर सवाल — छात्रों के समर्थन में लोकसभा में तख्ती-फ्लैग्स लेकर विरोध क्यों नहीं किया?
रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद बंद का ऐलान किया गया था।
इस्कॉन मंदिर के ड्रेस कोड पर मिश्रा ने कहा — यह संस्था की निजी व्यवस्था है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा ने 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की सीआईडी जांच में लीपापोती की जा रही है, और इसीलिए राज्य सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच से बच रही है। उन्होंने जेएमएम पर तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया।

मुख्य आरोप: सीआईडी जांच में हेरफेर

मिश्रा ने कहा कि सीआईडी जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनमें मुख्यमंत्री के अत्यंत करीबी लोग शामिल दिख रहे हैं। उनके अनुसार, 'अगर सीबीआई जांच होगी तो सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।' यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक तापमान पहले से ही ऊँचा है।

सपा पर निशाना: लोकसभा में विरोध क्यों नहीं?

भाजपा सांसद ने समाजवादी पार्टी (सपा) को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया कि अगर सपा वास्तव में छात्रों के समर्थन में है, तो उसने इस मुद्दे को लोकसभा में तख्ती और फ्लैग्स के साथ क्यों नहीं उठाया। मिश्रा ने कहा, 'सपा को इस मुद्दे को लोकसभा में उठाना चाहिए था। इसका विरोध करना चाहिए था। अगर वो जेएमएम सरकार के विरूद्ध और छात्रों के समर्थन में हैं, तो सपा को तख्ती और फ्लैग्स लेकर सदन के अंदर जिस तरह से दूसरी चीजों का विरोध करते हैं, वैसे ही इसका भी विरोध करना चाहिए था।'

अभिजीत दिपके और सीजेपी पर सवाल

मिश्रा ने अभिजीत दिपके का नाम लेते हुए कहा कि उनके एजेंडे और उनके पीछे खड़ी ताकतें सबको ज्ञात हैं। उन्होंने कहा कि यदि दिपके रांची नहीं जा सकते, तो सीजेपी (CJP) से कोई और भी जा सकता था — और यह सब 'अपना चेहरा बचाने' की कोशिश मात्र है।

कांग्रेस के रवैये पर कटाक्ष

मिश्रा ने कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल पहले सदन में चर्चा की माँग करते हैं, लेकिन जब सत्तापक्ष की बारी आती है तो शोर मचाकर चले जाते हैं। उनके अनुसार, 'ये तो कांग्रेस पार्टी का स्वभाव रहा है कि वो कहकर बार-बार अपना रुख बदलते रहते हैं।'

इस्कॉन मंदिर के ड्रेस कोड पर प्रतिक्रिया

एक अलग सवाल के जवाब में मिश्रा ने इस्कॉन मंदिर के ड्रेस कोड विवाद पर कहा कि यह उस संस्था की निजी व्यवस्था है और उन्होंने अपनी परंपराओं के अनुकूल यह निर्णय लिया है। इस मामले में वे किसी बाहरी हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं दिखे।

गौरतलब है कि रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद झारखंड में बंद का ऐलान किया गया था, जिसने राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मचाई है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार और विपक्षी दल इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

'लीपापोती' का आरोप केवल राजनीतिक दावा ही रहेगा। दूसरी ओर, यदि सीएम के करीबी वाकई जांच के दायरे में हैं, तो सीबीआई जांच की माँग को जनहित में उचित ठहराया जा सकता है। यह प्रकरण झारखंड में सत्ता और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था के बीच की खाई को एक बार फिर उजागर करता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने जेएमएम सरकार पर क्या आरोप लगाए?
मिश्रा ने आरोप लगाया कि रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की सीआईडी जांच में लीपापोती हो रही है और मुख्यमंत्री के करीबी लोग इसमें शामिल दिख रहे हैं। इसीलिए जेएमएम सरकार सीबीआई जांच से बच रही है।
रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़ी माँगों को लेकर अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के विरोध में झारखंड में बंद का भी ऐलान किया गया।
मिश्रा ने सपा की आलोचना किस आधार पर की?
मिश्रा ने कहा कि यदि सपा वास्तव में छात्रों के समर्थन में है, तो उसे लोकसभा में तख्ती और फ्लैग्स लेकर इस मुद्दे का विरोध करना चाहिए था, जैसा वह अन्य मुद्दों पर करती है। उनके अनुसार, सपा की चुप्पी उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है।
अभिजीत दिपके और सीजेपी का इस विवाद से क्या संबंध है?
मिश्रा ने अभिजीत दिपके का नाम लेते हुए कहा कि उनके एजेंडे और उनके पीछे की ताकतें सबको पता हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि दिपके रांची नहीं जा सकते, तो सीजेपी से कोई और क्यों नहीं गया — और इसे 'चेहरा बचाने की कोशिश' बताया।
इस्कॉन मंदिर के ड्रेस कोड पर भाजपा सांसद का क्या कहना है?
मिश्रा ने कहा कि इस्कॉन मंदिर का ड्रेस कोड उस संस्था की निजी व्यवस्था है और उन्होंने अपनी परंपराओं के अनुरूप यह निर्णय लिया है। उन्होंने इस मामले में किसी बाहरी हस्तक्षेप का समर्थन नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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