22 अगस्त 2026
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झारखंड छात्र प्रदर्शन: जेएमएम के मनोज पांडे का भाजपा पर आरोप — 'कोचिंग माफिया और BJP नेता छात्रों को गुमराह कर रहे'

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झारखंड छात्र प्रदर्शन: जेएमएम के मनोज पांडे का भाजपा पर आरोप — 'कोचिंग माफिया और BJP नेता छात्रों को गुमराह कर रहे'

सारांश

झारखंड में JPSC-JSSC CGL परीक्षा विवाद नई करवट ले रहा है — जेएमएम और कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों की आड़ में BJP नेता और कोचिंग माफिया सड़क पर हैं। कोर्ट की अंतरिम रोक के बाद असली लड़ाई अब अदालत में होगी।

मुख्य बातें

जेएमएम नेता मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में छात्र कम, BJP नेता और कोचिंग माफिया अधिक थे।
झारखंड सरकार ने छात्रों की माँग पर 11वीं-13वीं JPSC और JSSC CGL परीक्षाएं रद्द की थीं।
माननीय न्यायालय ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
अगली अदालती सुनवाई 15 तारीख को निर्धारित; सरकार अपना पक्ष रखेगी।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने छात्रों से धैर्य रखने और सरकार पर भरोसा करने की अपील की।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता मनोज पांडे और झारखंड कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने 22 अगस्त को रांची में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए कि वह प्रदर्शनकारी छात्रों को भड़काने और गुमराह करने का काम कर रही है। दोनों नेताओं ने कहा कि छात्रों के नाम पर जो बयान सामने आ रहे हैं, वे दरअसल BJP नेताओं, छात्र संगठनों और कोचिंग माफिया की ओर से आ रहे हैं।

मनोज पांडे का आरोप: भीड़ में छात्र कम, BJP नेता अधिक

जेएमएम नेता मनोज पांडे ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के संदर्भ में कहा, 'उस भीड़ में छात्रों की संख्या बहुत कम थी। वहां BJP नेता बड़ी संख्या में मौजूद थे, साथ ही कुछ कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर और माफिया भी थे। छात्रों को गुमराह करने और गलत रास्ते पर ले जाने का काम सीधे भारतीय जनता पार्टी के राज्य कार्यालय से किया जा रहा है।'

पांडे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाना बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट कोई आदेश देता है, तो उसके लिए एक जनप्रतिनिधि और आदिवासी मुख्यमंत्री को अपशब्द कहना लोकतंत्र के खिलाफ है।

JPSC और JSSC परीक्षा रद्द — फिर कोर्ट का हस्तक्षेप

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने बताया कि झारखंड सरकार ने छात्रों के साथ तीन दौर की बैठकें कीं और उनकी माँग पर 11वीं-13वीं जेपीएससी (JPSC) तथा जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षाएं रद्द कर दीं। हालांकि, इसके बाद माननीय न्यायालय ने सरकार के इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अंतरिम आदेश है और सरकार अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखेगी। उन्होंने छात्रों से धैर्य रखने की अपील की।

सरकार का पक्ष: अगली सुनवाई पर टिकी नज़र

मनोज पांडे के अनुसार, यह मामले की पहली सुनवाई की तारीख थी और अगली सुनवाई 15 तारीख को निर्धारित है, जिसमें सरकार अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि किसी वकील के एक बयान के आधार पर हंगामा खड़ा करना जल्दबाजी है।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। राकेश सिन्हा ने दोहराया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और कोर्ट की प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हुए अपना जवाब दाखिल किया जाएगा।

आगे क्या होगा

अब सभी की नज़रें अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ सरकार JPSC और JSSC CGL परीक्षाएं रद्द करने के अपने फैसले का बचाव करेगी। छात्र संगठनों और विपक्ष दोनों की प्रतिक्रिया इस सुनवाई के नतीजे पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल वैध है कि प्रदर्शन में असली छात्रों की हिस्सेदारी कितनी थी और कोचिंग उद्योग के हित कहाँ तक जुड़े हैं। सरकार ने छात्रों की माँग मानकर परीक्षाएं रद्द कीं — यह राजनीतिक साहस था या जल्दबाजी, इसका जवाब कोर्ट की अगली सुनवाई देगी। असली परीक्षा यह है कि सरकार अदालत में अपने फैसले को कितनी मज़बूती से उचित ठहरा पाती है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्र प्रदर्शन किस मुद्दे पर हो रहा है?
छात्र JPSC (11वीं-13वीं) और JSSC CGL परीक्षाओं को रद्द करने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। झारखंड सरकार ने यह परीक्षाएं रद्द कर दीं, लेकिन अब न्यायालय ने उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जेएमएम ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
जेएमएम नेता मनोज पांडे ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन में असली छात्र कम और BJP नेता, कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर तथा माफिया अधिक थे। उनके अनुसार, छात्रों को गुमराह करने का काम BJP के राज्य कार्यालय से हो रहा है।
कोर्ट ने परीक्षा रद्द आदेश पर रोक क्यों लगाई?
न्यायालय ने सरकार के JPSC और JSSC CGL परीक्षाएं रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है। यह मामले की पहली सुनवाई थी; अगली सुनवाई में सरकार अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष रखेगी।
छात्रों की माँग पर सरकार ने क्या कदम उठाए?
झारखंड सरकार ने छात्रों के साथ तीन दौर की बैठकें कीं और उनकी माँग पर 11वीं-13वीं JPSC और JSSC CGL परीक्षाएं रद्द कर दीं। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा के अनुसार, सरकार ने छात्रों की माँगों पर पूरी गंभीरता से काम किया है।
राष्ट्र प्रेस
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