फलों-सब्जियों के 70,652 सैंपल में केवल 3.1% में FSSAI कीटनाशक सीमा उल्लंघन: संसद में सरकार का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को संसद में बताया कि पिछले तीन वर्षों में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फलों और सब्जियों के 70,652 नमूनों की जाँच की गई, जिनमें से मात्र 3.1 प्रतिशत नमूनों में कीटनाशक अवशेष भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित 'अधिकतम अवशेष सीमा' (MRL) से अधिक पाए गए। यह आँकड़ा कृषि उत्पादों की खाद्य सुरक्षा निगरानी में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय निगरानी परियोजना की भूमिका
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि कृषि और किसान कल्याण विभाग वर्ष 2005-06 से 'राष्ट्रीय स्तर पर कीटनाशक अवशेषों की निगरानी' (MPRNL) परियोजना संचालित कर रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत देशभर की 40 प्रयोगशालाओं से नमूने एकत्र किए जाते हैं।
परीक्षण रिपोर्टें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि विभागों के साथ साझा की जाती हैं, ताकि किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित और उचित उपयोग के बारे में जागरूक किया जा सके और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा सकें।
डिजिटल निगरानी: राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली
सरकार ने राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) भी शुरू की है — एक डिजिटल मंच जिसमें मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल शामिल हैं। यह प्रणाली कीड़ों की पहचान, निगरानी और विशेषज्ञ सलाह तक रियल-टाइम पहुँच की सुविधा देती है। मंत्री चौहान के अनुसार, यह प्रणाली पंजीकरण समिति द्वारा अनुमोदित कीटनाशकों का उपयोग केवल आवश्यकता होने पर और निर्धारित मात्रा में करने की सलाह देती है।
किसान प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान
कृषि मंत्रालय अपने 48 केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्रों (CIPMС) और टिड्डी-सह-केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्रों (LCIPMС) के माध्यम से जागरूकता और क्षमता-निर्माण कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
2021-22 से 2025-26 के बीच इन केंद्रों ने 1,353 'किसान फील्ड स्कूल' कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे 46,969 किसान लाभान्वित हुए। इसी अवधि में 680 दो-दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रमों से 37,664 किसानों को प्रशिक्षण मिला, जबकि कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग पर 2,384 अभियानों से 76,702 किसान जुड़े। इसके अतिरिक्त, 2,548 बीज उपचार अभियानों से 81,048 किसान लाभान्वित हुए।
बागवानी और राज्य-स्तरीय समितियाँ
सरकार बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर' (MIDH) भी लागू कर रही है, जिसमें फलों और सब्जियों का उत्पादन शामिल है। गौरतलब है कि 21 राज्यों ने कीटनाशक अवशेषों की निगरानी और एकीकृत कीट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए समर्पित समितियाँ गठित की हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य सुरक्षा और कृषि रसायनों के अत्यधिक उपयोग को लेकर उपभोक्ता जागरूकता तेज़ी से बढ़ रही है। आगे चलकर राज्य-स्तरीय समितियों की रिपोर्टें नीति-निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।