वैष्णो देवी ट्रैक पर दो अवैध टट्टू संचालक पकड़े, कटरा थाने में दो FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
रियासी पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को श्री माता वैष्णो देवी ट्रैक पर बिना वैध पोनी कार्ड के काम कर रहे दो टट्टू संचालकों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की। बाणगंगा चेक पॉइंट पर हुई इस कार्रवाई में काकरा गांव के राज सिंह और ठकराकोट गांव के अभिषेक सिंह को रोका गया और उनके पास अनिवार्य दस्तावेज़ नहीं मिले।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 15 अगस्त को आने वाले स्वतंत्रता दिवस से पहले त्रिकूट पहाड़ियों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी के तहत ट्रैक पर काम करने वाले पोनी, पिट्ठू (पोर्टर) और पालकी संचालकों की अचानक जाँच के लिए चेक पॉइंट स्थापित किए गए थे। दोनों आरोपियों को बाणगंगा पर रोककर उनके दस्तावेज़ों की जाँच की गई, जिसमें पोनी कार्ड अनुपस्थित पाया गया।
पुलिस की कार्रवाई
कटरा पुलिस स्टेशन में दोनों संचालकों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत दो पृथक एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पोनी व पालकी संचालन से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, विशेषतः उन क्षेत्रों में जहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
वैष्णो देवी तीर्थ: एक परिचय
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा क्षेत्र में त्रिकूट पर्वत पर 5,200 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल है। जम्मू शहर से लगभग 43 किलोमीटर दूर स्थित कटरा इस तीर्थ का बेस कैंप है। श्रद्धालु यहाँ से लगभग 12 से 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई कर मंदिर तक पहुँचते हैं, जहाँ गर्भगृह में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का प्रतिनिधित्व करने वाली तीन प्राकृतिक चट्टानी पिंडियों के दर्शन होते हैं।
यात्रियों के लिए पैदल मार्ग के अलावा पोनी सवारी, इलेक्ट्रिक ऑटो सेवा, पालकी और हेलीकॉप्टर सेवा के विकल्प उपलब्ध हैं। मंदिर का प्रबंधन 1986 में स्थापित श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा किया जाता है, जिसके पदेन अध्यक्ष उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा हैं।
आम यात्रियों पर असर
यह कार्रवाई उस समय हुई है जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। बिना लाइसेंस के संचालित टट्टुओं से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, क्योंकि अधिकृत संचालकों की जवाबदेही तय होती है। पुलिस की सख्ती से वैध संचालकों को राहत मिलने और यात्रा व्यवस्था में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों पर न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस ने संकेत दिया है कि स्वतंत्रता दिवस तक ऐसी अचानक जाँचें जारी रहेंगी। श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन मिलकर ट्रैक पर अनधिकृत संचालकों पर लगाम लगाने की कोशिश में हैं।