25 जुलाई 2026
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वैष्णो देवी यात्रा सात दिन बाद फिर शुरू, कटरा में 10,000 से अधिक श्रद्धालु RFID काउंटर पर उमड़े

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वैष्णो देवी यात्रा सात दिन बाद फिर शुरू, कटरा में 10,000 से अधिक श्रद्धालु RFID काउंटर पर उमड़े

सारांश

सात दिनों के निलंबन के बाद वैष्णो देवी यात्रा का पुनः आरंभ केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं — यह हजारों श्रद्धालुओं के धैर्य और आस्था की जीत है। कटरा में 10,000 से अधिक तीर्थयात्री RFID काउंटर पर उमड़ पड़े, जो बताता है कि रोक के बावजूद श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई।

मुख्य बातें

श्री माता वैष्णो देवी यात्रा सात दिनों के निलंबन के बाद 25 जुलाई को पुनः आरंभ हुई।
10,000 से अधिक श्रद्धालु RFID कार्ड के लिए काउंटर नंबर 2 पर एकत्र हुए।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
कटरा में दिन भर हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह अटूट रहा।
रोहतक से आए एक श्रद्धालु ने 15 दिनों की प्रतीक्षा के बाद दर्शन का मौका मिलने पर खुशी जताई।
अधिकारी आने वाले दिनों में यात्रा के सुचारू संचालन के लिए स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं।

श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र तीर्थयात्रा लगातार सात दिनों के निलंबन के बाद शनिवार, 25 जुलाई को पुनः आरंभ हो गई, जिससे कटरा में दिनों से प्रतीक्षारत हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिली। यात्रा के पुनः खुलते ही 10,000 से अधिक तीर्थयात्री अनिवार्य आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करने के लिए काउंटर नंबर 2 पर एकत्र हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह से ही काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं और श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। कटरा में दिन भर हल्की बारिश होती रही, जिसने मौसम को सुहावना बनाए रखा। पूरे शहर में "जय माता दी" के जयकारे गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।

यह ऐसे समय में आया है जब श्री माता वैष्णो देवी मंदिर भारत के सर्वाधिक दर्शनार्थियों वाले तीर्थस्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु माथा टेकने पहुँचते हैं।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन

भारी भीड़ के बावजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा। पंजीकरण प्रक्रिया और तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुचारू एवं व्यवस्थित रही। बारिश के बावजूद सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे और श्रद्धालुओं की हर संभव सहायता करते रहे।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

हरियाणा के रोहतक से आए एक श्रद्धालु ने कहा, 'हम रोहतक से आए हैं। हमने यहाँ 15 दिनों तक इंतजार किया और आज आखिरकार हमें माता रानी के दर्शन का मौका मिला। हम बहुत खुश हैं।'

एक अन्य श्रद्धालु, जो पहले भी 15 बार माता रानी के दरबार जा चुके हैं, ने इस यात्रा को अपनी जिंदगी की सबसे यादगार यात्रा बताया। उन्होंने कहा, 'मेरी खुशी को बयाँ करने के लिए शब्द नहीं हैं।'

एक तीसरे श्रद्धालु, जो 21 जुलाई से कटरा में रुके हुए थे और जिनकी वापसी 26 जुलाई को निर्धारित है, ने राहत व्यक्त करते हुए कहा, 'माता रानी की कृपा से अब आखिरकार मुझे उनके दर्शन करने का मौका मिल रहा है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह तीर्थयात्रा सच में फिर से शुरू हो पाएगी।'

आम श्रद्धालुओं पर असर

सात दिनों के निलंबन के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्री कटरा में ही रुके रहे। यात्रा के पुनः आरंभ होने से इन श्रद्धालुओं में नया उत्साह भर गया। गौरतलब है कि श्री माता वैष्णो देवी मंदिर प्रतिवर्ष लाखों दर्शनार्थियों को आकर्षित करता है और यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

क्या होगा आगे

अधिकारियों ने सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। जैसे-जैसे हजारों श्रद्धालु मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं, प्रशासन स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है, ताकि आने वाले दिनों में यात्रा निर्बाध रूप से जारी रह सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक श्रद्धालुओं का एक ही काउंटर पर एकत्र होना भीड़ प्रबंधन के बुनियादी ढाँचे पर सवाल उठाता है। जब तक पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल और विकेंद्रीकृत नहीं किया जाता, ऐसी भीड़ भविष्य में सुरक्षा जोखिम बन सकती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैष्णो देवी यात्रा सात दिनों तक क्यों बंद रही?
स्रोत में यात्रा निलंबन के सटीक कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। यात्रा 25 जुलाई को सात दिनों के निलंबन के बाद पुनः आरंभ हुई।
वैष्णो देवी यात्रा के लिए RFID कार्ड कहाँ से मिलता है?
तीर्थयात्री कटरा में स्थित पंजीकरण काउंटरों से अनिवार्य RFID कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। यात्रा पुनः शुरू होने के दिन काउंटर नंबर 2 पर 10,000 से अधिक श्रद्धालु उमड़े।
वैष्णो देवी यात्रा में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवान तैनात हैं, जो भीड़ प्रबंधन, पंजीकरण प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं। अधिकारी आने वाले दिनों में यात्रा की निगरानी जारी रखेंगे।
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर कहाँ स्थित है और कितने श्रद्धालु आते हैं?
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर के कटरा के निकट त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। यह भारत के सर्वाधिक दर्शनार्थियों वाले तीर्थस्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं।
यात्रा फिर शुरू होने के बाद कटरा में क्या स्थिति है?
यात्रा के पुनः आरंभ होते ही कटरा में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 25 जुलाई को हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह अटूट रहा और पूरे शहर में 'जय माता दी' के जयकारे गूंजते रहे।
राष्ट्र प्रेस
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