माता वैष्णो देवी यात्रा 2026: 50.70 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 2025 से 10.86 लाख अधिक
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में वर्ष 2026 में अब तक 50.70 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं — और यह आँकड़ा 22 जून 2026 को ही 50 लाख का ऐतिहासिक पड़ाव पार कर गया। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के अधिकारियों के अनुसार, यह संख्या वर्ष 2025 की इसी अवधि की तुलना में 10.86 लाख अधिक है, जो इस तीर्थस्थल के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था को रेखांकित करती है।
रिकॉर्ड तोड़ आँकड़े
वर्ष 2025 में 23 जून तक केवल 39.84 लाख तीर्थयात्री पवित्र गुफा मंदिर पहुँचे थे। इस वर्ष वही आँकड़ा 50.70 लाख तक पहुँच गया है — यानी साल-दर-साल 27.26% की उल्लेखनीय वृद्धि। अधिकारियों ने बताया कि यह वृद्धि देश-विदेश दोनों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी को दर्शाती है।
श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाएँ
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में SMVDSB ने श्रद्धालुओं के लिए सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने हेतु व्यापक प्रबंध किए हैं। इनमें बुनियादी ढाँचे का उन्नयन, आवास सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छता अभियान, भीड़ प्रबंधन प्रणाली, स्वास्थ्य सेवाएँ, बैटरी कार संचालन, रोपवे सेवाएँ और आपदा प्रबंधन तैयारियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, डिजिटल पहलों के ज़रिये ऑनलाइन पंजीकरण और यात्रा प्रबंधन को भी सुदृढ़ किया गया है।
आम श्रद्धालुओं पर असर
यात्रा प्रबंधन में सुधार का सीधा लाभ तीर्थयात्रियों को मिल रहा है। बेहतर भीड़ नियंत्रण और डिजिटल सुविधाओं के चलते प्रतीक्षा समय में कमी आई है, जबकि रोपवे और बैटरी कार सेवाओं ने बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की यात्रा को सुलभ बनाया है। गौरतलब है कि रियासी जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था — होटल, दुकानें, परिवहन — भी इस बढ़ती तीर्थयात्री संख्या से सीधे लाभान्वित हो रही है।
आगे क्या
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वर्ष के शेष महीनों में, विशेषकर नवरात्रि जैसे त्योहारी मौसम में, यात्रियों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है। यह प्रवृत्ति SMVDSB के लिए बुनियादी ढाँचे और भीड़ प्रबंधन पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है, ताकि बढ़ती माँग के बीच श्रद्धालुओं का अनुभव बाधित न हो।