वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड बैठक: LG मनोज सिन्हा ने चढ़ावे और दान प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार, 16 जुलाई को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कटरा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र में मंदिर को प्राप्त होने वाले चढ़ावे और दान के संपूर्ण प्रबंधन तंत्र की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे
बैठक में SMVDSB के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से और ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। उपस्थित प्रमुख सदस्यों में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज, बालेश्वर राय, डॉ. अशोक भान, सुधा मूर्ति, गुंजन राणा, डॉ. केके तलवार, कुलभूषण आहूजा, ललित भसीन और सुरेश कुमार शर्मा शामिल थे। उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी, बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार मौर्य भी बैठक में मौजूद रहे।
चढ़ावे और दान प्रबंधन की व्यापक समीक्षा
बैठक के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और उपयोग की चरणबद्ध समीक्षा की गई। एक विस्तृत प्रस्तुति में यह दर्शाया गया कि दान पेटियों, दान काउंटरों, ऑनलाइन प्लेटफार्मों और कीमती धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे के लिए सुदृढ़ संस्थागत तंत्र स्थापित किए गए हैं।
बोर्ड को सत्यापन प्रक्रियाओं, निगरानी तंत्र, बैंकिंग सुरक्षा उपायों और आवधिक लेखापरीक्षाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी वित्तीय लेनदेन निर्धारित बैंकिंग मानदंडों, वैधानिक प्रावधानों और भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं।
बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान
बोर्ड ने बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावों के भंडारण और प्रबंधन के लिए अपनाए गए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की सराहना की। इन धातुओं का सुरक्षित परिवहन, प्रसंस्करण और शोधन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और हैदराबाद स्थित भारतीय सरकारी टकसाल जैसे प्रतिष्ठित सरकारी-अनुमोदित संस्थानों के माध्यम से किया जाता है।
बोर्ड का संतोष और प्रतिबद्धता
विस्तृत समीक्षा के बाद बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्थाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता पर संतोष व्यक्त किया। बोर्ड ने यह भी रेखांकित किया कि भक्तों के पवित्र चढ़ावों का प्रबंधन उच्चतम स्तर की सत्यनिष्ठा, वित्तीय अनुशासन और जनविश्वास के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है। आने वाले समय में इन प्रणालियों को और सुदृढ़ करने की दिशा में बोर्ड प्रतिबद्ध है।