16 जुलाई 2026
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वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड बैठक: LG मनोज सिन्हा ने चढ़ावे और दान प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की

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वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड बैठक: LG मनोज सिन्हा ने चढ़ावे और दान प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बैठक में चढ़ावे, दान और बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन की समीक्षा की। बोर्ड ने RBI और सरकारी टकसाल के माध्यम से स्थापित पारदर्शी तंत्र पर संतोष जताया।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 16 जुलाई को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की बैठक की अध्यक्षता कटरा के आध्यात्मिक विकास केंद्र में की।
बैठक में दान पेटियों, काउंटरों, ऑनलाइन प्लेटफार्मों और बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे के प्रबंधन की व्यापक समीक्षा हुई।
सभी वित्तीय लेनदेन भारत सरकार के दिशानिर्देशों, वैधानिक प्रावधानों और बैंकिंग मानदंडों के अनुरूप किए जाते हैं।
बहुमूल्य धातुओं का प्रसंस्करण भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और हैदराबाद स्थित भारतीय सरकारी टकसाल के माध्यम से होता है।
बोर्ड ने मौजूदा पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता पर संतोष व्यक्त किया।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार, 16 जुलाई को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कटरा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र में मंदिर को प्राप्त होने वाले चढ़ावे और दान के संपूर्ण प्रबंधन तंत्र की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष ज़ोर दिया गया।

बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे

बैठक में SMVDSB के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से और ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। उपस्थित प्रमुख सदस्यों में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज, बालेश्वर राय, डॉ. अशोक भान, सुधा मूर्ति, गुंजन राणा, डॉ. केके तलवार, कुलभूषण आहूजा, ललित भसीन और सुरेश कुमार शर्मा शामिल थे। उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी, बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार मौर्य भी बैठक में मौजूद रहे।

चढ़ावे और दान प्रबंधन की व्यापक समीक्षा

बैठक के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और उपयोग की चरणबद्ध समीक्षा की गई। एक विस्तृत प्रस्तुति में यह दर्शाया गया कि दान पेटियों, दान काउंटरों, ऑनलाइन प्लेटफार्मों और कीमती धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे के लिए सुदृढ़ संस्थागत तंत्र स्थापित किए गए हैं।

बोर्ड को सत्यापन प्रक्रियाओं, निगरानी तंत्र, बैंकिंग सुरक्षा उपायों और आवधिक लेखापरीक्षाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी वित्तीय लेनदेन निर्धारित बैंकिंग मानदंडों, वैधानिक प्रावधानों और भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं।

बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान

बोर्ड ने बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावों के भंडारण और प्रबंधन के लिए अपनाए गए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की सराहना की। इन धातुओं का सुरक्षित परिवहन, प्रसंस्करण और शोधन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और हैदराबाद स्थित भारतीय सरकारी टकसाल जैसे प्रतिष्ठित सरकारी-अनुमोदित संस्थानों के माध्यम से किया जाता है।

बोर्ड का संतोष और प्रतिबद्धता

विस्तृत समीक्षा के बाद बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्थाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता पर संतोष व्यक्त किया। बोर्ड ने यह भी रेखांकित किया कि भक्तों के पवित्र चढ़ावों का प्रबंधन उच्चतम स्तर की सत्यनिष्ठा, वित्तीय अनुशासन और जनविश्वास के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है। आने वाले समय में इन प्रणालियों को और सुदृढ़ करने की दिशा में बोर्ड प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी सार्वजनिक प्रकटीकरण की है — बोर्ड की बैठकों में संतोष जताना पर्याप्त नहीं, जब तक वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और चढ़ावे के आँकड़े सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध न हों। देश के अन्य बड़े मंदिर बोर्डों पर उठे विवादों के मद्देनज़र, SMVDSB के लिए यह अवसर है कि वह पारदर्शिता को केवल आंतरिक प्रक्रिया तक सीमित न रखे, बल्कि उसे श्रद्धालुओं तक भी पहुँचाए। उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई यह समीक्षा प्रशासनिक सतर्कता का संकेत देती है, पर दीर्घकालिक जनविश्वास के लिए संस्थागत स्वायत्तता और बाह्य लेखापरीक्षा की भी दरकार है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की बैठक में क्या समीक्षा की गई?
16 जुलाई को हुई बैठक में मंदिर को प्राप्त होने वाले चढ़ावे और दान के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और उपयोग की व्यापक समीक्षा की गई। दान पेटियों, ऑनलाइन प्लेटफार्मों और बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
वैष्णो देवी में बहुमूल्य धातुओं के रूप में मिले चढ़ावे का क्या होता है?
बहुमूल्य धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावों का सुरक्षित परिवहन, प्रसंस्करण और शोधन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और हैदराबाद स्थित भारतीय सरकारी टकसाल जैसे सरकारी-अनुमोदित संस्थानों के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।
SMVDSB बैठक की अध्यक्षता किसने की और कौन-कौन उपस्थित थे?
बैठक की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। बैठक में सुधा मूर्ति, डॉ. अशोक भान, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज सहित बोर्ड के सदस्य और CEO सचिन कुमार वैश्य समेत वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत और ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे का प्रबंधन किन नियमों के तहत होता है?
चढ़ावे और दान से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन निर्धारित बैंकिंग मानदंडों, वैधानिक प्रावधानों और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं। आवधिक लेखापरीक्षाएँ और निगरानी तंत्र भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
SMVDSB बैठक में बोर्ड ने क्या निष्कर्ष निकाला?
विस्तृत समीक्षा के बाद बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्थाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता पर संतोष व्यक्त किया। बोर्ड ने भक्तों के चढ़ावों के प्रबंधन को उच्चतम वित्तीय अनुशासन और जनविश्वास के साथ जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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