क्या वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन हादसे की जांच समिति का गठन किया गया?

सारांश
Key Takeaways
- उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
- भूस्खलन के कारणों की विस्तृत जांच होगी।
- सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।
- राहत एवं बचाव कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।
- रिपोर्ट दो हफ्तों में प्रस्तुत की जाएगी।
श्रीनगर, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 26 अगस्त को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के निकट हुए भूस्खलन हादसे की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए एक उच्च स्तरीय तीन-सदस्यीय जांच समिति का गठन करने का निर्णय लिया है।
यह भयानक घटना न केवल तीर्थयात्रियों को प्रभावित किया, बल्कि स्थानीय प्रशासन पर भी गहरा असर डाला। इसीलिए, इस घटना की गहराई से जांच करने के लिए यह समिति गठित की गई है।
इस समिति की अध्यक्षता जल शक्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव शलीन काबरा करेंगे, जबकि इसके अन्य दो सदस्य जम्मू संभाग के मंडलीय आयुक्त और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक होंगे।
राजभवन, श्रीनगर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह समिति तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच करेगी।
पहला, यह घटना के कारणों की विस्तृत जांच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं कोई लापरवाही या चूक तो नहीं हुई।
दूसरा, घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों का मूल्यांकन होगा, जिससे यह समझा जा सके कि मौके पर क्या कदम उठाए गए थे।
तीसरा, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित मानक संचालन प्रक्रियाएं और सुरक्षा उपाय सुझाए जाएंगे।
यह समिति दो हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष, जो कि उपराज्यपाल स्वयं हैं, को सौंपेगी।
विशेष सचिव कृष्ण लाल द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गौरतलब है कि 26 अगस्त को जिला रियासी में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के एक हिस्से पर अचानक भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए और यात्रा कुछ समय के लिए बाधित रही।
यह घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं का एक समूह वैष्णो देवी भवन की ओर बढ़ रहा था। हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, एनडीआरएफ, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया।